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GST छापा पड़ने से परेशान व्यापारी ने की आत्महत्या, बेटे ने कहा- दो CA कर रहे थे रुपये की मांग
मध्यप्रदेश के इंदौर में कर सलाहकार और अनाज व्यापारी गोविंद अग्रवाल ने गुरुवार को अपने अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल से कूद आत्महत्या कर ली. हादसे के बाद परिजन उन्हें आनना-फानन में निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
GST रिटर्न फाइल करने वाले कारोबारियों के लिए राहत लेकर आया Gujrat HC का यह फैसला...
अहमदाबाद : अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को देश में लागू हुए दो साल पूरे हो गये हैं. क्रांतिकारी ''वन नेशन, वन टैक्स'' कई कानूनी मुद्दों का गवाह भी है, लेकिन धीरे-धीरे अब इसमें गिरावट भी आने लगी है. गुजरात हाई कोर्ट ने अभी हाल ही में आईटीसी से संबंधित जुलाई, 2017 से मार्च, 2018 तक के लिए जारी चालानों को लेकर फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के इस फैसले से कई करदाताओं को राहत मिलेगी.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर झारखंड सरकार को करनी होगी मेहनत, आर्थिक सर्वेक्षण ने पेश की भयावह तस्वीर
रांची : विश्व के सबसे युवा देश के कई राज्यों में तेजी से आबादी (Population) बढ़ रही है. ऐसे राज्यों में झारखंड (Jharkhand) के साथ-साथ बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) शामिल हैं. यहां टोटल फर्टिलिटी रेट (Total Fertility Rate या कुल प्रजनन दर) में अभी भी उतनी कमी नहीं आयी है, जितनी दक्षिण के राज्यों और पश्चिम बंगाल (West Bengal), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), पंजाब (Punjab), और महाराष्ट्र (Maharashtra) में. आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कहा गया है कि आगामी दो दशक में झारखंड (Jharkhand) की आबादी करीब 18 फीसदी की दर से बढ़ेगी. वर्ष 2041 में यहां की आबादी 4.46 करोड़ तक पहुंच जायेगी. इसी आधार पर सरकार को कई मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. देश के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में जो आंकड़े सामने आये हैं, वह झारखंड (Jharkhand) की भयावह तस्वीर पेश करते हैं.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर झारखंड सरकार को करनी होगी मेहनत, आर्थिक सर्वेक्षण ने पेश की भयावह तस्वीर
रांची : विश्व के सबसे युवा देश के कई राज्यों में तेजी से आबादी (Population) बढ़ रही है. ऐसे राज्यों में झारखंड (Jharkhand) के साथ-साथ बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) शामिल हैं. यहां टोटल फर्टिलिटी रेट (Total Fertility Rate या कुल प्रजनन दर) में अभी भी उतनी कमी नहीं आयी है, जितनी दक्षिण के राज्यों और पश्चिम बंगाल (West Bengal), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), पंजाब (Punjab), और महाराष्ट्र (Maharashtra) में. आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कहा गया है कि आगामी दो दशक में झारखंड (Jharkhand) की आबादी करीब 18 फीसदी की दर से बढ़ेगी. वर्ष 2041 में यहां की आबादी 4.46 करोड़ तक पहुंच जायेगी. इसी आधार पर सरकार को कई मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. देश के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में जो आंकड़े सामने आये हैं, वह झारखंड (Jharkhand) की भयावह तस्वीर पेश करते हैं.
'GST परिषद और वित्त आयोग के बीच में विचार-विमर्श करने की एक मैकेनिज्म होनी चाहिए'
भोपाल : 15वें वित्त आयोग के चेयरमेन एनके सिंह ने गुरुवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद और वित्त आयोग के बीच में विचार-विमर्श करने की एक व्यवस्था होनी चाहिए. इसके लिए हमने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से आग्रह किया है और उनकी ओर से सकारात्मक जवाब मिला है. जीएसटी से भविष्य में राज्यों को होने वाले नुकसान के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया कि जीएसटी का मामला वित्त आयोग से सीधे तरह से संबंधित नहीं है, क्योंकि जीएसटी परिषद एक संवैधानिक संस्था है. ...और वे स्वयं स्वायत्त रूप से अपना निर्णय देते हैं.