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The Lion King: 'माता-पिता के चले जाने के बाद ही उनकी सीख याद आती है'
मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान ने कहा कि वह सामान्यत: तो फिल्मों में नैतिक सीख की तलाश नहीं करते हैं लेकिन उनका मानना है ''द लायन किंग'' की कहानी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अभिभावक और बच्चे के बीच के अमूल्य संबंध पर बात करती है. इस फिल्म में 53 वर्षीय अभिनेता ने किंग मुफासा के लिए और उनके बेटे आर्यन ने मुफासा के बेटे सिम्बा के लिए अपनी आवाज दी है. उन्होंने कहा कि कोई अपने माता-पिता द्वारा दी गई शिक्षा को उनके जाने के बाद ही याद करता है. अभिनेता ने कहा कि वह निजी तौर पर फिल्मों में नैतिक शिक्षा की तलाश नहीं करते हैं और उसे विशुद्ध मनोरजंन की तरह देखते हैं. यह मनोरंजक फिल्म है क्योंकि यह संबंधों के बारे में चर्चा करती है. कई बार, जब बच्चे माता-पिता के साथ बड़े हो रहे होते हैं तो वह यह महसूस नहीं करते हैं कि उनके अभिभावक जो कह रहे हैं, वह आगे चलकर उनके काम आएगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर झारखंड सरकार को करनी होगी मेहनत, आर्थिक सर्वेक्षण ने पेश की भयावह तस्वीर
रांची : विश्व के सबसे युवा देश के कई राज्यों में तेजी से आबादी (Population) बढ़ रही है. ऐसे राज्यों में झारखंड (Jharkhand) के साथ-साथ बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) शामिल हैं. यहां टोटल फर्टिलिटी रेट (Total Fertility Rate या कुल प्रजनन दर) में अभी भी उतनी कमी नहीं आयी है, जितनी दक्षिण के राज्यों और पश्चिम बंगाल (West Bengal), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), पंजाब (Punjab), और महाराष्ट्र (Maharashtra) में. आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कहा गया है कि आगामी दो दशक में झारखंड (Jharkhand) की आबादी करीब 18 फीसदी की दर से बढ़ेगी. वर्ष 2041 में यहां की आबादी 4.46 करोड़ तक पहुंच जायेगी. इसी आधार पर सरकार को कई मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. देश के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में जो आंकड़े सामने आये हैं, वह झारखंड (Jharkhand) की भयावह तस्वीर पेश करते हैं.
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर झारखंड सरकार को करनी होगी मेहनत, आर्थिक सर्वेक्षण ने पेश की भयावह तस्वीर
रांची : विश्व के सबसे युवा देश के कई राज्यों में तेजी से आबादी (Population) बढ़ रही है. ऐसे राज्यों में झारखंड (Jharkhand) के साथ-साथ बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) शामिल हैं. यहां टोटल फर्टिलिटी रेट (Total Fertility Rate या कुल प्रजनन दर) में अभी भी उतनी कमी नहीं आयी है, जितनी दक्षिण के राज्यों और पश्चिम बंगाल (West Bengal), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), पंजाब (Punjab), और महाराष्ट्र (Maharashtra) में. आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कहा गया है कि आगामी दो दशक में झारखंड (Jharkhand) की आबादी करीब 18 फीसदी की दर से बढ़ेगी. वर्ष 2041 में यहां की आबादी 4.46 करोड़ तक पहुंच जायेगी. इसी आधार पर सरकार को कई मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. देश के आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में जो आंकड़े सामने आये हैं, वह झारखंड (Jharkhand) की भयावह तस्वीर पेश करते हैं.
Economic Survey 2019: शिक्षा के दम पर हासिल करेंगे 2030 का सतत विकास लक्ष्य
Union Budget 2019 Economic Survey: आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में सामाजिक अवसंरचना खासकर शिक्षा में निवेश के महत्व को रेखांकित किया गया है. समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसे विकास रणनीति की प्राथमिकता माना गया है.