6 results found for ''IPL 2013 match fixing''
सीएसआर स्वैच्छिक हो
संभवतः भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां लाभप्रद कंपनियों के लिए अनिवार्य है कि वे अपने टैक्स चुकाने के बाद लाभ का दो प्रतिशत ‘कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारियों’ (सीएसआर) पर व्यय करें. यह प्रावधान वर्ष 2013 के नये कंपनी कानून के अंतर्गत आया, जिसने सत्तावन साल पुराने वर्ष 1956 के कंपनी कानून की जगह ली.
मंदी की आहट : निर्माण क्षेत्र में ढाई लाख लोगों पर पड़ सकती है बेरोजगारी की मार
पटना : बीते पांच वर्षों में लगातार लड़खड़ाती रही कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री व रियल इस्टेट के कारोबार में अब आर्थिक मंदी की आहट दिखने लगी है. करीब पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही इन कंपनियों में आधी नौकरियों पर संकट आ गया है. 2013 के बाद से 2017 तक कभी नियमों के पेच, तो कभी बालू और अन्य संसाधनों की कमी से उत्पन्न हालात में अब जब 2018 के बाद से कुछ सुधार होने की संभावना बनी थी, तो अब आर्थिक मंदी दानव बन कर उभर रही है.
एक कानून के पहले शिकार बने लालू यादव, दूसरे के अनंत सिंह
पटना : भ्रष्टाचार और अपराध को लेकर जब-जब नयी पहल हुई, बिहार के नेता ही पहले शिकार हुए. 2013 में जब तत्कालीन केंद्र की मनमोहन सिंह की सरकार ने सजायाफ्ता राजनेताओं की सदस्यता समाप्त करने के लिए लाये गये आर्डिनेंस का पहला शिकार लालू प्रसाद हुए थे. चारा घोटाले में सजा मिलने के बाद उन्हें इसी कानून के तहत लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था. मालूम हो कि लालू प्रसाद की पार्टी राजद केंद्र की यूपीए 2 सरकार की प्रमुख अंग थी.
कन्याश्री योजना से 60 लाख बच्चियों को मिली है मदद : ममता बनर्जी
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया कि कन्याश्री योजना से अभी तक 60 लाख लड़कियों को मदद मिली है. कन्याश्री दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 2013 से इस योजना पर 7000 करोड़ रुपये खर्च किये हैं.
रांची : न लिफ्ट लगायी न ही जेनेरेटर पार्किंग में बनाया अवैध कमरा
एदलहातू के शिवम अपार्टमेंट में रह रहे 15 परिवारों की पीड़ा रांची : वार्ड-3 के एदलहातू में शिवम अपार्टमेंट बना हुआ है. जी प्लस थ्री के इस अपार्टमेंट में कुल 15 फ्लैट हैं. वर्ष 2013-14 में इस अपार्टमेंट में लोगों ने 30 से 40 लाख रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदा था और इसमें शिफ्ट हो गये. इसके बाद लोगों ने बिल्डर अनुज कुमार लाल से कहा कि चूंकि हम सबने लिफ्ट, जेनरेटर व अन्य सुविधा के लिए पैसे दिये हैं, इसलिए इसे जल्द से जल्द उन्हें ये सुविधाएं मुहैया करायी जायें. लेकिन, पिछले पांच साल से बिल्डर लोगों को केवल आश्वासन ही दे रहा है.
पटना : क्लिनिकल स्टैबलिशमेंट रूल तो बना, पर लागू नहीं
सभी नर्सिंग होमों को मानकों के आधार पर कराना था निबंधन पटना : छह साल बीत जाने के बाद भी राज्य में मरीजों के इलाज की सुविधा को बेहतर बनाने और संस्थानों के निबंधन के लिए क्लिनिकल स्टैबलिशमेंट एक्ट और रूल्स 2013 जमीन पर उतर नहीं पाया है. जबकि, इसके बाद आनेवाले रेरा कानून प्रभावी तरीके से काम कर रहा है. पर, क्लिनिकल स्टैबलिशमेंट रूल्स चिकित्सकों और आइएमए के भारी विरोध और कोर्ट के आदेश के बाद इसे ठंडे बस्ते में है. चिकित्सकों की आपत्ति है कि अगर इसके मानकों का पालन किया जाये तो कोई भी अकेला चिकित्सक नर्सिंग होम या क्लिनिक नहीं चला सकता है.