11 results found for ''73 percent of Indians''
लंबी बीमारी के बाद डॉ जगन्नाथ मिश्रा का निधन, बिहार में तीन दिन का शोक, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पटना : लंबे समय से बीमार चल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्रा का 83 वर्ष की आयु में दिल्ली के एक अस्पताल में सोमवार को निधन हो गया. मालूम हो कि उनकी पत्नी वीणा मिश्रा का पिछले साल जनवरी माह में गुड़गांव के मेदांता हॉस्पीटल में 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. जगन्नाथ मिश्रा अपने पीछे तीन बेटे और तीन बेटियों के साथ भरा-पूरा परवार छोड़ गये हैं.
महिला की गोली मारकर हत्या करने के मामले में 6 को उम्रकैद
जहानाबाद : बिहार के जहानाबाद जिले की एक अदालत ने करपी थाना अंतर्गत खलीलपुरा गांव में वर्ष 2004 में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने और एक अन्य व्यक्ति को घायल कर देने के मामले में शनिवार को छह अभियुक्तों को उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. अपर लोक अभियोजक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि त्वरित अदालत (द्वितीय) के न्यायाधीश विनय कुमार सिन्हा ने 2004 के करपी थाना कांड संख्या 73 में अभियुक्त राम जनम यादव, बिहारी यादव, कामेश्वर यादव, विजेंदर यादव, भीखर यादव एवं प्रमेश्वर यादव को आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है. ये सभी खलीलपुरा गांव निवासी हैं.
ह्यूमन राइट काउंसिल ने कराया दर्जनों को भोजन
भारत के 73 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ह्यूमेन राइट काउंसिल ने रानीगंज स्टेशन बस स्टैंड के बाहर बैठे भिखारियों को भोजन कराया. काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगजीत सिंह ने बताया कि इससे सदस्यों को काफी सुकून मिला.
गांधी और आजादी के मायने
हमारी अाजादी ने 73 वसंत देख लिये हैं. किसी मुल्क के इतिहास में इतना साल युवा होने की, कमर सीधा करने की अौर पंख खोल कर अासमान को थाहने की उम्र होती है. क्या अाप भीतर से महसूस करते हैं कि उत्साह में झूमता अपना देश बढ़ रहा है, धूल झाड़ता खड़ा हो रहा है अौर अासमान सर कर रहा है? या कि हम एक ऐसी अंधेरी सुरंग में पहुंच कर ठिठक गये हैं कि जिसके किसी सिरे से प्रकाश का कोई अाभास मिल नहीं रहा है; अौर रास्ता बदल लें हम ऐसी हिम्मत व हिकमत हम सबमें है नहीं.
कानून और भूस्वामी के बीच फंसी 73 हजार एकड़ जमीन, 58 सालबाद कोर्ट के फैसले पर टिकी है भूस्वामियों की नजर
पटना : राज्य में कानून व भूस्वामी के बीच 73 हजार 234 एकड़ सीलिंग जमीन का मामला फंसा है. लगभग 58 साल के बाद भी भूस्वामियों की कोर्ट के फैसले पर नजर है. विभिन्न न्यायालयों में सीलिंग जमीन से संबंधित 829 मामले लंबित हैं. सरकार द्वारा भूस्वामियों से सीलिंग एक्ट में ली गयी जमीन के खिलाफ एसडीओ कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है. सीलिंग एक्ट में निर्धारित 15 एकड़ से अधिक जमीन को सरकार ने अपने कब्जे में किया है. इसके बाद उक्त जमीन से भूस्वामियों का स्वामित्व समाप्त कर दिया गया. इसके बावजूद भूस्वामियों ने जमीन को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में गये हैं. अब इसे लेकर वो फैसले की आस में हैं. विभागीय सूत्रों के मुताबिक 73 हजार एकड़ इन जमीनों पर कहीं जमीन मालिकों का कब्जा है, तो कहीं-कहीं आवंटित जमीन पर भूमिहीनों का कब्जा है. भूमिहीनाें के बीच वितरण हुई सीलिंग जमीन : सीलिंग एक्ट से प्राप्त जमीन को सरकार ने भूमिहीनों के बीच वितरित कर दिया है. राज्य में भू-हदबंदी के अधीन लगभग तीन लाख 29 हजार 192 एकड़ जमीन अर्जित की गयी. अर्जित जमीन में से सुयोग्य श्रेणी के परिवारों के बीच दो लाख 59 हजार 274 एकड़ जमीन बांट दी गयी. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शेष जमीन बांटने के योग्य नहीं है. सरकार द्वारा भूमिहीनाें के बीच जमीन का पर्चा वितरण के बाद दबंगों द्वारा आवंटियों को उक्त जमीन से बेदखल कर दिया दिया गया. जमीन से हटाये गये भूमिहीन परिवारों को बसाने के लिए सरकार अभियान चला रही है. क्या है सीलिंग एक्ट जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के बाद 1961 में सीलिंग एक्ट लागू किया गया. कानून बनने के बाद एक परिवार को 15 एकड़ से ज्यादा सिंचित भूमि रखने का अधिकार नहीं है. असिंचित भूमि के मामले में यह रकबा 18 एकड़ तक है. कोर्ट वादों की रकवा संख्या (एकड़) अनुमंडल पदाधिकारी 176 22371 एडीएम 172 15802 डीएम 155 14097 प्रमंडलीय आयुक्त 13 1336 राजस्व पर्षद 51 2720 पटना हाइकोर्ट 188 10968 सुप्रीम कोर्ट 10 631 राज्यस्तरीय 64 5309 हजारों एकड़ इन जमीनों पर जमीन मालिकों का कब्जा है
देशीय भाषाओं के अंतरराष्ट्रीय वर्ष में खास है इस बार का विश्व आदिवासी दिवस, जानें...
हर साल 9 अगस्त का दिन ''विश्व के देशीय लोगों के अंतरराष्ट्रीय दिवस'' (International Day of the World’s Indigenous People) के रूप में मनाया जाता है. आम बोलचाल की भाषा में इसे ''विश्व आदिवासी दिवस'' के रूप में जाना जाता है.
कार्यों को जल्द पूरा करें: डीएम
हाजीपुर : जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. हर घर नल का जल योजना की प्रखंडवार समीक्षा करते हुए डीएम ने बचे कार्यों को जल्दी पूरा करने का निर्देश दिया. बताया गया कि राघोपुर प्रखंड में 152 वार्डों में कार्य जारी है. पातेपुर में 129 वार्डों का कार्य पूरा हो गया है. शेष वार्डों में काम बाकी है. जंदाहा में 73 वार्डों का काम पूरा हो चुका है.
रांची : लुप्त न हो जाये कैथी लिपि, चंद ही हैं जानकार
रांची : कचहरी स्थित पुराने बार भवन के सीलन भरे अौर तंग गलियारे से होते हुए उस बरामदे तक पहुंचा जा सकता है, जहां बमुश्किल से सात या आठ टाइपिस्ट अपने क्लाइंट के दस्तावेजों को टाइप करते देखे जा सकते हैं. इन्हीं टाइपिस्टों में दो खास व्यक्ति हैं कैलाश राम वर्मा (73 वर्ष) अौर दूसरे प्रो रामलाल साहू (52 साल). कचहरी में मौजूद टाइपिस्ट में ये दोनों ही हैं जो कैथी लिपि पढ़ अौर समझ सकते हैं. ये दोनों क्लाइंट के द्वारा कैथी लिपि में लाये गये दस्तावेजों का अनुवाद कर उसे टाइप कर उपलब्ध कराते हैं.
रांची : आठवीं बोर्ड की स्पेशल परीक्षा में 73 फीसदी परीक्षार्थी हुए पास
रांची : कक्षा आठवीं बोर्ड की स्पेशल परीक्षा का रिजल्ट शनिवार को जारी किया गया. रिजल्ट जैक अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद सिंह ने जारी किया. अप्रैल में कक्षा आठवीं बोर्ड की वार्षिक परीक्षा में फेल होनेवाले विद्यार्थियों के लिए स्पेशल परीक्षा ली गयी थी. जिसमें 73 फीसद पास घोषित किये गये.
पटना : मेंटेनेंस के अभाव में खराब पड़ी हैं शहर की सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें, अंधेरे में मुहल्ले
पटना : नगर निगम के 75 वार्डों की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों को रोशन करने के लिए 73 हजार स्ट्रीट लाइटें लगायी गयीं. मगर अब स्ट्रीट लाइट के बल्ब फ्यूज होने लगे हैं. इसके साथ ही वायरिंग में गड़बड़ी की वजह से बल्ब जल नहीं रहे हैं. यह स्थिति एक-दो वार्डों की नहीं है, बल्कि अधिकतर वार्डों की है. आलम यह है कि सैकड़ों की संख्या में बल्ब फ्यूज या खराब हैं. लेकिन, निर्धारित समय सीमा में फ्यूज बल्ब दुरुस्त नहीं किये जा रहे हैं.