6 results found for ''52 thousand plastic particles''
आकाश से बरस रही आफत, बंगाल में ठनका गिरने से 16 लोगों की हुई मौत, जुलाई में गयी थी 52 की जान
देश के साथ पश्चिम बंगाल में आसमानी बिजली गिरने से मरनेवालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि जुलाई में राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से कुल 52 लोगों की मौत हुई थी.
राज्यसभा में अगले साल अप्रैल में बहुमत के करीब होगा सत्तापक्ष
केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की अगुवाई वाले राजग को राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण तमाम विधेयकों को पारित कराने में जो मशक्कत करनी पड़ रही है, उससे निजात पाने के लिए सत्तापक्ष को अगले साल अप्रैल में उच्च सदन की रिक्त हो रही 52 सीटों पर चुनाव का इंतजार है.
बिहार पृथ्वी दिवस आज : बढ़ते तापमान से हो रही खतरनाक बीमारियां
पटना : पिछले 52 साल में बिहार के औसत तापमान में करीब डेढ़ से दो डिग्री का इजाफा हुआ है. बढ़ रहे तापमान से बिहार में रहस्यमयी बुखार मसलन चमकी और डेंगू जैसे बुखार और खतरनाक होते जा रहे हैं. इस बात का जिक्र ‘स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज’ में किया गया है.
चिकित्सक की अनुपस्थिति से नहीं बढ़ रहा प्रसव का आंकड़ा
जमुई : सदर अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति से प्रसव का आंकड़ा लक्ष्य के अनुरूप नहीं बढ़ रहा है. बीते फरवरी माह से अब तक हुए प्रसव कार्य पर नजर डालें तो फरवरी माह में 52, मार्च माह में 45, अप्रैल माह में 29, मई माह में 28, जून माह में 32 तथा जुलाई माह में 50 महिलाओं का प्रसव कराया गया. जो करीब 300 के आसपास है.
रांची : लुप्त न हो जाये कैथी लिपि, चंद ही हैं जानकार
रांची : कचहरी स्थित पुराने बार भवन के सीलन भरे अौर तंग गलियारे से होते हुए उस बरामदे तक पहुंचा जा सकता है, जहां बमुश्किल से सात या आठ टाइपिस्ट अपने क्लाइंट के दस्तावेजों को टाइप करते देखे जा सकते हैं. इन्हीं टाइपिस्टों में दो खास व्यक्ति हैं कैलाश राम वर्मा (73 वर्ष) अौर दूसरे प्रो रामलाल साहू (52 साल). कचहरी में मौजूद टाइपिस्ट में ये दोनों ही हैं जो कैथी लिपि पढ़ अौर समझ सकते हैं. ये दोनों क्लाइंट के द्वारा कैथी लिपि में लाये गये दस्तावेजों का अनुवाद कर उसे टाइप कर उपलब्ध कराते हैं.
पांच घंटे रोजाना बाइक चला कर लोगों को जागरूक कर रहे तबला वादक
लोग मुझे इस काम के लिए पागल कहते हैं. पत्नी भी बीच-बीच में ताना देती है, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. यह खूबसूरत दुनिया मुझे पहले मिली है. इसके बाद पत्नी और तमाम लोग. मैं अपना काम करता रहूंगा. कोलकाता के टॉलीगंज के रहने वाले 52 साल के शिबू दास का हौसला अब भी बुलंद है. उनकी मोटरसाइकिल बाकियों से बिल्कुल अलग है. मोटरसाइकिल चारों तरफ से विभिन्न पोस्टरों से पटी है.