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Terror Funding : हाफिज सईद पर तय नहीं हो सके आरोप, अगली सुनवाई 11 दिसंबर को
लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित जमाद-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद के वित्त पोषण के आरोप तय नहीं कर सकी क्योंकि अधिकारी आश्चर्यजनक रूप से शनिवार को इस हाई प्रोफाइल सुनवाई में एक सह-आरोपी को पेश करने में नाकाम रहे.
Ayodhya Verdict: पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट में चार नयी याचिकाएं दायर
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ करने वाले उच्चतम न्यायालय के नौ नवंबर के फैसले पर पुनर्विचार के लिए शुक्रवार को शीर्ष अदालत में चार नयी याचिकाएं दायर की गयीं.
बिहार को एनएच के लिए मिले 2828 करोड़ रुपये
पटना : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य में 326 किमी एनएच परियाेजनाओं के लिए करीब 2800 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं, जो पहले मंजूर किये गये 795 करोड़ रुपये से 2005 करोड़ अधिक हैं. यह रकम एनएच के विकास के लिए महाराष्ट्र के बाद किसी प्रदेश को मिली सबसे बड़ी राशि है. महाराष्ट्र को करीब तीन हजार करोड़ रुपये दिये गये हैं.
राजद के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था थी बदहाल : संजय सिंह
पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि ये आश्चर्य की बात है कि आज चरवाहा विद्यालय चलाने वाले लोग विश्वविद्यालयों के मुद्दे उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 1990 से लेकर 2005 तक राजद के कार्यकाल में बिहार में स्थापित चरवाहा विद्यालयों के शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता था. लिहाजा वे सभी शिक्षक पलायन कर गये थे.
विधायक का सफरनामा : फारवर्ड ब्लॉक की विधायक थी अब भाजपा की प्रत्याशी
निरसा में लाल झंडा भगवा हो गया है. फारवर्ड ब्लॉक से 2005 का चुनाव जीतनेवाली अपर्णा सेनगुप्ता ने इस वर्ष भाजपा का दामन थाम लिया. अपर्णा 2005 में चुनाव जीती थी और मंत्री भी बनी़ं हालांकि, बाद में उन्होंने फारवर्ड ब्लॉक छोड़ दी. भाजपा में शामिल हो गयीं. भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी बनी़ इस बार के चुनाव में निरसा सीट से अर्पणा सेनगुप्ता भाजपा की उम्मीदवार हैं.
विधायक का सफरनामा : फारवर्ड ब्लॉक की विधायक थी अब भाजपा की प्रत्याशी
निरसा में लाल झंडा भगवा हो गया है. फारवर्ड ब्लॉक से 2005 का चुनाव जीतनेवाली अपर्णा सेनगुप्ता ने इस वर्ष भाजपा का दामन थाम लिया. अपर्णा 2005 में चुनाव जीती थी और मंत्री भी बनी़ं हालांकि, बाद में उन्होंने फारवर्ड ब्लॉक छोड़ दी. भाजपा में शामिल हो गयीं. भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी बनी़ इस बार के चुनाव में निरसा सीट से अर्पणा सेनगुप्ता भाजपा की उम्मीदवार हैं.
Terror Funding : हाफिज सईद के खिलाफ पाक कोर्ट में चलेगा मुकदमा
मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता एवं प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोपों को लेकर अगले महीने यहां आतंकवाद निरोधी अदालत द्वारा अभियोग चलाया जायेगा. यह जानकारी एक अधिकारी ने शनिवार को दी.
झारखंड विधानसभा चुनाव : हर चुनाव में करीब 70 लाख लोग नहीं देते वोट, ये सूरत बदलनी चाहिए
रांची : झारखंड गठन के बाद हुए हर विधानसभा चुनावों में 70 लाख से अधिक मतदाता वोट नहीं देते. वर्ष 2005 के चुनाव में 76.34 लाख, वर्ष 2009 में 77.66 लाख तथा वर्ष 2014 में 70.01 लाख लोग एक तरह से चुनाव के प्रति उदासीन रहे. यानी 35 से 40 फीसदी लोगों की सरकार बनाने में कोई भागीदारी नहीं रही.
झारखंड विधानसभा चुनाव : हर चुनाव में करीब 70 लाख लोग नहीं देते वोट, ये सूरत बदलनी चाहिए
रांची : झारखंड गठन के बाद हुए हर विधानसभा चुनावों में 70 लाख से अधिक मतदाता वोट नहीं देते. वर्ष 2005 के चुनाव में 76.34 लाख, वर्ष 2009 में 77.66 लाख तथा वर्ष 2014 में 70.01 लाख लोग एक तरह से चुनाव के प्रति उदासीन रहे. यानी 35 से 40 फीसदी लोगों की सरकार बनाने में कोई भागीदारी नहीं रही.
आजसू, फिर जेवीएम से जीते थे, भाजपा से थी चुनौती अब खुद भाजपाई हुए नवीन, जानें हटिया विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
रांची : हटिया विधानसभा सीट से इस बार सीटिंग विधायक नवीन जायसवाल भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं. वह विधायक के रूप में हैट्रिक बनाने के लिए चुनावी मैदान में हैं. पिछली बार वह झारखंड विकास मोर्चा के टिकट से चुनावी मैदान में थे और जीत हासिल की थी. तब उनकी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की सीमा शर्मा थी. इस बार कांग्रेस की टिकट से अजय नाथ शाहदेव, झारखंड विकास मोर्चा की शोभा यादव व आजसू पार्टी के भरत कांशी चुनाव लड़ रहे हैं. राज्य गठन के समय हटिया के विधायक रामजी लाल सारडा थे. कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल शरण नाथ शाहदेव ने उन्हें 2005 में हरा कर हटिया विधानसभा सीट पर कब्जा किया था.
आजसू, फिर जेवीएम से जीते थे, भाजपा से थी चुनौती अब खुद भाजपाई हुए नवीन, जानें हटिया विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
रांची : हटिया विधानसभा सीट से इस बार सीटिंग विधायक नवीन जायसवाल भाजपा की टिकट पर मैदान में हैं. वह विधायक के रूप में हैट्रिक बनाने के लिए चुनावी मैदान में हैं. पिछली बार वह झारखंड विकास मोर्चा के टिकट से चुनावी मैदान में थे और जीत हासिल की थी. तब उनकी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की सीमा शर्मा थी. इस बार कांग्रेस की टिकट से अजय नाथ शाहदेव, झारखंड विकास मोर्चा की शोभा यादव व आजसू पार्टी के भरत कांशी चुनाव लड़ रहे हैं. राज्य गठन के समय हटिया के विधायक रामजी लाल सारडा थे. कांग्रेस प्रत्याशी गोपाल शरण नाथ शाहदेव ने उन्हें 2005 में हरा कर हटिया विधानसभा सीट पर कब्जा किया था.
पीएचइडी मंत्री पर गैर जमानती वारंट जारी
बिहार सरकार के पीएचइडी मंत्री विनोद नारायण झा को चुनाव आचार संहिता मामले में न्यायालय में उपस्थित नहीं होना मंहगा पड़ा. मामले में एसीजेएम प्रथम के न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है. श्री झा पर 2005 में पडौल विधानसभा चुनाव में भाज
बिहार सरकार के मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, जानें... क्या है मामला
मधुबनी : बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा को चुनाव आचार संहिता मामले में न्यायालय में उपस्थित नहीं होना महंगा पड़ा. उक्त मामले में एसीजेएम प्रथम के न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने गंभीरता से लेते हुए मंत्री विनोद नारायण झा के विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी किया है. विनोद नारायण झा पर 2005 ई में पडौल विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में पडौल थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में 10 नवंबर 2005 को पूजा के दौरान हो रहे नाच के स्टेज पर चढ़ कर अपने पार्टी के पक्ष में बिना अनुमति प्रचार करने एवं विजय होने पर इस स्टेज को सांस्कृतिक स्टेज बनवाने का बयान देने का आरोप है.
बिहार में 2005 के पहले गैर योजना मद में होता था बजट का 80 फीसदी खर्च : सुशील मोदी
पटना : बिहार प्रशासनिक सेवा संघ की आम सभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में 2005 के पहले वेतन, पेंशन व अन्य गैरयोजना पर कुल बजट का 80 फीसदी और विकास कार्यों पर मात्र 20 प्रतिशत खर्च होता था, जबकि अब 2 लाख करोड़ के बजट में योजना व गैरयोजना मद में करीब बराबर-बराबर खर्च का प्रावधान है. 2005-06 में कुल बजट में योजना व्यय 4,898.68 करोड़ की तुलना में गैरयोजना व्यय 17,669 करोड़ यानी तीन गुना से भी ज्यादा था.
सिमडेगा विधानसभा: विधायक विमला प्रधान को हैट्रिक लगाने से भाजपा ने ही टिकट काट कर वंचित कर दिया
सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विमला प्रधान को हैट्रिक लगाने से उनकी ही पार्टी ने टिकट काट कर वंचित कर दिया. विमला प्रधान यहां से दो बार जीत चुकी हैं. सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से विमला प्रधान पहली बार 2009 फिर 2014 में विधायक बनीं. 2005 में सिमडेगा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर नियेल तिर्की विधायक बने थे. 2009 के चुनाव में विमला प्रधान ने पहली बार
कांग्रेस की हैट्रिक को भाजपा ने रोका, फिर हैं दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने, जानें हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
2014 में भाजपा के मनीष जायसवाल ने 2005 व 2009 के चुनावों में कांग्रेस की लगातार दो जीत पर ब्रेक लगायी थी. इस बार भाजपा ने मनीष जायसवाल व कांग्रेस ने डॉ आरसी प्रसाद पर दांव लगाया है. हजारीबाग सीट 1951 में डबल कंस्टीच्युऐंसी के रूप में अस्तित्व में आयी थी. तब हजारीबाग सदर (सामान्य) सीट से राजा पार्टी जनक्रांति दल के कामाख्या नारायण सिंह और रामगढ़ (रिजर्व) सीट से मास्टर बिगन राम चुनाव जीत कर पहले विधायक बने थे. मतदान के बाद मतगणना 1952 में पूरा हुआ था.
कांग्रेस की हैट्रिक को भाजपा ने रोका, फिर हैं दोनों के प्रत्याशी आमने-सामने, जानें हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
2014 में भाजपा के मनीष जायसवाल ने 2005 व 2009 के चुनावों में कांग्रेस की लगातार दो जीत पर ब्रेक लगायी थी. इस बार भाजपा ने मनीष जायसवाल व कांग्रेस ने डॉ आरसी प्रसाद पर दांव लगाया है. हजारीबाग सीट 1951 में डबल कंस्टीच्युऐंसी के रूप में अस्तित्व में आयी थी. तब हजारीबाग सदर (सामान्य) सीट से राजा पार्टी जनक्रांति दल के कामाख्या नारायण सिंह और रामगढ़ (रिजर्व) सीट से मास्टर बिगन राम चुनाव जीत कर पहले विधायक बने थे. मतदान के बाद मतगणना 1952 में पूरा हुआ था.
Jharkhand Election : अब तक ऐसा रहा है पार्टियों का प्रदर्शन, चुनाव में पार्टियां बढ़ीं, प्रत्याशी घटे, देखें Video
रांची : झारखंड में अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. हर चुनाव में भाग लेने वाली पार्टियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन प्रत्याशियों की संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की गयी है. वर्ष 2005 में पहली बार झारखंड विधानसभा के लिए चुनाव हुआ था. उस चुनाव में 6 राष्ट्रीय दलों समेत 50 पार्टियां शामिल हुईं. निर्दलीयों की भी अच्छी-खासी संख्या थी. वर्ष 2009 में पार्टियों की संख्या बढ़कर 63 हो गयी और 2014 के चुनावों में यही संख्या 65 तक पहुंच गयी. 2005 में कुल 1390 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 2009 में 1491 लोग चुनाव के मैदान में उतारे गये या उतरे. इस बार प्रत्याशियों की संख्या पिछले चुनाव की तुलना में कुछ ज्यादा थी. वहीं, वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या घटकर 1217 रह गयी.
Jharkhand Election : अब तक ऐसा रहा है पार्टियों का प्रदर्शन, चुनाव में पार्टियां बढ़ीं, प्रत्याशी घटे, देखें Video
रांची : झारखंड में अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं. हर चुनाव में भाग लेने वाली पार्टियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन प्रत्याशियों की संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की गयी है. वर्ष 2005 में पहली बार झारखंड विधानसभा के लिए चुनाव हुआ था. उस चुनाव में 6 राष्ट्रीय दलों समेत 50 पार्टियां शामिल हुईं. निर्दलीयों की भी अच्छी-खासी संख्या थी. वर्ष 2009 में पार्टियों की संख्या बढ़कर 63 हो गयी और 2014 के चुनावों में यही संख्या 65 तक पहुंच गयी. 2005 में कुल 1390 उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि 2009 में 1491 लोग चुनाव के मैदान में उतारे गये या उतरे. इस बार प्रत्याशियों की संख्या पिछले चुनाव की तुलना में कुछ ज्यादा थी. वहीं, वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की संख्या घटकर 1217 रह गयी.
पिछले 40 साल से है भाजपा और झामुमो का वर्चस्व, चलता रहा है शह-मात का खेल, जानें चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. चक्रधरपुर ने कई कद्दावर आदिवासी नेता दिये हैं. वर्तमान विधायक शशिभूषण सामड़ का टिकट पार्टी (झामुमो) ने काट दिया. उनके स्थान पर 2005 के विधायक सुखराम उरांव को प्रत्याशी बनाया है. इनके सामने एक बार फिर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा आ गये हैं. प्रारंभ के दो चुनाव में यह सीट आंदोलनकारियों का नेतृत्व करनेवाले दल झारखंड पार्टी के कब्जे में रही. सुखदेव माझी 1952 में पहले विधायक बने थे.