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58 शिक्षकों को बांटा गया नियुक्ति पत्र
नगर भवन में 58 शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र बांटे गये. जिप अध्यक्ष सुशीला देवी एवं बरही विधायक मनोज यादव ने नियुक्ति पत्र का वितरण किया. मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी लुधी कुमारी समेत शिक्षा विभाग के कर्मी व बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे. 50 हिंदी शिक्षक, दो भूगोल एवं तीन अंग्रेजी के शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र दिये गये.
VIDEO: न्‍यूयॉर्क के सैलून में जब बजा ऋषि कपूर का सुपरहिट सॉन्‍ग 'मैं शायर तो नहीं...'
ऋषि कपूर इनदिनों कैंसर का इलाज करवाने के लिए न्‍यूयॉर्क में हैं. वे सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहते हैं और अपने ट्रीटमेंट और न्‍यूयॉर्क की फोटोज शेयर करते रहते हैं. इस बार उन्‍होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसे बेहद पसंद किया जा रहा है. एक्‍टर बाल कटवाने के लिए सैलून गये थे और वहां के लोगों ने उन्‍हें पहचानकर उनका हिंदी गाना ''मैं शायर तो नहीं...'' बजा दिया. ऋषि कपूर के इस वीडियो को देखकर फिल्‍ममेकर महेश भट्ट की पुरानी यादें ताजा हो गई है.
कजरी तीज : सुखी दांपत्य के लिए नीमड़ी मां की पूजा
भादो मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज मनायी जाती है, जिसे कजली तीज भी कहते हैं. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि इस बार 18 अगस्त को है. कजरी तीज मुख्यत: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत हिंदी भाषी क्षेत्रों में प्रमुखता से मनायी जाती है. हरियाली तीज, हरतालिका तीज की तरह कजरी तीज भी सुहागन महिलाओं के लिए अहम पर्व है. वैवाहिक जीवन की सुख और समृद्धि के लिए यह व्रत किया जाता है.
अर्द्धरात्रि को तृणमूल कार्यालयों में मनाया गया आजादी का जश्न
तृणमूल सुप्रिमो ममता बनर्जी के निर्देशानुसार मेयर सह जिला तृणमूल अध्यक्ष मेयर जितेंद्र तिवारी, राज्य के श्रम व विधि मंत्री मलय घटक ने 14 अगस्त की मध्य रात्रि को उषाग्राम स्थित हिंदी भवन परिसर के अग्निकन्या मंच पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी. कर्नल दिप्तांशू, पश्चिम
कश्मीर कवरेज के लिए बीबीसी हिंदी रेडियो ने बढ़ाया प्रसारण
बीबीसी हिंदी रेडियो की शाम की सभा 'दिन भर' 16 अगस्त से एक घंटे की होगी.
73वें स्वतंत्रता दिवस पर विश्व के नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी, इजरायल के बेंजामिन नेतन्याहू ने हिंदी में किया ट्वीट
नयी दिल्ली : विश्व के नेताओं ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बधाई दी और भारत को एक घनिष्ठ मित्र बताया. इस दौरान सबसे खास यह रहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी को हिंदी में ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि सभी भारतवासियों को इजरायल की ओर से स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
प्रभात खबर से इन बॉलीवुड स्टार्स ने कहा: भारत हमको जान से प्यारा है...
स्वतंत्रता दिवस, हर साल 15 अगस्त को पूरे भारत में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. यह हर भारतीय को एक नयी शुरुआत और एक नये युग की याद दिलाता है. भारत अपना 73वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है, जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है. यह केवल एक दिन या घटना नहीं है, बल्कि भारतीयों के लिए एक राष्ट्रीय त्योहार है. 15 अगस्त यानी देश की आजादी के दिन हिंदी सिनेमा के कई कलाकारों इस दिन से जुड़ी खास बातें प्रभात खबर के साथ साझा कीं.
Amazon असिस्टेंट अब हिंदी में भी करेगा आपसे बात
अमेजन इंडिया का मैसेजिंग असिस्टेंट अब हिंदी में भी उपभोक्ताओं से संवाद कर सकेगा. कंपनी ने बुधवार को इसकी घोषणा की. कंपनी ने एक बयान में कहा कि अब हिंदी को तरजीह देने वाले लाखों उपभोक्ता अपनी पसंदीदा भाषा में अपने सवालों के जवाब पा सकेंगे.
बॉलीवुड में भोजपुरी अभिनेताओं को कम आंका जाता है : देव सिंह
भोजपुरी सिने स्‍क्रीन यंग वर्सटाइल एक्‍टर देव सिंह ने हिंदी फिल्मों में भोजपुरी भाषा के इस्‍तेमाल के बाद बॉलीवुड कलाकारों द्वारा इसका मजाक बनाने की बात पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है. उन्‍होंने कहा है कि बिना रिस्‍पेक्‍ट भोजपुरी भाषा का हिंदी फिल्‍मों में इस्‍तेमाल दुर्भाग्‍यपूर्ण है. देव सिंह ने ये बातें अभी हाल ही में रिलीज हुई हिंदी फिल्‍म जबरिया जोड़ी के संदर्भ में कही जिसके अभिनेता सिद्दार्थ मल्‍होत्रा ने एक रेडियो शो में भोजपुरी भाषा की फिल्‍मों का मजाक बनाया था. सिद्धार्थ इससे पहले भी भोजपुरी की फिल्‍मों के लिए अभद्र टिपप्‍णी कर चुकी हैं. यही वजह है कि देव सिंह ने इस मामले में अपनी ओर से तीखी प्रतिक्रिया दी है.
नया नौ दिन, पुराना सौ दिन !
ओल्ड इज गोल्ड के समान हिंदी में कहावत है नया नौ दिन और पुराना सौ दिन. लोकसभा चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी के कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर निरंतर अड़े रहने से काफी गहमा गहमी रही जिससे अंत में सोनिया गांधी को ही फिर से इसकी बागडोर संभालनी पड़ी है.
बर्थडे: डॉक्‍टर को दिल दे बैठी थीं वैजयंती माला, जानें ये अनसुनी बातें
हिंदी सिनेमा ने अपने बीते 100 सालों में कई खूबसूरत और अद्भुत नायिकाओं से परिचय कराया. इन्‍हीं सुंदरतम नायिकाओं में एक नाम था वैजयंती माला का. इनकी खूबसूरती, नृत्‍यकला और अभिनय कौशल ने बॉलीवुड में इन्‍हें एक अलग ही मुकाम दिया. बॉलीवुड में आज तक इनको कोई दूसरा विकल्‍प कोई खोज नहीं पाया. इस सदाबहार अभिनेत्री का जन्‍म 13 अगस्‍त 1936 को चेन्‍नई के एक ब्राह्म्‍ण परिवार में हुआ था. उन्होंने करीब 2 दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया. अपने दौर के सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया.
हिंदी फिल्मों में 1980 के दशक तक नायक थे गांधीजी के मूल्यों से प्रभावित : नयी किताब का दावा
नयी दिल्ली : क्या आपको कभी इस बात पर हैरत नहीं हुई कि हिन्दी सिनेमा में 1980 के दशक तक फिल्मी नायक कनक-कामिनी के प्रलोभन से सदा बचने का प्रयास करता हुआ क्यों प्रतीत होता था? लंदन में रहने वाले लेखक और पत्रकार संजय सूरी के अनुसार इसके पीछे महात्मा गांधी की जनमानस पर पड़ी गहरी छाप थी. अपनी नयी किताब ‘‘ए गांधीयन अफेयर: इंडियाज क्यूरियस पोर्टेल ऑफ लव इन सिनेमा'''' में सूरी दावा करते हैं कि चाहे वो राज कपूर, शम्मी कपूर या देवानंद या फिर मनोज कुमार, वे सभी अपने चरित्रों में राष्ट्रपिता की छवि को उकेरने का प्रयत्न करते प्रतीत होते हैं. वे सांसरिक प्रलोभनों से लड़ते और जीतते ही दिखते हैं.
अन्य खेलों को भी मिले महत्व
अपने देश में हिंदी बोलने वालों को अंग्रेजी बोलने वाले हिकारत की नजरों से देखते हैं, ठीक वैसे ही ''क्रिकेट'' को अन्य देशी खेलों, हॉकी, फुटबॉल, बालीबॉल, कुश्ती, लंबी कूद, ऊंची कूद, तैराकी, एथलेटिक्स आदि स्पर्धात्मक खेलों और उनके खिलाड़ियों को कमतर करके देखा जाता है. क्रिकेट अंग्रेजों के औपनिवेशिक देशों जैसे भारत, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, आॅस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज आदि देशों में ही खेला जाता है.
Ayushmann Khurrana ने बताया National Award जीतने का अपना Secret
मुंबई : अभिनेता आयुष्मान खुराना का कहना है कि विश्वसनीय निर्देशकों के साथ काम करने की उनकी लालसा और हिंदी सिनेमा में नई तरह की कहानियों में काम करने से उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने में मदद की.
प्रभास से फैंस ने की हिंदी बोलने की डिमांड, 'बाहुबली' एक्‍टर बोले - 'जय हिंद'
प्रभास ने एस एस राजामौली की फिल्‍म ''बाहुबली'' से खासा लोकप्रियता हासिल की थी. प्रभास साउथ इंडस्‍ट्री के जानेमाने अभिनेता है लेकिन अब दुनियाभर में उनकी अच्‍छी खासी फैन-फ्लोविंग है. अब उनकी फिल्‍म साहो सिनेमाघरों में रिलीज को तैयार है. हाल ही में फिल्‍म का ट्रेलर रिलीज किया गया. इस ट्रेलर को बेहद पसंद किया जा रहा है. फिल्‍म में प्रभास धमाकेदार एक्‍शन करते नजर आयेंगे. फिल्‍म में श्रद्धा कपूर भी मुख्‍य भूमिका में हैं. ''साहो'' के लिए प्रभास ने हिंदी सीखी है.
रायगंज विश्वविद्यालय में संस्कृत की विशेष कक्षा शुरू
भारत की सबसे प्राचीन व समृद्ध भाषा है संस्कृत. भारत की इस प्राचीन भाषा को आज सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी संस्कृत के पठन-पाठन कार्य चल रहा है. देश की प्राचीन भाषा के संबंध में लोगों का ज्ञान होने जरुरी है. संस्कृत भाषा ने हिंदी व बांग्ला भाषा को समृद्ध किया है.
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले : ...तब मुझे मालूम हुआ कि मैंने अपने चेहरे पर कालिख पोती थी
रांची : ‘एक बार मैंने हिंदी के विरोध में आंदोलन किया था. हमने हिंदी भाषा का विरोध किया था. हमसे पूछा गया कि हमारे आसपास में हिंदी कहां है. काफी खोजने के बाद हमने पाया कि हमारे राज्य में दो जगह हिंदी है. रेलवे स्टेशन और पोस्ट ऑफिस. हम सब रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां हिंदी में लिखे शब्दों पर काली स्याही पोत दी. चुनाव जीतकर जब मैं पहली बार संसद पहुंचा, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने तब हिंदी पर कालिख नहीं पोती थी, मैंने अपने चेहरे पर कालिख पोत ली थी.’
राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार: अंधाधुन को मिला बेस्ट हिंदी फ़िल्म अवॉर्ड
आयुष्मा खुराना और विक्की कौशल को बांटना पड़ा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार, कीर्ति सुरेश बनीं बेस्ट एक्स्ट्रेस.
सुनो ब्राह्मण, कविता के कवि मलखान सिंह का निधन
प्रसिद्ध कवि मलखान सिंह का निधन आज सुबह चार बजे हो गया. इस संबंध में उनके परिजनों ने जानकारी दी है. कवि मलखान सिंह की पहचान हिंदी दलित साहित्य के प्रमुख स्तंभ में की जाती है. उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना ‘ सुनो ब्राह्मण’ कविता है जिसने कविता कहने के नये अंदाज को जन्म दिया.
विश्व आदिवासी दिवस 2019 : पश्चिम भारत में आदिवासी एकता
आदिवासी संभवतः हिंदी की सार्वजनिक दुनिया का सबसे उपेक्षित तबका है. यह विडंबनापूर्ण स्थिति है कि देश में आदिवासी दिवस मनानेवालों की संख्या बढ़ रही है, कई राज्यों ने 9 अगस्त को राजकीय या ऐच्छिक अवकाश भी घोषित कर दिया, लेकिन दूसरी तरफ आदिवासियों पर हो रहे हमले थम नहीं रहे. हमें समझना होगा कि आदिवासियों को बचाने का सवाल आदिवासीपन को बचाने से है.