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शर्त लगा कर अभ्यर्थियों को किया जा रहा वंचित
पटना : राज्य सरकार के रवैये के कारण राज्य के लाखों नौजवानों का शिक्षक बनने का सपना टूट रहा है. सरकार की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा में अजीबो-गरीब शर्त लगाने से कॉमर्स, सामाजिक विज्ञान सहित कई विषय के अभ्यर्थी आवेदन भरने से ही वंचित हो जा रहे हैं.
नैतिक व सामाजिक मूल्यों का ह्रास चिंतनीय : सीताराम शर्मा
अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन ने शनिवार को ‘मारवाड़ी की साख एवं उसकी पहचान’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया. संगोष्ठी का सभापतित्व सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सराफ ने किया. अपने स्वागत वक्तव्य में संतोष सराफ ने कहा कि हमारे पूर्वज अपने पारंपरिक मारवाड़ी गुणों का ध्यान रखते थे और अपनी जुबान पर कायम रहते थे.
प्रेम प्रसंग में नाबालिग साली ने जीजा संग गंगा में लगायी छलांग, पुलिस ने बुलायी NDRF टीम
बाढ़ : नालंदा जिले के लहरी थाना निवासी 28 वर्षीय शादीशुदा युवक रामप्रवेश कुमार को अपनी 16 वर्षीया नाबालिग साली वर्षा कुमारी से प्यार हो गया. इसके बाद दोनों ने साथ-साथ जीने-मरने की कसमें खायी और मोटी रकम लेकर दोनों घर से फरार हो गये. परिजनों ने दोनों की खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला. आखिरकार रामप्रवेश और वर्षा शनिवार की अहले सुबह बाढ़ के पुत्र वाहिनी गंगा घाट उमानाथ पहुंचे और दोनों ने सामाजिक बंधन और रिश्ते-नाते से निराश होकर पहले मंदिर के चारों ओर घूमा. फिर उसके बाद प्रेमी युगल ने एक-दूसरे को पकड़ कर गंगा में छलांग लगा दी.
बुर्का पहनना छोड़ रही हैं सऊदी की महिलाएं
रियाद : सऊदी अरब की महिलाएं व्यक्तिगत आजादी की अहमियत को तेजी से महसूस कर रही हैं और दुनिया के प्रगतिशील देशों की महिलाओं की कतार में आने को बेताब हैं. इस बेताबी में बेमतलब के सामाजिक प्रतिबंधों और प्रचलन को उन्होंने तोड़ना का साहस दिखाना शुरू कर दिया है. इसमें अबाया यानी बुर्का की खिलाफत भी शामिल है. ऐसी ही एक तस्वीर रियाद से आयी है. रियाद सऊदी अरब की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है.
पार्किंग शुल्क पर आज हो सकता है फैसला, मेयर ने कहा, हमारे अधिकार सीमित, मामूली जरूरतों के लिए भी हम विभाग पर निर्भर
रांची : नगर निगम के अधिकार और जवाबदेह प्रशासन प्रणाली को लेकर शुक्रवार को सामाजिक संस्था प्रजा ने रांची प्रेस क्लब में राज्य स्तरीय परिचर्चा का आयोजन किया. इसमें दिल्ली, मुंबई तथा बेंगलुरु म्यूनिसिपल मॉडल की तुलना रांची नगर निगम से करते हुए जनोपयोगी मामलों पर चर्चा की गयी.
संकट से दुनिया को बचाने के लिए जहर भी पीना जानते हैं
नगर भवन के जीर्णोद्धार के पश्चात नए लुक को देख निहाल शहरवासियों की शाम रंगीन हो गई. उद्घाटन समारोह में मंत्री के कार्यक्रम के बाद जैसे ही कवियों ने मंच संभाला, माहौल पूरी तरह बदल गया. हास्य-व्यंग्य के वाण जहां मंच से छूटने लगे वहीं सामाजिक व्यवस्था पर नश्तर भी चलने लगे. व्यंग्य रचनाएं एक तरफ मीठी चुभन का एहसास करा रही थी, तो दूसरी ओर हास्य रचनाएं लोटपोट करने के लिए विवश कर रही थी, जबकि देशभक्ति के भाव से लबरेज रचनाएं हृदय में राष्ट्रप्रेम का ज्वार उठा रही थी.
अपने मूल से रूबरू होने और उसे सम्मान देने का काल है पितृपक्ष
श्राद्ध. इस शब्द से मृत व्यक्तियों के लिए किया जाने वाले किसी कर्मकाण्ड का बोध होता है, और पितृपक्ष जो सामान्य जन में श्राद्ध के काल के रूप में प्रख्यात है, को मृत व्यक्तियों व पूर्वजों का पखवाड़ा समझ लिया जाता है, जो सही नहीं है. यह कर्म और पक्ष दरअसल अपनी जड़ों को पुष्ट करने की क्रिया और काल है. श्राद्ध दरअसल अपने अस्तित्व से, अपने मूल से रूबरू होने और अपनी जड़ों से जुड़ने, उसे पहचानने और सम्मान देने की एक सामाजिक मिशन, मुहिम या प्रक्रिया का हिस्सा थी, जिसने प्राणायाम, योग, व्रत, उपवास, यज्ञ और असहायों की सहायता जैसे अन्य कल्याणकारी सकारात्मक कर्मों और उपक्रमों की तरह कालांतर में आध्यात्मिक और धार्मिक चादर ओढ़ ली.
कौमी एकता की मिसाल है झारखंड का हुसैनाबाद, एजाज हुसैन अनुमंडलीय दुर्गापूजा के अध्यक्ष
हुसैनाबाद (पलामू) : सामाजिक वैमनस्यता के इस दौर में हुसैनाबाद अनुमंडल का दुर्गा पूजा सुकून देता है. हुसैनाबाद सार्वजनिक अनुमंडलीय दुर्गा पूजा हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है. दुर्गा पूजा को लेकर हुसैनाबाद कर्पूरी मैदान स्थित टाउन हॉल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार की अध्यक्षता में पिछले दिनों समिति की बैठक हुई. बैठक में सर्वसम्मति से हिंदू-मुस्लिम एकता को बनाये रखने व आपसी भाईचारा की बात करने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता व समाज सेवी एजाज हुसैन उर्फ छेदी खान को अध्यक्ष मनोनीत किया गया.
पटना : आइजीआइएमएस में बनेगा हेल्थ और साइंस कॉलेज
पटना : इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आइजीआइएमएस) अौर सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय राजधानी में हेल्थ और साइंस कॉलेज बनाने के लिए एक साथ काम कर रहा है.
गयाजी आनेवाले तीर्थयात्री विश्व के ब्रांड एंबेसडर : सुशील
कंचन, गया : गयाजी आनेवाले तीर्थयात्रियाें के लिए व्यवस्था में काेई कमी न रह जाये. सेवा व व्यवस्था ऐसी करें कि पिंडदानी अच्छा संदेश लेकर लाैटें, क्योंकि वे हमारे विश्व के ब्रांड एंबेसडर हैं. लेकिन, इसमें न सिर्फ शासन-प्रशासन, बल्कि सामाजिक संस्थाआें व आम नागरिकाें का सहयाेग अपेक्षित है. ये बातें गुरुवार की शाम पाैने पांच बजे विष्णुपद मंदिर के बाहरी कैंपस में पितृपक्ष मेला महासंगम 2019 का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन के दाैरान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार माेदी ने कहीं.
गया आनेवाले तीर्थयात्री विश्व के ब्रांड एंबेसडर : सुशील मोदी
उपमुख्यमंत्री ने पितृपक्ष मेल का किया उद्घाटन गया : गया आनेवाले तीर्थयात्रियाें के लिए व्यवस्था में काेई कमी नहीं रह जाये. सेवा व व्यवस्था ऐसी करें कि पिंडदानी अच्छा संदेश लेकर लाैटें, क्योंकि वे हमारे विश्व के ब्रांड एंबेसडर हैं. लेकिन, इसमें न सिर्फ शासन-प्रशासन, बल्कि सामाजिक संस्थाआें व आम नागरिकाें का सहयाेग अपेक्षित है.
वृद्धाश्रम बन कर है तैयार, पर उद्घाटन का इंतजार
रजौली : प्रखंड कार्यालय परिसर में बच्चों से सताये या किस्मत के मारे बूढ़े-बुजुर्गों की देखभाल को वृद्धा आश्रम भवन बन कर तैयार है. 20 बेडों का वृद्धा आश्रम भवन बनने के साथ ही इसमें बिजली के लिए वायरिंग भी की जा चुकी है. प्रखंड के लाचार बुजुर्ग इस तैयार वृद्धा आश्रम भवन के उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, भवन निर्माण होने के डेढ़ वर्ष बाद इसे सामाजिक सुरक्षा कोषांग को नहीं सौंपा जा सका है.
सामाजिक आंदोलन के पुरोधा थे पूर्व मंत्री मेहता
हाजीपुर : सिर्फ वैशाली ही नहीं बल्कि बिहार में समाजवादी आंदोलन के पुरोधा रहे पूर्व मंत्री तुलसी दास मेहता का गुरुवार को निधन हो गया. वे लगभग 96 वर्ष के थे. वे राजद के कद्दावार नेता माने जाते थे. उनकी छवि, कर्मठता व सादगी का लोहा विरोधी दलों के नेता भी मानते थे.
PM Modi ने देश को दी तीन योजनाओं की सौगात, झारखंड के नये विधानसभा भवन का किया उद्‌घाटन
रांची : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड की राजधानी रांची से गुरुवार को देश को तीन योजनाओं की सौगात दी. उन्होंने कहा कि हर भारतीय को सामाजिक सुरक्षा का कवच देने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है. झारखंड की सबसे बड़ी पंचायत (विधानसभा) के अपने भवन का लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री ने बिरसा आबा की धरती से प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, व्यापारी और स्वरोजगारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना का शुभारंभ किया. साहेबगंज मल्टी मॉडल टर्मिनल का उद्घाटन करके झारखंड को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ दिया. प्रधानमंत्री ने तीन साल में 462 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थापना से जुड़ी योजना की शुरुआत की, तो झारखंड सचिवालय का शिलान्यास भी किया.
मोदी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनायेंगे भाजयुमो कार्यकर्ता
ठाकुरगंज : भाजयुमो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाने के लिए देश भर में व्यापक तैयारियां की है. इस मौके पर 14 से 20 सितंबर तक सेवा सप्ताह मनाया जायेगा. इसके तहत विभिन्न सामाजिक व सेवा के कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा.
आजादी के वर्षों बाद भी सिरिसियां में एक सड़क नहीं
बड़हरा : प्रखंड की एकवना पंचायत के सिरिसियां ग्राम को आजादी से लेकर अबतक गांव से मुख्य मार्ग को जोड़ने के लिए एक सड़क नसीब नहीं हुई है, जिसके लिए स्थानीय ग्रामीणों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूमि चिह्नित कर संपर्क पथ का निर्माण कराये जाने की मांग बीडीओ से लिखित रूप से की है.
उगना रे मोर कतय गेला नाटक का हुआ मंचन
साहित्य अकादमी नई दिल्ली व ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय विश्व परिवेश में मैथिली भाषा व साहित्य विषयक संगोष्ठी के समापन सत्र में सामाजिक, संस्कृतिक व साहित्य झेत्र की उन्रति में अनवरत क्रियाशील सृजन दर्पण के ऊर्जावान रंगकर्मियों ने मैथिल कोकिल महाकवि विद्यापति की रचना ''उगना रे मोर कतय गेला'' पर बेहतरीन नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया. शिवभक्त विद्यापति की भाव विह्वल दशा व उगना के बिछड़ जाने के बाद उन की करुण पुकार से दर्शकों की आंखें नम हो गयी. नाटक की सूत्रधार रही मुन्नी ने बताया कि प्रेम की ताकत सबसे बड़ी ताकत होती है.
यात्री गाड़ी के ठहराव के लिए की भूख हड़ताल
शेखपुरा : सामाजिक न्याय व एकता मंच की ओर से शेखपुरा रेलवे स्टेशन पर यात्री गाड़ी के ठहराव की मांग को लेकर भूख हड़ताल किया गया. मंच के अध्यक्ष प्रो राजेंद्र यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने स्टेशन के सामने दिनभर का भूख हड़ताल किया.
सामाजिक विद्रुपताओं के मार्मिक चित्र उकेरती है नीरज नीर की 'दर्द न जाने कोई' कहानी, पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली रचना...
रांची : हमारा समाज अच्छे-बुरे लोगों से भरा पड़ा है. कहीं अच्छे लोगों का बोलबाला है, तो कहीं बुरे लोगों की भी कमी नहीं है. आम तौर पर समाज के भले मानुष विपत्तिकाल में एक-दूजे का सहारा बनते हैं, मगर समाज के मतलब परस्त और खुर्राट लोग मौके की ताक में लगे रहते हैं. समाज में घटित होने वाली घटनाएं समाचार जगत के लिए जितना महत्वपूर्ण हो जाती हैं, उससे कहीं अधिक समाज के दर्पण साहित्य के लिए उपयोगी हो जाती हैं. साहित्य समाज की विद्रुपताओं पर अपनी पैनी नजर रखता है और फिर उसका सही विश्लेषण कर पाता है. झारखंड की राजधानी रांची के कहानीकार ''नीरज नीर'' ने सामाजिक विद्रुपताओं के चित्र को उकेरते हुए ''दर्द न जाने कोई'' कहानी गढ़ी है. पढ़ें पूरी कहानी...
19 को फिर आयेंगे भागवत, करेंगे सांगठनिक बैठक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत एक माह के अंदर दूसरी बार 19 सितंबर को कोलकाता आ रहे हैं. यहां 22 सितंबर तक चार दिवसीय प्रवास के दौरान आरएसएस के प्रांतों : उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल, सिक्किम, पूर्व ओड़िशा और पश्चिम ओड़िशा के प्रांत पदाधकारियों के साथ बैठक करेंगे. बैठक में मंडल स्तर तक शाखा विस्तार, आरएसएस की सामाजिक भूमिका, सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या के बदले स्वरूप, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने, एनआर