15 results found for ''शब्द''
Arun Jaitley ने क्याें जलाया था इंदिरा गांधी का पुतला?
देश में आपातकाल घोषित होने के बाद 26 जून, 1975 की सुबह अरुण जेटली ने लोगों के एक समूह को इकट्ठा किया और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का पुतला जलाया. उनके शब्दों में आपातकाल के खिलाफ वह ''पहले सत्याग्रही'' थे. इसके बाद उन्हें एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया और वह 1975 से 1977 तक 19 महीने की अवधि के लिए जेल में रहे.
असिस्टेंट प्रोफेसर को एबीवीपी के छात्र नेताओं ने दी जान से मारने की धमकी
गिरिडीह : गिरिडीह कॉलेज के बीएड विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर भागवत राम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ छात्र नेताओं ने जान से मारने की धमकी दी है. घटना मंगलवार की है. प्रो. राम ने बताया कि 20 अगस्त को कॉलेज परिसर स्थित एनसीसी ऑफिस के समीप आधा दर्जन छात्र नेताओं ने उन्हें रोक लिया और बोलने लगे कि बीएड विभाग की पूर्व एचओडी प्रो. विनीता कुमारी का नोटिफिकेशन रद्द करवाने में उनका हाथ है. भागवत राम का कहना है कि छात्र नेताओं की बात सुन वह बीएड कार्यालय की ओर बढ़ने लगा, तभी एक युवक ने उन्हें रोक गंदी-गंदी गालियां दीं और जातिसूचक शब्द का प्रयोग करते धमकाना शुरू कर दिया.
पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद डीजीपी ने दी श्रद्धांजलि, कहा जिन अपराधियों ने हमला किया उन्हें जल्द जवाब मिलेगा
छपरा (सारण) : डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बुधवार को छपरा पुलिस लाइन में दोनों शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी. डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा. अपराधियों की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. कानून क्या चीज है, अपराधियों को जल्द पता चल जायेगा.
पटना : अब आरएसएस का आरक्षण पर निशाना : दीपंकर भट्टाचार्य
पटना : भाकपा-माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि तीन तलाक के अपराधीकरण, अनुच्छेद 370 के निरस्तीरकण और जम्मू-कश्मीर में सर्वनाश के उपरांत आरएसएस ने अब अपना ध्यान आरक्षण की ओर मोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि पहले कोड शब्द आरक्षण की समीक्षा थी, अब नया कोड शब्द बातचीत है. यानी इसके जरिये संघ गिरोह आरक्षण को खत्म कर देने की चालें चल रहा है. आरक्षण के खिलाफ भाजपा-आरएसएस द्वारा थोपे गये इस युद्ध का मुकम्मल जवाब दिया जायेगा.
ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी पाये जाने पर दर्ज होगा आपराधिक मामला
शरत सदन में आयोजित प्रशासनिक बैठक के शुरू होते ही शहर की बदहाल स्थिति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा पूर्व मेयर रथीन चक्रवर्ती, मंत्री सह मध्य हावड़ा के विधायक अरूप राय पर फूट पड़ा. हालांकि सीएम ने निगम आयुक्त विजिन कृष्णा को साफ शब्दों में कहा कि बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी में कौन है, यह मुझे नहीं पता.
Panglossian: मंदी को लेकर RBI गवर्नर ने जो नया शब्द सुझाया है, उसका मतलब जानते हैं आप?
देश में मंदी की चर्चा है. भारतीय अर्थव्यवस्था के साल 2018 में सुस्त रहने की वजह से भारत को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ा है. भारत के सिर से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है. अर्थव्यस्था की दृष्टि से भारत सातवें पायदान पर पहुंच गया है.
#WorldPhotographyDay तसवीरें जो मन को सुकून देंगी...
एक तसवीर वह बात कहने में सक्षम होती है जो सौ शब्द नहीं कह पाते. यह बात आज भी उतनी ही सही और प्रमाणिक है जितनी की पहले रही होगी. आज विश्व ‘फोटोग्राफी डे’ पर हम आपके लिए लेकर आये हैं कुछ ऐसी ही तसवीर जो ना सिर्फ आपका मन मोह लेंगी बल्कि आपके दिल को सुकून भी देंगी. गौर करने वाली बात यह है कि हमने कुछ ऐसे लोगों की तसवीरें भी शामिल की है, जो पेशेवर रूप से फोटोग्राफर नहीं हैं, लेकिन उनकी तसवीरें बहुत कुछ कहती हैं.
भोजपुर : गुंजन जनता के पक्ष में खड़े साहित्यकार
आरा : नागरी प्रचारिणी सभागार में रविवार को वरिष्ठ आलोचक, कवि और संपादक रामनिहाल गुंजन के सम्मान समारोह का आयोजन हुआ. इसकी शुरुआत गायक नागेंद्र पांडेय द्वारा गुंजन जी के गायन से हुई. मान-पत्र का पाठ और सत्र का संचालन सुधीर सुमन ने किया. जितेंद्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और रामनिहाल गुंजन को जनता के पक्ष में खड़ा साहित्यकार बताया. पहले सत्र ''शब्द-यात्रा और सम्मान'' को संबोधित करते हुए बनारस से आये अवधेश प्रधान ने कहा कि राजनीति समझती है कि उसने वक्त की बागडोर संभाल रखी है, पर साहित्य-संस्कृति की विरासत उससे बहुत बड़ी है.
रानी मिस्त्रियों को प्रोत्साहित करने स्लम बस्ती पहुंचे अधिकारी, बंधवायी राखी
प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत अभियान जैसे कार्यक्रमों में अब सिर्फ पुरुष कारीगरों (राज मिस्त्रियों) का ही आधिपत्य नहीं है बल्कि अब महिला कारीगर (रानी मिस्त्रियां) भी निर्माण कार्यों में अपना हुनर दिखाते हुए अपना योगदान दे रही हैं. झारखंड में रानी मिस्त्री शब्द नया नहीं रह गया है. अब बड़ी संख्या में रेजा महिलाएं कारीगर का काम सीख कर रानी मिस्त्री बन रही हैं. जिससे न केवल उनका कौशल संवर्धन हो रहा है बल्कि उनकी आय भी बढ़ रही है.
प्रभात खबर स्थापना दिवस समारोह : छपे हुए शब्द ही सर्वाधिक प्रभावशाली
प्रभात खबर की 35वीं वर्षगांठ पर राजधानी रांची के होटल रेडिशन ब्लू में समारोह का आयोजन किया गया़ समारोह में वक्ताओं ने अपनी-अपनी बातें रखीं़ विशेष कर यह बात सामने आयी कि आज सूचना के कई माध्यम होने के बाद भी छपे हुए शब्द ही ज्यादा प्रभावशाली होते हैं़ उनकी विश्वसनीयता आज भी लोगों के बीच मजबूती के साथ कायम है़ इसलिए जरूरी है कि अखबार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सोच समझ कर लिखें ताकि आम लोगों पर उसका गहरा प्रभाव बना रहे़
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले : ...तब मुझे मालूम हुआ कि मैंने अपने चेहरे पर कालिख पोती थी
रांची : ‘एक बार मैंने हिंदी के विरोध में आंदोलन किया था. हमने हिंदी भाषा का विरोध किया था. हमसे पूछा गया कि हमारे आसपास में हिंदी कहां है. काफी खोजने के बाद हमने पाया कि हमारे राज्य में दो जगह हिंदी है. रेलवे स्टेशन और पोस्ट ऑफिस. हम सब रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां हिंदी में लिखे शब्दों पर काली स्याही पोत दी. चुनाव जीतकर जब मैं पहली बार संसद पहुंचा, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने तब हिंदी पर कालिख नहीं पोती थी, मैंने अपने चेहरे पर कालिख पोत ली थी.’
प्रभात खबर की 35वीं वर्षगांठ : बोले उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, मीडिया को देश की सकारात्मक राजनीति का वाहक बनना होगा
प्रभात खबर की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय समारोह की शुरुआत आज उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने की. अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि झारखंड प्रदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र के कार्यक्रम में शामिल होकर मैं हर्ष का अनुभव कर रहा हूं. आपकी उपलब्धि आपकी निष्ठा को दर्शाती है. भारतीय पत्रकारिता के लिए यह शुभ संदेश है. तीन दशकों में आपने जनता का विश्वास हासिल किया है. अब इस अखबार का आंदोलन रेडियो और ऑनलाइन मीडिया से भी जुड़ गया है. मीडिया की स्वतंत्रता को मौलिक स्वतंत्रता माना गया . महात्मा गांधी ने कहा था ‘मीडिया की स्वतंत्रता जरूरी है.’ देश की आजादी में माडिया की अहम भूमिका है. नेताओं ने इसे आंदोलन से जोड़ा. अखबार के पन्नों में ही यह दिखता है. नये माध्यम आयेंगे लेकिन लिखित शब्दों का महत्व है.
हम मुसलमान हैं और डर शब्द हमारी डिक्शनरी में नहीं हैः पाकिस्तान विदेश मंत्रालय
एक सवाल के जवाब में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये बात कही है.
जनकवि थे तुलसीदास : डॉ इंदुशेखर
तुलसी के साध्य राम की भक्ति है, पर साधन है उनकी कविता. तुलसी कविता की परिभाषा देते हुए कहते हैं कि कविता वह है जो बुद्धिमानों को संतुष्ट करती है, आम आदमी का मनोरंजन करती है व तात्कालिक समस्याओं का समाधान करती है. तुलसी दास, जप-तप व योग पर भरोसा नहीं करते,अपितु सुमिरन पर. तुलसी के राम सबके लिए हैं विशेषकर उनके राम छूटे-छिटके लोगों की चिंता करते हैं. तुलसीदास शब्द विवेकी हैं.
#MeToo के किसी भी आरोपी संग काम नहीं करेंगी दीपिका पादुकोण, दिया ये जवाब
दीपिका पादुकोण को लेकर पिछले दिनों खबरें थी कि वह लव रंजन की आनेवाली फिल्‍म का हिस्‍सा बन सकती हैं. इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दीपिका का विरोध शुरू हो गया था. ट्विटर पर #NotMyDeepika हैशटैग ट्रेंड करने लगा था. लेकिन अब अभिनेत्री ने साफ शब्‍दों में कह दिया है कि वे लव रंजन की फिल्‍म का हिस्‍सा नहीं बनेंगी. दरअसल डायरेक्‍टर लव रंजन पर एक महिला ने यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाया था. उनके फैंस नहीं चाहते थे कि दीपिका #MeToo के आरोपी लव रंजन के साथ काम करें.