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Google पर भारत ने 2019 में क्या-क्या Search किया? जानें...
दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल (Google) ने ''इयर इन सर्च 2019'' (Year In Search 2019) जारी कर दिया है. इसमें इस साल के टॉप ट्रेंड्स के बारे में बताया गया है.
Jharkhand Polls 2019 : उम्र के 70 साल पूरे होने के बाद झारखंड में कोई नहीं लड़ना चाहता चुनाव!
रांची : क्या यह सच है कि उम्र के 70 साल पूरे करने के बाद झारखंड में लोगों की चुनाव लड़ने की दिलचस्पी खत्म हो जाती है! झारखंड इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवारों के शपथ पत्र का जो विश्लेषण किया है, उससे तो ऐसा ही लगता है. 70 साल से अधिक उम्र के सिर्फ 3 उम्मीदवार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
Jharkhand Polls 2019 : उम्र के 70 साल पूरे होने के बाद झारखंड में कोई नहीं लड़ना चाहता चुनाव!
रांची : क्या यह सच है कि उम्र के 70 साल पूरे करने के बाद झारखंड में लोगों की चुनाव लड़ने की दिलचस्पी खत्म हो जाती है! झारखंड इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने झारखंड विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के उम्मीदवारों के शपथ पत्र का जो विश्लेषण किया है, उससे तो ऐसा ही लगता है. 70 साल से अधिक उम्र के सिर्फ 3 उम्मीदवार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
नागरिकता संशोधन विधेयक: कोर्ट में चुनौती दिए जाने की स्थिति में क्या होगा?
यह सुप्रीम कोर्ट की एक परीक्षा होगी और पूरे विश्व की नज़रें टिकी होंगी. पढ़ें क़ानून के जानकार फ़ैज़ान मुस्तफ़ा का क्या है कहना?
नागरिकता संशोधन विधेयक: शिवसेना राज्यसभा में बीजेपी का खेल बिगाड़ पाएगी?
शिवसेना का बदलता रुख़ और जेडीयू में विरोध के स्वर. क्या राज्यसभा में बीजेपी का गणित गड़बड़ाएगा.
जब खाया नहीं जाता, तो इतना तीखा खाते क्यों हैं हम?
मिर्च का इस्तेमाल करने में भारत, थाइलैंड, फिलीपींस और मलेशिया सबसे आगे हैं.
'आज कल के लइकी के फेरा...' पर महिला सिपाहियों ने लगाये ठुमके, जाने क्या है मामला? ...देखें वीडियो
सीतामढ़ी : पुलिस केंद्र मैदान में 459 ट्रेनी महिला सिपाहियों के लिए मंगलवार का दिन खास था. आईजी ने ट्रेनिंग पूरी करनेवाली 459 ट्रेनी महिला सिपाहियों को शपथ दिलायी. शपथ ग्रहण के बाद वरीय अधिकारियों के विदा होने के बाद महिला सिपाही अपनी खुशी को रोक नहीं सकीं. महिला सिपाहियों के ठुमके का वीडियो वायरल होने लगा है.
#RISAT2BR1 की ये है खासियत: अंतरिक्ष में भारत की खुफिया आंख, आतंकियों की खैर नहीं
नयी दिल्ली : भारत बुधवार को यानी आज आसमान में अपने एक नये उपग्रह रीसैट-2बीआर1 को लॉन्‍च करने जा रहा है जो भारतीय सीमाओं की सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही खास बताया जा रहा है. इस उपग्रह की खासियत की बात करें तो इसकी फेहरिस्त लंबी है. आइए आपको हम बतातें हैं आखिर इस उपग्रह को भारत का खुफिया उपग्रह क्यों कहा जा रहा है और इसकी खास बातें क्या हैं...
देख लीजिए दो सिर वाला सांप, चमत्कार ही है, लोग पिला रहे दूध और...
कोलकाता: आपने अक्सर दो मुंह वाले सांप की कहानी अपनी नानी से सुनी होगी, लेकिन क्या आपने कभी इसे वास्तव में देखा है. नहीं देखा तो आज हम आपको दिखाते हैं. ऐसा सांप पश्‍चिम बंगाल में मिला है जिसकी चर्चा हर किसी की जुबान पर है.
अलविदा 2019: PM मोदी के इस ट्वीट को मिले सबसे अधिक लाइक और रि-ट्वीट, आपने देखा क्या
वर्ष 2019 अपने अंतिम पड़ाव से कुछ कदमों की दूरी पर है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के बारे में कि भारत में इस साल किस ट्वीट को सबसे ज्यादा लाइक मिला और री-ट्वीट किया गया.
अलविदा 2019: PM मोदी के इस ट्वीट को मिले सबसे अधिक लाइक और रि-ट्वीट, आपने देखा क्या
वर्ष 2019 अपने अंतिम पड़ाव से कुछ कदमों की दूरी पर है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के बारे में कि भारत में इस साल किस ट्वीट को सबसे ज्यादा लाइक मिला और री-ट्वीट किया गया.
CAB पर राहुल गांधी का बड़ा बयान, जानिए विधेयक पर क्या कहा
नागरिकता संसोधन विधेयक लोकसभा से पारित हो गया. लेकिन तमाम विपक्षी पार्टियां इस बिल का पुरजोर विरोध कर रही हैं. केवल विपक्षी पार्टियां ही नहीं बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के अन्य हिस्सों से भी इस बिल के विरोध में आवाज उठने का सिलसिला जारी है. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि ये विधेयक भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है जिसमें लिखा है कि भारत एक विविधतापूर्ण, पंथनिरपेक्ष राष्ट्र होगा.
निर्भया गैंग रेप के दोषी बिहार के अक्षय ने SC में दी पुनर्विचार याचिका, जानें क्या कहा
नयी दिल्ली : निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के चार मुजरिमों में से एक दोषी बिहार के औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के लहंगकर्मा गांव निवासी अक्षय कुमार सिंह उर्फ अक्षय ठाकुर ने मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. अक्षय ने तर्क दिया है कि मौत की सजा पर अमल अपराध को नहीं, बल्कि सिर्फ अपराधी को मारता है.
निर्भया गैंग रेप के दोषी बिहार के अक्षय ने SC में दी पुनर्विचार याचिका, जानें क्या कहा
नयी दिल्ली : निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड के चार मुजरिमों में से एक दोषी बिहार के औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के लहंगकर्मा गांव निवासी अक्षय कुमार सिंह उर्फ अक्षय ठाकुर ने मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार के लिए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. अक्षय ने तर्क दिया है कि मौत की सजा पर अमल अपराध को नहीं, बल्कि सिर्फ अपराधी को मारता है.
नागरिकता संशोधन क़ानून क्या 'आइडिया ऑफ़ इंडिया' के ख़िलाफ़ है?- नज़रिया
नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर एक आरोप ये भी है कि यह भारत की बुनियाद के ख़िलाफ़ है. बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद के शेषाद्रि चारी का नज़रिया.
व्यवस्था पर दाग हैं मुठभेड़ें
ज्यादातर पुलिसकर्मी मुठभेड़ों में हिस्सा नहीं लेना चाहते. इस वजह से भारत में पुलिसकर्मियों की एक विशिष्ट श्रेणी सामने आयी है, जिसे ‘मुठभेड़ विशेषज्ञ’ अथवा ‘निशानेबाज’ कहा जाने लगा है. यह दूसरा शब्द गलत ही इस्तेमाल किया जाता है. पहले हम यह देखें कि आखिर मुठभेड़ है क्या. यह एक ऐसा सरकारी कृत्य है, जिसके अंतर्गत व्यक्तियों को हिरासत में लेकर फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया जाता है.
हमारी राजनीतिक दुर्दशा
आज के भारत की राजनीतिक जमात प्राचीन समय में फ्रांस में उस दौर की याद दिला रही है, जब वहां पड़ी भयंकर अकाल में जनता भूखों तिल-तिलकर मरने लगी थी. जनता के कुछ प्रतिनिधि फ्रांस की तत्कालीन महारानी से उस कारुणिक स्थिति को बताने के लिए गये. दरबार में एक व्यक्ति डरते-डरते महारानी से कहा कि ''महारानी साहिबा! भयंकर अकाल पड़ा हुआ है, रोटी न मिलने से लोग मर रहे हैं.'' फ्रांस की महारानी चहककर बोली ''लोग रोटी के लिए क्यों मर रहे हैं?
CAB: असम समझौता और इनर लाइन परमिट क्या है
गृहमंत्री अमित शाह का दावा, पूर्वोत्तर की सामाजिक, भाषाई और सांस्कृतिक पहचान कायम रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
नागरिकता संशोधन विधेयक का राज्य सभा में क्या होगा, लोकसभा जितनी आसान नहीं है डगर
लोकसभा से इस विधेयक को पास कराने के बाद बीजेपी इसे राज्यसभा में भी पास कराना चाहती है.
Supreme Court से निर्भया का दोषी बोला- दिल्ली में हवा से यूं ही मर रहे, फिर फांसी क्यों?
निर्भया कांड के एक दोषी अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में सजा को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है. इस याचिका में उसने कई अजीबोगरीब तर्क देते हुए सजा-ए-मौत से राहत की मांग की है. अक्षय ने अपनी याचिका में कहा कि दिल्ली की हवा और पानी में वैसे ही इतना प्रदूषण है कि लोग ज्यादा नहीं जी पा रहे हैं, तो फिर मौत की सजा की क्या जरूरत है?