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एक एइएस व चार संदिग्ध मरीज और भर्ती
भागलपुर : जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, मायागंज में रविवार को भी बुखार व एइएस से ग्रस्त पांच बच्चों को भर्ती करवाया गया. इसमें चिकित्सक ने केवल मोनिका को ही एइएस का मरीज बताया, जबकि अन्य बच्चों में बुखार के लक्षण की आशंका जतायी.
प्रारंभिक अवस्था में समुचित इलाज से बचायी जा सकती है चमकी बुखार से जान
अररिया : चमकी बुखार यानी एइएस को लेकर शुक्रवार का आयोजित कार्यशाला में जहां उपस्थित डाक्टरों को रोग के लक्षणों की पहचान व आवश्यक उपचार की जानकारी दी गयी. वहीं बताया गया कि हालांकि जिले में अब तक ऐसा एक भी केस सामने नहीं आया है. पर जिला स्वास्थ्य विभाग किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. सदर अस्पताल के साथ साथ पीएचसी में भी आवश्यक दवाओं का पूरा स्टॉक उपलब्ध है.
एइएस पीड़ित बच्ची की मौत मोरवा के तीन बच्चों में लक्षण
प्रखंड के लाटवसेपुरा में गुरुवार की देर रात में मनोज कुमार पासवान की पुत्री डौली कुमारी (3) की मौत इलाज के दौरान समस्तीपुर सदर अस्पताल में हो गयी. चिकित्सा प्रभारी डा. विजय कुमार ने बताया कि बच्ची को अचानक बुखार आया था. मुखिया रंजीत पटेल ने बताया कि परिजन ने बच्ची में चमकी बुखार के लक्षण बताये हैं.
बिहार में तबाही मचाने वाले चमकी बुखार से निबटने के लिए रिसर्च जरूरी, मिल सकती है मधुमेह की नयी दवा
रांची : बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में इस वर्ष अब तक 117 बच्चों की जान ले चुके चमकी बुखार से निबटने के लिए रसर्च जरूरी है. यह बीमारी कच्चा लीची खाने से होती है, जिसमें रोगी का शुगर लेवल घट जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है. यह कहना है राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) के मेडिसीन विभाग के प्रोफेसर डॉ संजय कुमार सिंह का.
बिहार में तबाही मचाने वाले चमकी बुखार से निबटने के लिए रिसर्च जरूरी, मिल सकती है मधुमेह की नयी दवा
रांची : बिहार के मुजफ्फरपुर जिला में इस वर्ष अब तक 117 बच्चों की जान ले चुके चमकी बुखार से निबटने के लिए रसर्च जरूरी है. यह बीमारी कच्चा लीची खाने से होती है, जिसमें रोगी का शुगर लेवल घट जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है. यह कहना है राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) के मेडिसीन विभाग के प्रोफेसर डॉ संजय कुमार सिंह का.
चमकी बुखार का लक्षण मिलने पर दो बच्चों को इलाज के लिए लाया गया सदर अस्पताल
सुपौल : मुजफ्फरपुर के बाद जिले में भी चमकी बुखार का खौफ लोगों को डराने लगा है. सदर अस्पताल में बुधवार को संदिग्ध चमकी बुखार से पीड़ित दो बच्चे को भर्ती कराया गया. क बच्चे का प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिये दरभंगा रेफर कर दिया गया. दूसरा बच्चा सदर अस्पताल में इलाजरत है.
चमकी बुखार से एक की मौत, एक रेफर
चमकी बुखार से पांच साल की एक बच्ची की मौत हो जाने का मामला सामने आया है. मृतका की पहचान बेलाराही गांव निवासी सदाय के पांच वर्षीय पुत्री शीला कुमारी के रूप में की गयी है़ वहीं एक अन्य मरीज में भी चमकी बुखार होने का लक्षण पाया गया. जिसे प्राथमिक उपचार के बाद दरभंगा रेफर कर दिया गया है.
तीन और बच्चों में मिला लक्षण
उत्तर बिहार में बच्चों के बीच जानलेवा बना चमकी बुखार(एइएस) अब जिले में भी अपना प्रभाव दिखा रहा है. बुधवार को तीन बच्चों में चमकी बुखार का लक्षण पाया गया, जिसका उपचार सदर अस्पताल के एइएस वार्ड में चल रहा है.
AES : क्या है चमकी बुखार?, क्या हैं संभावित कारण और लक्षण, ...जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
नयी दिल्ली : बिहार के मुजफ्फरपुर क्षेत्र के बच्चों पर कहर बनकर टूट रहा चमकी बुखार (एक्यूट एनसिफेलाइटिस सिंड्रोम) तंत्रिका संबंधी गंभीर बीमारी है, जो मस्तिष्क में सूजन पैदा करती है. एईएस के लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, भ्रम की स्थिति, गर्दन में अकड़न और उल्टी शामिल है. यह बीमारी ज्यादातर बच्चों और नाबालिगों को निशाना बनाती है और इससे मौत भी हो सकती है.
लू के बाद पकरीबरावां में डायरिया का प्रकोप
पकरीबरावां : प्रखंड मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में लू के कहर के साथ-साथ डायरिया का प्रकोप दिखने लगा है. मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पकरीबरावां में लगभग आधा दर्जन से अधिक डायरिया से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया. इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ एम जुबेर व डॉ अभिषेक राज सहित अन्य चिकित्सकों ने स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों के इलाज के लिए डटे रहे. बताते चलें कि देर रात को ही तीन रोगियों को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. इनमें डायरिया के लक्षण पाये गये. इसके बाद से इलाके में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हाइ अलर्ट जारी किया गया.
कड़ी धूप में न निकलें, लू का लक्षण लगे तो तुरंत चिकित्सक से करें संपर्क : डीएम
जमुई : जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने मंगलवार को सदर अस्पताल का जायजा लिया. इस दौरान डीएम श्री कुमार ने अस्पताल के पूछताछ केंद्र, नियंत्रण कक्ष, आपातकालीन कक्ष, प्रसव कक्ष, शल्य कक्ष, विभिन्न जांच घर, केंद्रीय भोजन घर, नवजात शिशु इकाई केंद्र, अधिकारियों का कार्यालय कक्ष सहित रोगी भर्ती वार्ड का भी जायजा लिया.
पूर्णिया में चमकी बुखार से पीड़ित एक बच्ची की गयी जान, सदर अस्पताल से दो बच्चे रेफर
पूर्णिया : पूर्णिया में चमकी के लक्षण से ग्रसित एक बच्ची की मौत हो गयी, जबकि दो बच्चे को सदर अस्पताल से रेफर किया गया है. मृत बच्ची साजिया (7)अमौर के खाडी बासो गांव के शकी अहमद की बेटी है.
चमकी के लक्षण से अभिभावक घबराएं नहीं फौरन बच्चे को लाएं अस्पताल : सिविल सर्जन
पूर्णिया : सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि बीमार बच्चों में चमकी के लक्षण से बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है. मगर किसी नीम-हकीम के चक्कर में भी अपना वक्त बिल्कुल बरबाद नहीं करें. अभिभावकों को चाहिए कि वे फौरन बच्चे को लेकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाएं. समय पर इलाज शुरू हो जाने से बेवजह के खतरे से बचा जा सकता है. उन्होंने बताया कि चमकी एक प्रकार का लक्षण है. विभिन्न स्थितियों में चमकी के लक्षण सामने आते हैं. इसलिए इसे लेकर किसी प्रकार की भ्रांति से बचने की जरूरत है.
खुफिया विभाग ने भी ली चमकी बुखार की स्थिति की जानकारी
पूर्णिया : चमकी को लेकर राज्य सरकार हाइअलर्ट पर है. इसे देखते हुए मंगलवार को राज्य खुफिया विभाग की ओर से भी पूर्णिया में चमकी के बारे में जानकारी ली गयी. जानकारी के अनुसार, दोपहर में खुफिया विभाग के कर्मी सिविल सर्जन से मिलने पहुंचे. सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने खुफिया विभाग के कर्मियों को अद्यतन स्थिति से अवगत कराया. जानकारी के मुताबिक आधिकारिक रिपोर्ट में चमकी रोग की पुष्टि नहीं हुई है. मगर चमकी के लक्षण से इनकार नहीं किया जा रहा है.
24 घंटे क्षेत्र में बने रहेंगे पदाधिकारी
जिला पदाधिकारी अरशद अजीज की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गयी. जिसमें डीएम ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि सुबह छह बजे से नौ बजे तक अपने-अपने पोषक क्षेत्र में घर घर जाकर बच्चों के अभिभावक से मिलकर मस्तिष्क ज्वर के लक्षण बचाव एवं सावधानी के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करें.
सदर अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों में पाये गये चमकी बुखार के लक्षण
पूर्णिया : मुजफ्फरपुर के बाद अब पूर्णिया में भी चमकी बीमारी का काला साया मंडराने लगा है. फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों में चमकी बीमारी के लक्षण पाये गये हैं. पीड़ित बच्चों को काफी तेज दर्द के साथ बुखार, शरीर में दर्द, ऐंठन होने की शिकायत है.
तीन और बच्चों में चमकी बुखार के लक्षण, भर्ती
जिले में चमकी बुखार (एइएस) का कहर थम नहीं रहा है. पिछले आठ दिनों के भीतर उक्त बीमारी से पीड़ित बच्चों का सदर अस्पताल में आना जारी है. अस्पताल के एइएस वार्ड में चिकित्सा पदाधिकारी सह शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ अब्दुल बासित व डॉ हिमांशु शेखर की निगरानी से इन बच्चों का उपचार किया जा रहा है.
सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
देवघर : मारवाड़ी कांवर संघ के सफाईकर्मी रिखिया थाना क्षेत्र के नया चितकाठ गांव निवासी नरेश रमानी (58) की संदिग्ध परिस्थिति में बाथरूम में मौत हो गयी. इस संबंध में उसके पुत्र विकास रमानी ने नगर थाने में एफआइआर दर्ज करायी है. जिसमें आरोप लगाया है कि उसके पिता मधुमेह से पीड़ित थे.
मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का कहर : नतीजे पर नहीं पहुंची टीम, रिसर्च की बतायी जरूरत
मुजफ्फरपुर : चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों की जांच के लिए आयी केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है. टीम का कहना है कि यह ब्रेन टिश्यू से रिलेटेड मामला है. इसके 15 लक्षण होते हैं, जिनमें चमकी, बुखार और उल्टी होती है. बीमारी की पहचान के लिए रिसर्च की जरूरत है, तभी इसके इलाज पर कोई बात हो सकती है.
चमकी बुखार को लेकर केंद्र गंभीर
नयी दिल्ली : बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक दर्जनों बच्चे की मौत हो चुकी है. मुजफ्फरपुर और इसके आस-पास के इलाकों में भयंकर गर्मी और उमस की वजह से बच्चे एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम यानी चमकी बुखार के कारण मौत के शिकार हो रहे हैं. इसके रोकथाम को लेकर केंद्र गंभीर है. सिरदर्द और तेज बुखार के लक्षणों वाली इस बीमारी से निबटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय बिहार को हरसंभव मदद मुहैया कराने का वादा किया है.