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बूंदाबांदी से तिलहन व दलहन फसल को काफी लाभ
अनुमंडल मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की दोपहर से बेमौसम शुरू हुई बारिश ने काफी ठंड बढ़ा दिया है. लगातार जारी बारिश व बढ़ी ठंड़ ने लोगों को घर में दुबकनें पर विवश कर दिया है. दूसरी ओर अभी बारिश से किसानों को विभिन्न फसलों में लाभ मिल रहा है.
बादल व बूंदा-बांदी से बढ़ी ठंड
जिले में दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदला. सुबह से आसमान में छाये बादल के बाद दोपहर में बूंदा-बांदी हुई. इस बूंदा-बांदी से तापमान में गिरावट आयी है और ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. इस मौसम में हुई बारिश से जहां रवि फसलों को लाभ हुआ है. वहीं सब्जी की खेती को काफी नुकसान हुआ. शीतलहरी का प्रकोप शुरू होने से ठंड में इजाफा हुआ है.
बारिश से सब्जी की फसल को नुकसान
प्रखंड क्षेत्र में दोपहर बाद मौसम में आये बदलाव के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. दोपहर बाद हुई जोरदार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कनकनी बढ़ गयी है. बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. अंचल प्रशासन ने गरीबों को ठंड से बचाव के लिए अब तक किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की है.
बिहार : रिमझिम बारिश और सर्द हवाओं से तापमान में भारी गिरावट, किसानों में कहीं खुशी-कहीं गम, ...जानें कैसा रहेगा शनिवार?
पटना : रिमझिम बारिश और सर्द हवाओं से बिहार के तापमान में भारी गिरावट आयी है. रुक-रुक कर हो रही बारिश ने ठंड बढ़ा दी है. बेमौसम बारिश से शहर की सूरत बदल गयी है. सड़कों के बीच गड्ढे में यत्र-तत्र जलजमाव हो गया है. वहीं, रिमझिम बारिश से किसानों में कहीं खुशी तो कही गम है. जिन किसानों की फसल खेत-खलिहानों में है या जो किसान रबी की रोपनी नहीं कर पाये हैं, उनमें उदासी है. अचानक सर्द हवाओं का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ा है. छोटे बच्चों में डायरिया की शिकायत देखने को मिल रही है.
हरियाली यात्रा : मौसम के अनुकूल फसल चक्र पर शुरू हो गया है काम : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
दरभंगा/समस्तीपुर/मधुबनी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है व इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
हरियाली यात्रा : मौसम के अनुकूल फसल चक्र पर शुरू हो गया है काम : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
दरभंगा/समस्तीपुर/मधुबनी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है व इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
हरियाली यात्रा : मौसम के अनुकूल फसल चक्र पर शुरू हो गया है काम : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
दरभंगा/समस्तीपुर/मधुबनी : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है व इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
फसल नुकसान हुए तो किसानों को मिलेगी सरकारी सहायता
खगड़िया : किसानों के लिये एक अच्छी खबर है. रबी मौसम में अगर उनके फसल प्राकृतिक आपदा सहित अन्य कारणों से प्रभावित हुए या फिर उत्पादन प्रभावित हुए तो सरकार उन्हें मुआवजा/सहायता देगी. नुकसान की स्थिति में उन्हें सहायता तभी मिलेगी, जब वे (किसान) अपने फसल का रजिस्ट्रेशन करायेंगे.
मटर छिमी की खेती में कीड़ा खोरी से किसान हैं परेशान
मेदनीचौकी : प्रखंड के मेदनीचौकी क्षेत्र अंतर्गत अवगिल मौजे के सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी मटर छिमी के फसल में कीड़ाखोरी से किसान परेशान हो रहे हैं. किसानों के अनुसार मोटी पूंजी के लागत से उक्त फसल की बुआई की गयी है. पौधे निकलने के बाद जब फुल पर मटर छिमी का पौधा आ रहा है, ऐसे समय में कीड़ाखोरी होने से फसल को नुकसान पहुच रहा है, जिससे किसान काफी चिंतित देखे जा रहे हैं.
मौसम के अनुकूल होना चाहिए फसल चक्र: नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मौसम के अनुकूल फसल चक्र होना चाहिए. जलवायु में परिवर्त्तन हो रहा है. इस वजह से फसल बर्बाद हो जाती है. कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ खेती को चौपट कर देती है. इसे सरकार ने गंभीरता से लिया है. इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
फसलों को खेतों में नहीं जलाएं किसान पर्यावरण को होता है नुकसान : डीएओ
खगड़िया : फसलों को खेत में जलाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. रबी हो या खरीफ मौसम. इन दोनों मौसम में किसान अपने खेतों में भूसा, पुआल आदि को खेत से हटाने की जगह उसे खेतों में ही जला देते हैं. शायद किसान इस बात से अंजान हैं कि फसलों को खेत में जलाना खतरनाक होता है.
कृषि इनपुट अनुदान के लिए आये 1.11 लाख आवेदन
बिहारशरीफ : कृषि इनपुट अनुदान के लिए जिला कृषि विभाग को 1.11 लाख आवेदन प्राप्त हुआ है. फसल क्षतिपूर्ति की राशि का लाभ लेने के लिए जिले के किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. किसानों से प्राप्त आवेदनों की अब जांच की जायेगी. आवेदन जांच का काम गुरुवार से शुरू किया जायेगा. इसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गयी है.
नहीं शुरू हो सकी है धान की खरीद
जहानाबाद : जिले में नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही धान के फसल की कटाई शुरू हो गयी है लेकिन अब तक सरकारी स्तर पर धान की खरीद नहीं शुरू होने से किसानों में घोर मायूसी छायी है. किसानों का कहना है कि 15 नवंबर से खरीफ फसल के बाद गेहूं की बुआई शुरू हो जाती है. 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बुआई करने पर उत्पादन की दर ऊंची होती है. इस कारण अधिकांश किसान धान की कटाई शुरू कर रबी फसल के लिए खेतों की तैयारी में जुट गये हैं.
ठंड के रूठ जाने से सहमे जिले के किसान रबी फसलों को हो सकता है भारी नुकसान
पूर्णिया : ठंड के रूठ जाने से पूर्णिया के किसान सहमे हुए हैं. किसानों की परेशानी है कि नवंबर पार कर दिसंबर चढ़ गया पर ठंड कम पड़ रही है. सुबह शाम होने वाली ठंड से फसलों का नुकसान हो रहा है. अगर आने वाले दिनों में ठंड नहीं बढ़ती है तो गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान हो सकता है.
25 तक पूरी होगी गेहूं की बुआई 72 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य
पटना : कृषि विभाग विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक राज्य में केवल 30 फीसदी रबी के फसल की बुआई हो चुकी है. उत्तरी बिहार के जिले मसलन,पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा व मुजफ्फरपुर के अलावा पूर्णिया से लेकर अन्य जिलों के अधिकतर क्षेत्रों में बुआई हो चुकी है, जबकि दक्षिणी बिहार, भोजपुर, बक्सर, रोहतास व कैमूर से लेकर आसपास के जिलों में अभी धान की कटाई पूरी नहीं हुई है. जिन इलाकों में हार्वेस्टर से कटाई की जाती है, वहां भी कटनी पूरी नहीं हुई है.
फसल नष्ट करने के विवाद में मारपीट, पांच घायल
फसल नष्ट करने को लेकर हुए विवाद में शनिवार दोपहर करीब एक बजे दो पक्षों में मारपीट हो गयी, जिसमें पांच लोग घायल हो गए. घटना देवरी थाना क्षेत्र के जमडीहा गांव की है. मारपीट में विनोद मालाकार, विष्णु मालाकार, सुरेंद्र मालाकार, सुजीत मालाकार और कैलाश मालाकार घायल हुए हैं.
किसानों को मिला मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड
उदाकिशुनगंज : प्रखंड क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत भवन में गुरुवार को विश्व मृदा के मौके पर किसान चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुखिया मनी सहनी, कृषि समन्वयक मनोज कुमार, अमरपति निरंजन, जदयू प्रखंड अध्यक्ष जनार्दन राय ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया. किसान चौपाल के दौरान किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड का भी वितरण किया गया. इस दौरान कृषि समन्वयक मनोज कुमार ने किसान चौपाल में खेतों में फसल के अवशेष नहीं जलाने का शपथ किसानों को दिलाया.
फसल की बोआई व कीट से बचाव की दी जानकारी
मोसादपुर पंचायत के देवना वार्ड-एक स्थित आंगनबाड़ीकेंद्र पर किसान चौपाल का आयोजन किया गया. अध्यक्षता मोसादपुर पंचायत की मुखिया मो सालीम खान ने की. चौपाल में कृषि समन्वयक रामानुज पंडित ने रबी फसल की बुआई और कीट व्याधि से बचाव की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए नयी नियमावली लागू की है.
फसल के अवशेष जलाने से रोकें
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष जलाना गलत है. इसे अधिकारी गंभीरता से लें और उसे बंद कराएं. बुधवार की शाम समाहरणालय स्थित डॉ राधाकृष्णन भवन के सभागार में अधिकारियों के साथ जल जीवन व हरियाली अभियान से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करते हुये कहा कि किसानों के फसल कटाई के लिए अनुदानित दर पर चार यंत्रें मिल रहीं हैं, जिसे प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है.
OMG: खेत खोदकर छह क्विंटल प्याज उड़ा ले गये चोर
जी हां, सही सुना आपने. आजकल चोर सोना-चांदी छोड़कर प्याज की चोरी करने लगे हैं. आपने कई तरह की चोरी के बारे में पढ़ा-सुना होगा, लेकिन मध्य प्रदेश में एक ऐसी चोरी हुई जिसके बारे में जानकर खुद पुलिस का भी सिर चकरा गया है. दरअसल, मध्य प्रदेश के मन्दसौर जिले में एक खेत में प्याज की फसल खोदने के बाद चोर 30 हजार रुपये के प्याज चुराकर फरार हो गये.