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Toyota Corolla को गाय के गोबर से पोत दिया, वजह हैरान करनेवाली
इन दिनों गर्मियों का प्रकोप चरम पर है. दिन चढ़ते ही तेज धूप और लू चलना, प्रकृति के किसी कहर से कम नहीं है. इस भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए लोग अनोखी तरकीबें अपनाते हैं. ऐसा ही एक उपाय इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
Toyota Corolla को गाय के गोबर से पोत दिया, वजह हैरान करनेवाली
इन दिनों गर्मियों का प्रकोप चरम पर है. दिन चढ़ते ही तेज धूप और लू चलना, प्रकृति के किसी कहर से कम नहीं है. इस भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए लोग अनोखी तरकीबें अपनाते हैं. ऐसा ही एक उपाय इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है.
प्रकृति बचेगी तो ही हम बचेंगे
ग्रीष्म ऋतु में गर्मी नहीं पड़ेगी तो फिर कब पड़ेगी? पहले भी खूब भीषण गर्मी पड़ी है, बहुत बुरे अकाल की मार पड़ी है. किंतु दो-एक साल के दुष्काल के बाद स्थिति औसत पर लौट आती थी, ऊंच-नीच के बाद सामान्य हालात बहाल हो जाते थे. अब ऐसा नहीं है. हर साल लगने लगा है कि गर्मी और प्रचंड होती जा रही है. शहरों की हालत और भी बुरी है. मौसम विज्ञान की कई रपटें बताती हैं कि आगामी दिनों में इसमें और भी बढ़ोतरी ही होगी.
झिलमिल पार्क में किसान कर रहे खेती
कभी धूपगुड़ी ब्लॉक अंतर्गत गादोंग एक नंबर ग्राम पंचायत अंतर्गत झिलमिल पार्क प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों से गुलजार रहता था. लेकिन पिछले 20 साल से यह पार्क बंद पड़ा अपनी किस्मत को रो रहा है. उल्लेखनीय है कि यह पार्क वामफ्रंट के शासनकाल में 90 के दशक में बना था.
प्रकृति से जुड़ें, स्वस्थ रहें : प्राकृतिक चिकित्सा में है गंभीर रोगों को ठीक करने की क्षमता
रांची : वर्तमान दौर में कुछ ऐसी बीमारियां सामने आयी हैं, जिसका इलाज सिर्फ प्राकृतिक चिकित्सा से ही संभव है. प्राकृतिक चिकित्सा मानता है कि जिस तरह ब्रह्मांड का निर्माण पंचतत्व से हुआ है, उसी तरह हमारा शरीर भी पंचतत्व (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) से ही बना है. इन पंचतत्वों से शरीर की विकृतियों का इलाज करने की विधा को प्राकृतिक चिकित्सा कहते हैं. पंचतत्व की शरीर में अधिकता या कमी से अलग-अलग तरह के रोग होते हैं. इन्हें संतुलित करने की जो विधा है, उसे ही प्राकृतिक चिकित्सा कहते हैं.
प्रकृति से जुड़ें, स्वस्थ रहें : प्राकृतिक चिकित्सा में है गंभीर रोगों को ठीक करने की क्षमता
रांची : वर्तमान दौर में कुछ ऐसी बीमारियां सामने आयी हैं, जिसका इलाज सिर्फ प्राकृतिक चिकित्सा से ही संभव है. प्राकृतिक चिकित्सा मानता है कि जिस तरह ब्रह्मांड का निर्माण पंचतत्व से हुआ है, उसी तरह हमारा शरीर भी पंचतत्व (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) से ही बना है. इन पंचतत्वों से शरीर की विकृतियों का इलाज करने की विधा को प्राकृतिक चिकित्सा कहते हैं. पंचतत्व की शरीर में अधिकता या कमी से अलग-अलग तरह के रोग होते हैं. इन्हें संतुलित करने की जो विधा है, उसे ही प्राकृतिक चिकित्सा कहते हैं.
मोदी की सभा में देवघर का दिवानापन
प्रकृति की प्रचंड गरमी की परवाह किये बगैर लोग मोदी को सुनने के लिये सभास्थल पर नौ बजे से ही पहुंचते दिखे. विशाल एयरपोर्ट मैदान के चारों आेर से हाथ में भाजपा झंडा लिये व मोदी का मुंखौटा लगाये सभा स्थल पर पहुंचते दिखे. युवा के अलावा छोटे बच्चे भी बड़ी संख्या में मोदी को सुनने व देखने के लिये पहुंच रहे थे.
मंगलवार को भी झमाझम बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि
हवेली खड़गपुर : पिछले दो दिनों से जहां प्रकृति भी आम जनों पर मेहरबान है. वहीं एक ही क्षेत्र में कहीं लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं तो कहीं पिछले दो दिनों से हो रही ओलावृष्टि से मौसम का मिजाज ही बदल गया है. लोगों ने मंगलवार को हुई बारिश व ओलावृष्टि के बाद गर्मी से थोड़ी राहत महसूस की.