3 results found for ''तुम्हें''
कहानी : तुम्हारे उत्तर की प्रतीक्षा में...
आज फिर तुम्हारी याद में हूँ. हाँ, याद... . भले अब तुम कहोगे...याद, भूलने के बाद की प्रक्रिया है. फिर भी मैं कहूँगी, याद में हूँ तुम्हारी. और भूलना..... वह तो मैं भूल ही गई थी कि किसे भूलना चाहिए...तुम्हें कि स्वयं को. बस इतना भर याद रहा.... स्वयं को याद रखती, तब भी तुम याद आते. तुम्हें भूलना चाहती, तब भी तुम याद आते. ये याद है कि यातना? इससे गुजरना तुम क्या जानो!
रांची में बोले आशुतोष राणा- 'हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हें जगाने आया हूं..'
प्रभात खबर गुरु सम्मान समारोह में शनिवार को वक्ता, संवेदनशील लेखक और कवि के रूप में ख्यात अभिनेता आशुतोष राणा ने शिरकत की.
रांची में बोले आशुतोष राणा- 'हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हें जगाने आया हूं..'
प्रभात खबर गुरु सम्मान समारोह में शनिवार को वक्ता, संवेदनशील लेखक और कवि के रूप में ख्यात अभिनेता आशुतोष राणा ने शिरकत की.