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Lisa Ray Close to the Bone : मेरी किताब हम सब के चेहरे पर लगे नकाब को हटाने की कोशिश
सुपरमॉडल-अभिनेत्री और कैंसर से जंग जीत चुकीं लीजा रे का कहना है कि अपनी पहली किताब के जरिये वह अपनी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को साझा करना चाहती हैं और आशा करती हैं कि अपनी कष्टप्रद यात्रा को साझा करने से, वह इससे मजबूत होकर बाहर निकलेगी, जबकि इससे दूसरों को भी मजबूत बनने में मदद मिलेगी.
Lisa Ray Close to the Bone : मेरी किताब हम सब के चेहरे पर लगे नकाब को हटाने की कोशिश
सुपरमॉडल-अभिनेत्री और कैंसर से जंग जीत चुकीं लीजा रे का कहना है कि अपनी पहली किताब के जरिये वह अपनी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को साझा करना चाहती हैं और आशा करती हैं कि अपनी कष्टप्रद यात्रा को साझा करने से, वह इससे मजबूत होकर बाहर निकलेगी, जबकि इससे दूसरों को भी मजबूत बनने में मदद मिलेगी. प्रकाशक हार्पर कॉलिंस इंडिया ने कहा, ''क्लोज टू द बोन''.
बिना किताब के पढ़ाई कर रहे स्कूल के बच्चे, गुरुजी ने कहा हम इसमें क्या कर सकते हैं
मुंगेर : सदर प्रखंड के रामदिरी में प्राथमिक विद्यालय हजरबिग्गी स्थित हैं, जो बाहर से देखने में पूरी तरह से फिट है. लेकिन अंदर की स्थिति उतनी ही बदहाल है. विद्यालय में जहां कबाड़खाने में बैंच-डेस्क को रख दिया गया है. वहीं विद्यालय के बच्चे फर्श पर बैठ कर पढ़ाई करने को विवश हैं. इतना ही नहीं यहां शिक्षा विभाग का नहीं, बल्कि प्रधानाध्यापक का नियम चलता है.
रांची : बिशप निर्मल मिंज की किताब सिलेबस से हटाने की मांग
रांची : बिशप डॉ निर्मल मिंज की पुस्तक ''इन्नेलता एड़पा उरूबनी'' व फादर अलबिनुस मिंज की पुस्तक ''कुड़ुख हास भाषी'' पुस्तक रांची विश्वविद्यालय के सिलेबस से हटाने की मांग की गयी है. रांची विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर जनजातीय भाषा में कुड़ुख भाषा में पढ़ाई होती है.
राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता
दलों को मिलने वाले चंदे के स्वरूप में थोड़ा-सा परिवर्तन हुआ है. इसे पारदर्शिता की संज्ञा दी जा रही है, मगर ऐसा है नहीं. सुप्रीम कोर्ट के नये आदेश के अनुसार 31 मई तक सभी दलों को बंद लिफाफे में चुनाव आयोग को बताना होगा कि कितने पैसे किसे मिले, लेकिन इससे होगा क्या? सरकार के प्रतिनिधि ने तो अदालत में साफ-साफ कह दिया है कि राजनीतिक दलों के हिसाब-किताब से देशवासियों का कुछ लेना-देना ही नहीं है. बंद लिफाफा वाला हिसाब-किताब मामले को रफा-दफा करने की एक साजिश है.
लालू की आत्मकथा एक घटिया किताब : सुशील मोदी
पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को कहा कि जेल में बंद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की आत्मकथा एक घटिया किताब है जो तथ्यात्मक गलतियों से भरी है. सुशील मोदी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए दावा किया, ‘‘मैंने आत्मकथा पढ़ी है. यह एक घटिया किताब है.''''
अमित शाह के राजनीतिक जीवन पर लिखी गयी किताब का दावा, 2014 के चुनाव में UP में‘माइक्रोमैनेजमेंट' ने दिलायी 71 सीट
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की राजनीतिक यात्रा पर लिखी गई एक किताब में कहा गया है कि 2013 में उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद अगले एक साल में उन्होंने राज्य में करीब 93 हजार किलोमीटर की यात्रा की और 52 जिलों का दौरा करते हुए 142 दिन वहां बिताए. किताब में कहा गया है कि राज्य में भाजपा को 2009 में मिली दस लोकसभा सीट से 2014 में 71 सीट तक पहुंचाने की रणनीति के पीछे शाह की इस अनथक कवायद से मिला अनुभव था.
सीबीएसइ. 10वीं के सोशल साइंस का सिलेबस बदला
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) ने हाल ही में बच्चों के पीठ से किताबों का बोझ कम करने का सर्कुलर जारी किया था. सत्र 2019-20 से इसका पालन होना शुरू हो गया है. कक्षा 10वीं के सामाजिक विज्ञान के इतिहास और राजनीतिक शास्त्र विषय के कई चैप्टर बोर्ड ने कम कर दिये हैं. इनके कम होने से बच्चों को 72 पन्ने कम पढ़ने होंगे.
बेगूसराय : कन्हैया के पास 24 हजार नकद और डेढ़ डिसमिल जमीन
बेगूसराय : बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से सीपीआइ उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने चुनावी हलफनामे में 2018-19 में अपनी कुल आय 2,28,290 रुपये बतायी है. वहीं, 2017-18 में अपनी कुल आय 6,30,360 दिखायी है. हलफनामे के अनुसार, उनके पास मात्र 24 हजार रुपये कैश हैं. एक बैंक अकाउंट में 1,63,648 रुपये व दूसरे में 50 रुपये जमा हैं. कन्हैया ने खुद को बेरोजगार बताते हुए आय के स्रोत में विभिन्न जगहों पर दिये गये व्याख्यानों व किताबों की रॉयल्टी बतायी है.
बेगूसराय : कन्हैया के पास 24 हजार नकद और डेढ़ डिसमिल जमीन
बेगूसराय : बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से सीपीआइ उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने चुनावी हलफनामे में 2018-19 में अपनी कुल आय 2,28,290 रुपये बतायी है. वहीं, 2017-18 में अपनी कुल आय 6,30,360 दिखायी है. हलफनामे के अनुसार, उनके पास मात्र 24 हजार रुपये कैश हैं. एक बैंक अकाउंट में 1,63,648 रुपये व दूसरे में 50 रुपये जमा हैं. कन्हैया ने खुद को बेरोजगार बताते हुए आय के स्रोत में विभिन्न जगहों पर दिये गये व्याख्यानों व किताबों की रॉयल्टी बतायी है.
खाली हो रहे अभिभावकों की जेब, आलीशान हो रहे निजी स्कूलों के भवन
सुब्रत सिन्हा, अररिया : स्कूलों का नया सत्र अप्रैल माह में शुरू होता है और इसी के साथ ही शुरू हो जाती है अभिभावकों की परेशानी. जिनके बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, उनके तो पसीने छूट जाते हैं. महंगी किताबें जुटाने के लिए अभिभावकों के घर की बजट बिगड़ जाती है. कई बार तो कर्ज लेकर किताबें खरीदने पड़ती हैं.
तकनीक में रुचि बढ़ी तो बाल साहित्य से दूर हुए बच्चे
कहा जाता है कि किताबें सबसे अच्छी दोस्त होती है. इनसे दोस्ती करने वाला कभी अकेला नहीं रहता. किताबें ज्ञान, शिक्षा और संस्कार देती हैं.
गिरिडीह : हेमंत सोरेन बोले, इस बार चुनाव में भाजपा से हिसाब-किताब बराबर करेंगे
गिरिडीह : झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों को छला है. भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने पर देशद्रोही की संज्ञा दी जाने लगती है. ये बातें उन्होंने रविवार को गिरिडीह के उत्सव उपवन में पत्रकारों से बातचीत में कही. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 14 सीटों पर महागठबंधन की स्थिति मजबूत है.
गिरिडीह : हेमंत सोरेन बोले, इस बार चुनाव में भाजपा से हिसाब-किताब बराबर करेंगे
गिरिडीह : झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों को छला है. भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने पर देशद्रोही की संज्ञा दी जाने लगती है. ये बातें उन्होंने रविवार को गिरिडीह के उत्सव उपवन में पत्रकारों से बातचीत में कही. उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में राज्य की सभी 14 सीटों पर महागठबंधन की स्थिति मजबूत है.
लालू के किताब से खुलासा, वीपी सिंह को मजबूत करने के लिए दी थी मंडल आयोग लागू करने की सलाह
वर्ष 1989 में राष्ट्रीय मोर्चा सरकार के गठन के बाद सत्ता के दो केंद्रों-प्रधानमंत्री वीपी सिंह और उपप्रधानमंत्री देवीलाल के बीच तनाव बढ़ने लगा था. लालू प्रसाद यादव ने इसके हल के लिए वीपी सिंह को मंडल आयोग की रिपोर्ट लागू करने की सलाह दी थी.
पटना : लालू प्रसाद जेल के अंदर रहें या बाहर, फर्क नहीं पड़ता : सुशील मोदी
किताब में घिसी-पिटी बातें पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जेल में बंद लालू प्रसाद की चुनाव में उपस्थित दर्शाने को ‘गोपालगंज से रायसीना तक’ किताब लायी गयी है. किताब में कोई नयी बात नहीं है.
सुशील मोदी बोले, लालू की किताब में घिसी-पिटी बातें, 'वे' जेल के भीतर रहें या बाहर, फर्क नहीं पड़ता, ...देखें वीडियो
पटना : चुनावी सभा को संबोधित करने निकले सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की किताब ''गोपालगंज टू रायसीना माय पॉलिटिकल जर्नी'' को लेकर कहा है कि किताब में कोई नयी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उपस्थित दर्शाने के लिए जेल में बंद लालू प्रसाद की किताब लायी गयी है. किताब में पुरानी घिसी-पिटी बातों को दोहरा दिया गया है.
सुशील मोदी बोले, लालू की किताब में घिसी-पिटी बातें, 'वे' जेल के भीतर रहें या बाहर, फर्क नहीं पड़ता, ...देखें वीडियो
पटना : चुनावी सभा को संबोधित करने निकले सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की किताब ''गोपालगंज टू रायसीना माय पॉलिटिकल जर्नी'' को लेकर कहा है कि किताब में कोई नयी बात नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उपस्थित दर्शाने के लिए जेल में बंद लालू प्रसाद की किताब लायी गयी है. किताब में पुरानी घिसी-पिटी बातों को दोहरा दिया गया है.
लालू का दावा, महागठबंधन में वापसी चाहता था जदयू, मिले थे प्रशांत किशोर
पटना : लालू प्रसाद पर लिखी गयी पुस्तक ‘गोपालगंज से रायसीना तक : मेरी राजनीतिक यात्रा’ पर राजनीतिक तूफान मचा है. लालू ने यह किताब वरिष्ठ पत्रकार नलिन वर्मा के साथ मिलकर लिखी है, जिसमें कई ऐसे तथ्य अंकित हैं, जिन पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गये हैं. इस किताब में दावा किया गया है कि भाजपा के साथ जाने के छह महीने के अंदर ही जदयू महागठबंधन में वापस आना चाहता था. इसके लिए जदयू ने प्रशांत किशोर को अलग-अलग मौकों पर अपना दूत बनाकर लालू के पास पांच बार भेजा था.
लालू को चर्चा में रखने की कलाबाजी है नयी किताब
पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि लालू प्रसाद पर लिखी गयी नयी किताब उनको चर्चा में रखने की कोशिश है. शुक्रवार को उन्होंने ट्वीट किया कि लालू प्रसाद के बारे में लालू चालीसा सहित कई किताबें लिखी गयीं.