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पुण्‍यतिथि विशेष: ये थी स्मिता पाटिल की आखिरी इच्‍छा
स्मिता पाटिल एक ऐसा चेहरा जिसके सामने आते ही कई किस्‍से बयां हो जायें. उनका लफ्जों से बयां न कर आंखों से अपनी बात कह जाना वाकई काबिलेतारीफ था. ऐसी दमदार अदाकारी कि लोग देखे तो देखते ही रह जाये. स्मिता पाटिल अपने संवेदनशील किरदारों के लिए खूब चर्चित हुईं. हालांकि मात्र 31 साल की उम्र में वे इस दुनियां को अलविदा कह गईं. स्मिता पाटिल का फिल्‍मी करियर भले ही 10 साल का रहा हो लेकिन उनकी दमदार अदाकारी आज भी लोगों के जेहन में हैं. मात्र 16 साल की उम्र से ही वे न्‍यूज रीडर के तौर पर नौकरी करती थीं.
क्या आप भी खेलते हैं ऑनलाइन गेम, तो संभल जाइए
कोई कितना भी अपना बनने की कोशिश करे, किसी भी अनजाने व्यक्ति से नहीं बढ़ायें संपर्क कोलकाता. आजकल शहर में चारो तरफ, खासकर युवा वर्ग मेट्रो में, बस में या फिर ट्रेन में सफर करने के दौरान हर समय-हर जगह टाइम पास करने के लिये युवाओं की आंखें मोबाइल पर टिकी रहती है.
#RISAT2BR1 की ये है खासियत: अंतरिक्ष में भारत की खुफिया आंख, आतंकियों की खैर नहीं
नयी दिल्ली : भारत बुधवार को यानी आज आसमान में अपने एक नये उपग्रह रीसैट-2बीआर1 को लॉन्‍च करने जा रहा है जो भारतीय सीमाओं की सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही खास बताया जा रहा है. इस उपग्रह की खासियत की बात करें तो इसकी फेहरिस्त लंबी है. आइए आपको हम बतातें हैं आखिर इस उपग्रह को भारत का खुफिया उपग्रह क्यों कहा जा रहा है और इसकी खास बातें क्या हैं...
प्याज की कीमतों ने किया सेंचुरी पार, लोगों की आंखों से निकल रहे आंसू
खगड़िया/गोगरी : सब्जियों में प्याज का स्वाद लेने वाले लोग इसकी बढ़ती कीमत को देखकर इसकी खपत में कमी कर रहे हैं. पिछले तीन महीनों से प्याज के दाम आसमान छू रही है. एक ओर जहां पेट्रोल के दाम से लोग परेशान दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्याज के दाम पेट्रोल को आगे निकल चुके है. नवंबर महीने में प्याज की कीमत जहां 60 रूपए प्रति किलो थी, वहीं दिसंबर में इसकी कीमत दोगुनी हो गई है.
रांची : कांके में वकील को घर के सामने मारी गोली, मौत
रांची : जमीन विवाद में रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रामप्रवेश सिंह (47 वर्ष) की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है. यह घटना सोमवार की रात सात बजे कांके थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर रोड नंबर पांच में घटी है. वहीं पर अधिवक्ता का घर भी है. बाइक सवार दो बदमाशों ने अधिवक्ता को एक गोली आंख के नीचे मारी. गोली उनके सिर को छेदते हुए निकल गयी. इसके बाद आसपास के लोग उन्हें इलाज के लिए रिम्स ले गये. जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. विधानसभा चुनाव की गहमा-गहमी और सुरक्षा अलर्ट के बाद भी राजधानी रांची के पॉश इलाके में हुई इस तरह की वारदात ने विधि व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
धड़ल्ले से खुले में हो रही मांस-मछली की बिक्री
सड़क किनारे खुले में कट रहे बकरे, मुर्गे और मछलियों को देख भले ही आपकी आंखें खौफजदा हो सिहर जायें. बच्चे बहते लहू को देख डर जायें और आप यहां से आ रही सड़ांध से बचने को नाक पर हाथ रख तेज कदमों के सहारे या गाड़ी की रफ्तार बढ़ा निकल जायें. लेकिन इनपर निगम के सारे नियम-कायदे और निर्देश बेअसर हैं और
घर में कुरानख्वानी चल रही थी और मां और पत्नी वोट देने पहुंची बूथ
चुनावी हिंसा में मारे गये जिलानी अंसारी की मौत से पूरा परिवार गम में है. सोमवार को स्व जिलानी के घर पर गम में कुरानखानी चल रही थी, जबकि दूसरी तरफ आंखों में आंसू लिये मां सलमा खातून और पत्नी रोशन खातून बूथ नंबर 36 में पहुंच कर मतदान किया. बूथ में जो दृश्य था, यह दिल को छू रही थी.
सिसई : घर में कुरानखानी चल रही थी, आंखों में आंसू लिए जिलानी की मां व पत्नी पहुंचे वोट देने
चुनावी हिंसा के दौरान मारे गये जिलानी अंसारी की मौत से पूरा परिवार गम में है. रविवार को जिलानी के घर पर गम में कुरानखानी चल रही थी. जबकि दूसरी तरफ आंखों में आंसू लिये मां सलमा खातून और पत्नी रोशन खातून बूथ नंबर 36 में पहुंचकर वोट दिया. यह मार्मिक मंजर दिल को झकझोर देने वाली थी. बूथ में जो दृश्य था. यह दिल को छू रही थी. क्योंकि जिस बूथ के समीप सात दिसंबर को हुई हिंसा में जिलानी अंसारी की दर्दनाक मौत हो गयी. उसी बूथ में सोमवार को मां, पत्नी व बहनें वोट देने पहुंची थी.
सिसई : घर में कुरानखानी चल रही थी, आंखों में आंसू लिए जिलानी की मां व पत्नी पहुंचे वोट देने
चुनावी हिंसा के दौरान मारे गये जिलानी अंसारी की मौत से पूरा परिवार गम में है. रविवार को जिलानी के घर पर गम में कुरानखानी चल रही थी. जबकि दूसरी तरफ आंखों में आंसू लिये मां सलमा खातून और पत्नी रोशन खातून बूथ नंबर 36 में पहुंचकर वोट दिया. यह मार्मिक मंजर दिल को झकझोर देने वाली थी. बूथ में जो दृश्य था. यह दिल को छू रही थी. क्योंकि जिस बूथ के समीप सात दिसंबर को हुई हिंसा में जिलानी अंसारी की दर्दनाक मौत हो गयी. उसी बूथ में सोमवार को मां, पत्नी व बहनें वोट देने पहुंची थी.
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : नेता कर रहे थे इलेक्शन डिबेट, बीजेपी और जेवीएम के कार्यकर्ता भिड़े, एक घायल
रांची : सर्कुलर रोड स्थित न्यूक्लियस मॉल में स्थानीय न्यूज चैनल के इलेक्शन डिबेट में रविवार को भाजपा और झाविमो के समर्थक आपस में भिड़ गये. मामला तब और बिगड़ गया, जब दाेनों दल के समर्थक मारपीट पर उतर आये. मारपीट के दौरान झाविमो के जितेंद्र वर्मा और सत्येंद्र वर्मा को चोट लगी हैं. आनन-फानन में जितेंद्र वर्मा को ऑर्किड अस्पताल में भरती कराया गया है. जबकि सत्येंद्र वर्मा को आंख में चोट लगी है. डिबेट में भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह, जेएमएम प्रत्याशी महुआ माजी, निर्दलीय प्रत्याशी पवन शर्मा, जेवीएम प्रत्याशी सुनील गुप्ता उपस्थित थे.
झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : नेता कर रहे थे इलेक्शन डिबेट, बीजेपी और जेवीएम के कार्यकर्ता भिड़े, एक घायल
रांची : सर्कुलर रोड स्थित न्यूक्लियस मॉल में स्थानीय न्यूज चैनल के इलेक्शन डिबेट में रविवार को भाजपा और झाविमो के समर्थक आपस में भिड़ गये. मामला तब और बिगड़ गया, जब दाेनों दल के समर्थक मारपीट पर उतर आये. मारपीट के दौरान झाविमो के जितेंद्र वर्मा और सत्येंद्र वर्मा को चोट लगी हैं. आनन-फानन में जितेंद्र वर्मा को ऑर्किड अस्पताल में भरती कराया गया है. जबकि सत्येंद्र वर्मा को आंख में चोट लगी है. डिबेट में भाजपा प्रत्याशी सीपी सिंह, जेएमएम प्रत्याशी महुआ माजी, निर्दलीय प्रत्याशी पवन शर्मा, जेवीएम प्रत्याशी सुनील गुप्ता उपस्थित थे.
बंदूक छीनने का प्रयास करने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलायी
बघनी बूथ के पीठासीन पदाधिकारी रामाशीष प्रसाद थे, जबकि सहायक मतदानकर्मियों में आलोक कुमार, प्रशांत कुमार व बिरसा बड़ाइक थे. बूथ की सुरक्षा के लिए सिसई थाना के एक एएसआई व चार पुलिस जवान तैनात थे. पीठासीन पदाधिकारी श्री प्रसाद ने बूथ तक पहुंचने व हिंसा की जानकारी आंखों देखी प्रभात खबर प्रतिनिधि को बतायी है.
हैदराबाद एनकाउंटर की 'कहानी' में कितना दम: नज़रिया
हैदराबाद पुलिस ने जो 'कहानी' बताई, क्या उस पर आंख मूंदकर भरोसा किया जा सकता है.
सदर अस्पताल में खुलेगा आंख का सर्जरी कक्ष
जमुई : मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में अबआंखों की सर्जरी भी किया जाएगा. इसे लेकर अस्पताल के द्वितीय तल पर सर्जरी कक्ष बनाया जा रहा है. सिविल सर्जन डा. श्याम मोहन दास ने बताया अब आंख के सर्जरी के लिए जरूरतमंद मरीज को दूसरी जगह जाना नहीं पड़ेगा. अस्पताल में ही सर्जरी से संबंधित सारी सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध होगा.
Onion@100 : ए भाई साहब, इएमआइ पर प्याज लेना है क्या?
प्याज की कीमतें तकरीबन हर किसी की आंखों में आंसू ला चुकी हैं. राजधानी पटना के कुछ खुदरा बाजारों में तो प्याज की कीमत 100-120 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है.
सिकिदिरी : एक साथ तीन अर्थी देख रो पड़ा पूरा गांव
चकला मोड़ दुर्घटना. कुच्चू पंचायत के खभावन गांव में सुबह से ही पसरा था मातम सिकिदिरी : कुच्चू पंचायत के खभावन गांव में मंगलवार को सुबह से ही मातम पसरा था. जब एक साथ तीन शव अंतिम संस्कार के लिए निकाला गया, तो पूरा गांव रो रहा था. वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंख गमगीन थी.
रेडक्रॉस के पॉली क्लिनिक में 30 रुपये में कराएं इलाज
साकिब, पटना : गांधी मैदान स्थित भारतीय रेड क्रॉस नाम मात्र के शुल्क पर मरीजों का गुणवत्तापूर्ण इलाज कर रहा है. यहां पॉली क्लिनिक या ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क मात्र 30 रुपया है. इस पॉली क्लिनिक में मरीज आंख, नाक-कान-गला, हड्डी रोग, शिशु रोग, न्यूरो सर्जन, चर्म रोग, स्त्री रोग, हृदय रोग, दंत रोग, होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक के डॉक्टर को दिखाकर अपना इलाज करवा सकते हैं. रेड क्रास में पैथोलॉजी, एक्सरे, इसीजी, ऑडियोमेट्री, अल्ट्रासाउंड, इइजी की जांच रियायती दरों पर होती है.
सारकेगुडा फ़र्ज़ी मुठभेड़: मरने वालों में जवानों के साथ खेलने वाले बच्चे भी थे
2012 को हुए सारकेगुडा मुठभेड़ के बाद की आंखों देखी. पढ़िए बीबीसी संवाददाता सलमान रावी की डायरी.
फौजी बेटे का शव देख बिलख पड़ी मां, मासूम के सवाल सुन कर छलके ग्रामीणों के आंसू, फौजी दंपत्ति का हुआ अंतिम संस्कार
आरा : भोजपुर जिले के गड़हनी प्रखंड के लालगंज गांव में फौजी विष्णु शर्मा और उसकी पत्नी दामिनी शर्मा का शव गांव में पहुंचते ही हाहाकार मच गया. पूरे गांव में मातम छा गया. वहीं, उसकी मां ने ''''कहां चल गईल हो बबुआ, अब हम केकरा के बबुआ कहब हो बबुआ...''''. वहीं, बहन ने ''''भईया हो भईया, काहे हमनी के छोड़ गईल हो भईया...'''' जैसी चीत्कार से पूरा गांव दहल उठा. गांव के सभी लोगों की आंखों में आंसू छलक रहे थे. गांव में सन्नाटा पसर गया.
सहरसा : भाई से वीडियो कॉल पर बात करते हुए युवक ने फांसी लगाकर दी जान
खगड़िया/सहरसा : ''भाई यह क्या है, ऐसा कुछ नहीं करना. क्यों दिखा रहा है यह फंदा, क्या हो गया. अभी तक तू क्यों है दुकान में, जल्द बाहर निकल, फेंक यह फंदा'' चीखता रह गया सुमित, पर उसके आंखों के सामने छोटा भाई आयुष फांसी के फंदे से लटक गया. उसको फंदे पर तड़पता देख सुमित की चीख निकल गयी और वह वहीं बेहोश हो गया. सुमित की चीख सुन जब घर के अन्य सदस्य दौड़ कर आये तो उनके होश उड़ गये.