6 results found for ''अध्ययन''
पटना : आइजीआइएमएस जानेगा स्टूडेंट्स की मनोवृत्ति
स्टूडेंट्स की परेशानियों को देखते हुए किया जा रहा अध्ययन पटना : राजधानी के स्टूडेंट्स के मनोवृत्ति में आ रहे बदलाव की समस्या से हर दूसरा घर जूझ रहा है. अस्पतालों के मनोविज्ञान विभाग में लगातार आ रही शिकायतों के बाद अब इसके समग्र अध्ययन की पहल शुरू हो गयी है. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान ने इस समस्या को लेकर अध्ययन की शुरुआत की है. अस्पताल की ओर से विभिन्न स्कूलों में स्टूडेंट्स के मानसिक के साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य की स्थितियों पर सर्वे किया जा रहा है.
शोध के लिए डॉ भुनेश्वर गये विदेश
नवाडीह निवासी व पटमदा डिग्री कॉलेज के कुड़माली भाषा विभाग के प्रो भुनेश्वर कुमार कुड़मी जनजाति की संस्कृति पर बांग्लादेश व नेपाल में शोध करने के लिए शुक्रवार को रवाना हुए. शोध का विषय कुड़माली संस्कृति का वैज्ञानिक अध्ययन है.
भयावह होता कैंसर
दुनियाभर में कैंसर की बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. वैश्विक स्तर पर कैंसर के शिकार बच्चों की 82 फीसदी संख्या निम्न और मध्यम आय के देशों में है. लांसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इन देशों में रोग की शुरुआती पहचान न हो पाने और मामूली उपचार के कारण स्वस्थ जीवन के 70 लाख साल बर्बाद हो जाते हैं. अधिक आबादी के जिन 50 देशों पर नजर डालें, तो भारत, चीन, नाइजीरिया, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में यह समस्या बेहद गंभीर है.
सुखाड़ के बावजूद जिले के जल्द बहुरेंगे किसानों के दिन
शेखपुरा : जिले के किसानों की आमदनी को दोगुना करने के उद्देश्य से अधिकारियों का दल जिले का भ्रमण किया. इंटरनेशल फंड फॉर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट यानी आइएफएडी के द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बकरीपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन आदि को अपनाने के लिए अध्ययन एवं डाटा संग्रहण के लिए चार सदस्यीय टीम ने जिले का भ्रमण किया.
स्कूल जाने के लिए आठ किलोमीटर पैदल चलते हैं बच्चे
नागराकाटा : स्कूल आने के लिए आठ किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है. अन्य बच्चों के लिए गाड़ी की व्यवस्था होने के बावजूद इनलोगों के लिए नहीं है. इसलिए लुकसान के लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में अध्ययन करनेवाले विद्यार्थियों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है. यहां तक की कई विद्यार्थियों ने बीच में ही स्कूल जाना छोड़ दिया है.
राजस्व विभाग की पहली पहल : व्यापारिक अड़चनों का पता लगायेगी Time Release Study
नयी दिल्ली : विदेश व्यापार और वस्तुओं के आवागमन से जुड़ी बाधाओं की पहचान के लिए राजस्व विभाग देश की पहली राष्ट्रीय ‘टाइम रिलीज स्टडी'' (टीआरएस) करा रहा है. यह अध्ययन देश के 15 बंदरगाहों और हवाईअड्डों पर कराया जा रहा है. दरअसल, टीआरएस अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर मान्‍यता प्राप्‍त एक साधन (टूल) है, जिसका उपयोग अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार के प्रवाह की दक्षता एवं प्रभावकारिता मापने के लिए किया जाता है. इसकी वकालत विश्‍व सीमा शुल्‍क संगठन भी करता है.