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अब तक हुए 133 एग्जिट पोलों में 97 फीसदी हुए सही
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि भारत में 1980 से 2014 तक जितने चुनाव हुए उन पर 133 एग्जिट पोल कराये गये. इनमें 2004 को छोड़कर लगभग सभी सही साबित हुए. एक अध्ययन के अनुसार एग्जिट पोल 97 फीसदी तक खरे उतरे. जो लोग इवीएम, चुनाव आयोग और एक्जिट पोल पर बेतुके सवाल उठा रहे हैं, वे संभावित जनादेश को नकारने के कुतर्क गढ़ रहे हैं.
EVM, EC & EXIT POLL पर सवाल उठा रहे नेताओं पर सुशील मोदी का वार, कहा...
पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज ट्वीट कर भारत में 1980 से 2014 तक जितने चुनाव हुए उन पर 133 एक्जिट पोल कराये गये और इनमें 2004 को छोड़ कर लगभग सभी सही साबित हुए. एक अध्ययन के अनुसार एक्जिट पोल 97 फीसद तक खरे उतरे. जो लोग ईवीएम, चुनाव आयोग और एक्जिट पोल पर बेतुके सवाल उठा रहे हैं, वे सम्भावित जनादेश को नकारने के कुतर्क गढ़ रहे हैं.
हस्तशिल्प उत्पादन तकनीक को साझा करने के लिए कंबोडिया गयी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
नयी दिल्ली : देश के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नवोन्मेषी उत्पाद विकास और बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए ढांचागत सुविधाओं को देखने समझने के लिए कंबोडिया की यात्रा पर गया हुआ है. विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) शांतमनु के नेतृत्व में मुरादाबाद, आगरा, खुर्जा, दिल्ली और पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख हस्तशिल्प निर्यातकों का यह प्रतिनिधमंडल अपनी यात्रा के दौरान कंबोडिया में उत्पाद विकास के नये तौर-तरीकों, ढांचागत सुविधाओं का अध्ययन करेगा और विभिन्न डिजाइन संस्थानों, व्यापारिक संस्थाओं के साथ संपर्क बढ़ायेगा.
Research : किशोर मां से जन्मे बच्चे वयस्क मां के बच्चों की तुलना में होते हैं कमजोर
एक नये अध्ययन में पता चला है कि भारत में किशोरावस्था में बच्चों को जन्म देने वाली माताओं के बच्चे वयस्क महिलाओं के बच्चों की तुलना में कमजोर होते हैं. देश में बच्चों में कुपोषण और किशोरावस्था में गर्भावस्था के बीच संबंध का पता लगाने के लिए पहली बार व्यापक अध्ययन किया गया था.
7वें चरण के चुनाव में 97 उम्मीदवार पांच करोड़ से अधिक संपत्ति वाले, 170 पर आपराधिक और 127 पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज
लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में देश के आठ राज्यों के 59 सीटों पर मतदान होगा. इसके लिए आज शाम तक प्रचार थम जायेगा. नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिर्फोम्स की रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में कुल 918 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 909 उम्मीदवारों के शपथपत्र का विश्लेषण किया गया है, नौ उम्मीदवारों ने जिस तरह से अपने विवरण दिये हैं, उनका अध्ययन संभव नहीं हो पाया. बात अगर महिला उम्मीदवारों की करें तो सातवें चरण में कुल 918 उम्मीदवार हैं जिनमें से 96 उम्मीदवार 11 प्रतिशत महिलाएं हैं.
नासा ने एलआरओ से ली गयी चंद्रमा की तस्वीरों का किया अध्ययन, सिकुड़ रहा चंद्रमा, आ रहे भूकंप, पड़ रहीं झुर्रियां
नासा ने करीब 12 हजार तस्वीरों का अध्ययन करने के बाद खुलासा किया है कि पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा अपनी अंदरूनी सतह ठंडी होने से लगातार सिकुड़ता जा रहा है. इससे उसकी सतह पर किसी इंसानी चेहरे की तरह झुर्रियां पड़ती जा रही हैं. पिछले करोड़ों वर्षों में पृथ्वी का यह उपग्रह 150 फुट (50 मीटर) तक सिकुड़ चुका है.
बहरागोड़ा कॉलेज: 2229 विद्यार्थियों के लिए मात्र 21 शिक्षक
बहरागोड़ा महाविद्यालय के यूजी एवं पीजी विभाग महज 21 शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं. महाविद्यालय में कुल 2229 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए महाविद्यालय में दस स्थायी तथा 11 अतिथि शिक्षक हैं. ज्ञात हो कि महाविद्यालय में स्थायी शिक्षकों के कुल 21 पद स्वीकृत हैं. यहां आठ विषयों में पीजी की पढ़ाई होती है.
परिवार से मिली 'हमें' अपनी पहचान बनाने की ताकत
15 अप्रैल 2014 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रांसजेंडर्स तृतीय लिंग का दर्जा दे दिये जाने के बावजूद देश भर में न जाने कितने ही ट्रांसजेंडर्स आज भी अपने परिवार और समाज से अलग रहने का मजबूर है. करीब दो साल पूर्व वर्ष 2018 में राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा पहली बार भारत में ट्रांसजेंडर्स की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को जानने के लिए एक अध्ययन किया गया, जिसमें पता चला कि भारत में मात्र दो प्रतिशत ट्रांसजेंडर ही अपने परिवारवालों के साथ रह रहे हैं. कारण...? वहीं, ''लोग क्या कहेंगे फैक्टर'', जिसकी वजह से कई बार न चाहते हुए भी घर-परिवारवालों को मजबूर होकर उन्हें बेघर करना पड़ता है.
संकट में धरती
धरती पर जीवन का प्राकृतिक तंत्र तीव्र गति से नष्ट हो रहा है. दस लाख जीवों और पौधों की प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं. इस त्रासदी से मानव सभ्यता का अस्तित्व भी खतरे में है. पृथ्वी के स्वास्थ्य का पहला व्यापक अध्ययन कर दुनियाभर के 450 वैज्ञानिकों ने इस भयावह संकट को रेखांकित किया है.