• श्री केडिया सभा रांची में 23 जून को दादी जी का मंगलपाठ

    रांची : श्री केडिया सभा के तत्वाधान में श्री केड सती दादी मां मंगलपाठ अभियान के अंतर्गत दिनांक 23 जून (रविवार) को दादी जी के मंगलपाठ का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम कचहरी चौक स्थित रेडियम रोड, अशोक पथ, साहू नर्सिंग होम के बगल गली में रचना-लक्ष्मी केडिया के निवास स्थान में 3:30 बजे से 7:00 बजे तक होगा.

  • सुहागिनों ने वट सावित्री पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य

    रातू : सोमवार को सुहागिनों ने वट सावित्री पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की. इसके बाद सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी. आमटांड़, हिनू, काठीटांड़, पिर्रा, झखराटांड़, बाजपुर, लहना, पंडरा, हिसरी, कमड़े, चटकपुर, सुंडिल में पूजा के लिए सुहागिनों की भीड़ लगी रही. अनगड़ा, इटकी, पिठोरिया, नगड़ी व लापुंग प्रखंड में भी सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर पति के दीर्घायु होने की कामना की.

  • सौभाग्य की कामना के साथ महिलाएं कर रहीं वट सावित्री व्रत, सोमवती अमावस्या के कारण बढ़ गया है इसका विशेष महत्व

    रांची : आज वट सावित्री है. सुहागिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की लंबी आयु के लिए पूजा-अर्चना करेंगी. सोमवार प्रात: 5.16 बजे सूर्योदय है. इसके बाद पूजा-अर्चना शुरू हो जायेगी. सोमवार होने से व्रत की महत्ता और बढ़ गयी है. आज सोमवती अमावस्या भी है. यानी स्नान-दान और श्राद्ध की अमावस्या. इस बार स्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि अौर त्रिग्रही योग बन रहा है. अमावस्या तिथि आज दिन के 3.31 बजे तक रहेगी.

  • सामाजिक और आर्थिक संतुलन का त्योहार है ईद-उल-फितर

    रमजान मुसलमानों के लिए एक पाक व मुबारक महीना है, लेकिन यह सिर्फ मजहबी दृष्टिकोण से ही अहमियत नहीं रखता, बल्कि सामाजिक, आर्थिक संतुलन और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी इस माह-ए-मुबारक का अलग महत्व है. मजहबी दृष्टिकोण से रमजान के इसी माह में इस्लाम धर्म का पाक कुर्आन शरीफ़ नाजिल हुआ.

  • किसे ज़कात देना बताया गया फर्ज

    रमजान के पवित्र महीने में जकात और फितरा अल्लाह की राह में खर्च करने का सबसे अहम व आसान रास्ता है. रमजान में ढाई फीसदी जकात देकर मुसलमान अपनी जान-माल की हिफाजत कर सकता है. जकात के रूप में मिस्कीनों को देना हर साहिबे निसाब मुसलमान पर फर्ज है. जानिए कि जकात किन-किन लोगों को देना वाजिब बताया गया है.

  • पंचक में क्यों नहीं किये जाते हैं शुभ कार्य

    पंचक को हिंदू पंचाग के अनुसार बहुत अशुभ काल माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान शुभ कार्य से बचना चाहिए और कुछ उपाय करके इसके बुरे प्रभाव को दूर करना चाहिए, ताकि बड़ी समस्या से बचा जा सके. धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद एवं रेवती कुछ ऐसे ही अशुभ नक्षत्रों के नाम हैं, जिन्हें काफी अशुभ माना जाता है.

  • सुहागिन स्त्रियों के लिए बेहद खास है वट सावित्री व्रत

    हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत सुहागिन स्त्रियों के लिए बेहद खास है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति पर आये संकट चले जाते हैं और आयु लंबी हो जाती है. यही नहीं, अगर दांपत्य जीवन में कोई परेशानी चल रही हो तो वह भी इस व्रत के प्रताप से दूर हो जाते हैं. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए इस दिन वट यानी कि बरगद के पेड़ के नीचे पूजा-अर्चना करती हैं.

  • जामपानी पल्ली में 159, बच्चे बच्चियों ने ग्रहण किया प्रथम परम प्रसाद

    सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड के जामपानी पल्ली परिसर में रविवार को प्रथम परम प्रसाद ग्रहण समारोह का आयोजन कर पल्ली के 80,बालक और 79, बालिका कुल 159, बच्चे बच्चियों ‌को प्रथम परम प्रसाद ग्रहण कराया गया. मुख्य अनुषठाता के रूप में पल्ली पुरोहित फादर थोमस सोरेंग ने धार्मिक अनुष्ठान के बीच बच्चों को प्रथम परम प्रसाद ग्रहण कराया.

  • पाकिस्तान ने वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर तैयार किया

    इस्लामाबाद : पाकिस्तान में इस्लामी त्यौहारों को मनाने के लिए चांद देखने को लेकर विवादों को खत्म करने के उद्देश्य से एक कैलेंडर तैयार किया गया है. सरकार की ओर से वैज्ञानिक चंद्र कैलेंडर बनाने के लिए गठित विशेषज्ञों के पैनल ने यह कैलेंडर तैयार कर लिया है. इसके मुताबिक, ईद पांच जून को होने के आसार हैं.

  • दो दिन होगा सूर्य ग्रहण, अगले साल 56 दिन निकलेगी बरात

    दरभंगा : 17 अगस्त से शुरू हो रहे नये पंचांग वर्ष में इस बार 56 दिन विवाह का लगन हैं. वहीं उपनयन के लिए 13 दिन शुभ मुहूर्त है. 28 दिन डोली उठेगी यानी द्विरागमन के लिए 28 दिन शुभु मुहूर्त बन रहा है. पिछले साल से अगर तुलना करें तो विवाह का लगन लगभग समान ही है. उपनयन के लिए तीन अधिक मुहूर्त बन रहा है. पिछले साल विवाह के लिए 57 दिन लगन था. इसके तहत मधुबनी के सौराठ में अगले साल पांच जून से सभा शुरू होगी, जिसका समापन 11 जून को होगा.

  • कोलकाता : दक्षिणेश्वर आद्यापीठ में नवरात्रि पर हुई 2000 कुंवारियों की पूजा

    कोलकाता : दक्षिणेश्वर रामकृष्ण संघ आद्यापीठ की ओर से हर साल की तरह इस साल भी नवरात्रि के अवसर पर कुमारी पूजा का आयोजन किया गया. रविवार को कोलकाता के दक्षिणेश्वर आद्यापीठ के नाट्य मंदिर ऑडिटोरियम में कुमारी पूजा के अवसर पर करीब दो हजार कुवारी कन्याओं का पूजन किया गया.

  • ‘ओ जट्टा आई बैसाखी’

    बैसाखी प्राचीन राष्ट्रीय त्योहार है, जो देश की एकता, अखंडता का प्रतीक है तथा देश के विभिन्न भागों में अलग-अलग तरह से मनाया जाता है. यह त्योहार बैसाख की संक्रांति को मनाया जाता है, जो इस बार 14 अप्रैल को है.

  • 1929 में पांच लोगों ने निकाली थी रांची की पहली रामनवमी शोभायात्रा, हजारीबाग के महावीर मंदिर से मिली प्रेरणा

    अभिषेक रॉय, रांची : झारखंड में रामनवमी शोभायात्रा की परंपरा काफी गौरवपूर्ण रही है. रांची में इसकी शुरुआत महावीर चौक से हुई. पहली शोभायात्रा पांच लोगों ने मिलकर निकाली थी. सबसे पहले वर्ष 1929 में डॉ रामकृष्ण लाल और उनके भाई कृष्ण लाल ने पहल की.

  • रामनवमी तब और अब

    प्रो सुभाषचंद्र मिश्रा : देखा जाये तो किसी भी पर्व व त्योहार के दो पहलू होते हैं. एक जानना और दूसरा समझना. इस दृष्टिकोण से यदि बात रामनवमी की जाये, तो पहले की तुलना में इस पर्व को मनाने में भव्यता आयी है. उमंग भी देखा जाता है. लेकिन सादगी और श्रद्धा के साथ पर्व मनाये जाने का जो उत्साह था, वह भव्यता व उमंग में कम पड़ रहा है.

  • और विराट हो गया जुलूस

    विजय केसरी, हजारीबाग : भगवान राम के जन्मोत्सव पर महावीरी झंडा हजारीबाग में पहली बार 1918 में निकाला गया. गुरु सहाय ठाकुर, यादव बाबू वकील, जगदेव गोप, हीरा लाल महाजन, कन्हैया गोप, हरिहर प्रसाद, टीभर गोप के नेतृत्व में गोधूलि वेला में बड़ा अखाड़ा में झंडा जमा हुआ.

  • गुमला के आंजन में जन्मे थे श्रीराम भक्त वीर हनुमान

    दुर्जय पासवान, गुमला : श्रीराम भक्त हनुमान का जन्म झारखंड के उग्रवाद प्रभावित गुमला जिले से 20 किमी दूर आंजनधाम में हुआ था. भगवान हनुमान की जन्म स्थली के अलावा गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में बालि व सुग्रीव का भी राज्य था.

  • उदीयमान सूर्य के अर्घ के साथ चैती छठ महापर्व संपन्‍न

    चैती छठ महापर्व के तीसरे दिन गुरुवार को छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य देव को अर्घ दिया. शुक्रवार को उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ देकर छठ महापर्व सपंन्‍न हुआ.

  • वासंतिक नवरात्र सातवां दिन : जानें कैसे प्रसन्‍न करें मां कालरात्रि देवी को

    जिनका रूप विकराल है, जिनकी आकृति और विग्रह कृष्ण कमल सदृश है तथा जो भयानक अट्टहास करनेवाली हैं, वे कालरात्रि देवी दुर्गा मंगल प्रदान करें.

  • आज डूबते हुए सूर्य को देंगे अर्घ, शुक्रवार को समाप्त होने तक चलेगा 36 घंटे का छठ महापर्व

    पटना : पहले दिन नहाय व दूसरे दिन खरना के बाद गुरुवार को चैठी छठ का पहला सांध्य अर्घ दिया जायेगा. फिर शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ देकर पूजा की समाप्ति की होगी. लोग गंगा घाटों, तालाबों व घर में भी पर्व का आयोजन करेंगे.

  • वासंतिक नवरात्र छठा दिन : ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा

    जिनका हाथ उज्ज्वल चंद्रहास (तलवार) से सुशोभित होता है तथा सिंहप्रवर जिनका वाहन है, वे दानव संहारिणी दुर्गा देवी कात्यायनी मंगल प्रदान करें.

  • वासंतिक नवरात्र पांचवां दिन, ऐसे करें दुर्गादेवी स्कंदमाता को प्रसन्‍न

    जो नित्य सिंहासन पर विराजमान रहती हैं तथा जिनके दोनों हाथ कमलों से सुशोभित होते हैं, वे यशस्विनी दुर्गादेवी स्कंदमाता सदा कल्याणदायिनी हों

  • चैती छठ : सौभाग्य योग में खरना आज, शाम से 36 घंटे का उपवास शुरू, कल रवियोग में सायंकालीन अर्घ

    पटना : चैती छठ पर ग्रह-गोचरों का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें आदित्य योग, गजकेसरी योग, लक्ष्मी-नारायण योग, रवियोग और सर्वार्थ सिद्धि योग शामिल हैं.

  • वासंतिक नवरात्र चौथा दिन : ऐसे करें मां कूष्माण्डा दुर्गा की पूजा

    या देवी सर्वभुतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता- शास्त्रों में शक्ति शब्द के प्रसंगानुसार अलग-अलग अर्थ किये गये हैं. तांत्रिक लोग इसी को पराशक्ति कहते हैं और इसी को विज्ञानानंदघन ब्रह्म मानते हैं.

  • चैती छठ का नहाय-खाय आज, चार दिवसीय महापर्व की तैयारियों में जुटे व्रती, जानें किस दिन क्या

    चार दिवसीय चैती छठ का नहाय-खाय मंगलवार से शुरू हो रहा है. मंगलवार को प्रात: सूर्योदय के बाद व्रती विभिन्न नदी-तालाबों, डैमों, जलाशयों व घरों में स्नान-ध्यान के बाद भगवान की पूजा-अर्चना करेंगी.

  • वासंतिक नवरात्र तीसरा दिन : ऐसे करें मां चंद्रघंटा की उपासना

    जो पक्षी प्रवर गरूड़ पर आरूढ़ होती हैं, उग्र कोप और रौद्रता से युक्त रहती हैं तथा चंद्रघण्टा नाम से विख्यात हैं ,वे दुर्गा देवी मेरे लिए कृपा का विस्तार करें.

  • कलश स्थापना से नवरात्र शुरू, ब्रह्मचारिणी की उपासना आज

    पटना सिटी : ...या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम: की गूंज के बीच ब्रह्म मुहूर्त में शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी व छोटी पटनदेवी कलश स्थापन आरंभ हुआ. मंदिर के बंद कपाट के बाहर खड़े भक्तों की कतार और अंदर में शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी के महंत विजय शंकर गिरी द्वारा भगवती के स्नान शृंगार का अनुष्ठान. कपाट खुलने के इंतजार में भक्तों की बढ़ती भीड़ कुछ इसी तरह शनिवार को शक्तिपीठ में कलश स्थापन व भगवती शृंगार का अनुष्ठान संपन्न हो गया.

  • चैत्र नवरात्र : 5 सर्वार्थ सिद्धि, 2 रवि योग और एक रवि पुष्य योग का बन रहा शुभ संयोग

    आठ शुभ संयोगों से सुशोभित चैत नवरात शनिवार से शुरू होगी. इस साल इसमें 5 सर्वार्थ सिद्धि, 2 रवि योग और एक रवि पुष्य योग का शुभ संयोग बन रहा है. इन संयोगों में माता की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी. इस बार मां दुर्गा का आगमन घोड़े की सवारी से होगा जो राज्य भय एवं युद्ध को देने वाली है. रविवार को विसर्जन होने से भैंसे पर बैठकर माता जाएंगी, जिससे अधिक बारिश होगी.

  • देवताओं का एक दिन है एक संवत

    ‘सदगुरु स्वामी आनन्द जी’ संवत सिर्फ़ भारतीय कैलेंडर मात्र नहीं है, बल्कि इसे देवताओं का एक दिन भी कहते हैं. छः मानव श्वास से एक विनाड़ी बनती है. 10 विनाड़ी यानी साठ श्वासों से एक नाड़ी और साठ नाड़ियां एक दिवस (दिन-रात का युगल) निर्मित करती हैं. तीस दिवसों का एक माह होता है. एक चंद्र मास, उतनी चंद्र तिथियों से निर्मित होता है.

  • इस नवरात्र पूरे विधि-विधान से करें मां दुर्गा की आराधना, पूरी होगी सारी मनोकामना

    रांची : नवरात्र में पूरे विधि विधान से मां दुर्गा की आराधना करने से आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी. जब दो ऋतुओं का मिलन होता है, तब चैत्र नवरात्रि मनाते हैं. इस संधि काल में ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में उत्पन्न होती हैं और हम तक पहुंचती हैं. रांची के पंडित रामदेव पांडेय बताते हैं कि हम दो नवरात्र के विषय में ही जानते हैं : चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र. चैत्र नवरात्र गर्मियों के मौसम की शुरुआत करता है और प्रकृति मां एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती हैं.

  • 21 मार्च को होली, जानें कब है होलिका दहन का मुहूर्त, आने वाले पर्व त्योहार के बारे में भी जान लें

    रांची : इस साल रंगों का त्योहार होली 21 मार्च को है. 20 मार्च (बुधवार) को पूर्णिमा तिथि प्रदोष व्यापिनी है. प्रदोष काल शाम 6:04 बजे से रात्रि 8:58 बजे तक है. भद्रा प्रात: 10:45 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक पृथ्वी लोक के लिए अशुभ एवं अनिष्टकारी है. भद्रा की समाप्ति के बाद रात 9 बजे से 11:04 बजे तक शुभ व अमृत का चौघड़िया है. यह देश एवं राज्य के साथ-साथ लोगों के लिए भी श्रेष्ठ है.

  • होलाष्टक शुरू, होलिका दहन 20, होली 21 को

    फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलिका दहन तक के आठ दिनों की अवधि को होलाष्टक कहा जाता है. वाराणसी पंचांग के मुताबिक यह 13 मार्च की रात्रि 11:49 बजे से 20 मार्च यानी होलिका दहन तक रहेगा. 21 मार्च को होली मनायी जायेगी. हालांकि झारखंड, बिहार, बंगाल में इसकी खास मान्यता नहीं है. जबकि उत्तर व पश्चिम भारत खासकर राजस्थान, पंजाब, दिल्ली आदि प्रांतों में इसे खास महत्व दिया जाता है. इस अवधि में विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित रहते हैं.

  • महाशिवरात्रि : हर हर महादेव से गूंजा देवघर, आज निकलेगी भव्य बारात, शामिल होंगे लाखों श्रद्धालु

    देवघर : महाशिवरात्रि पर सोमवार को बाबा भोलेनाथ की भव्य बारात निकलेगी. इसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होंगे. शहर में करीब सात किलोमीटर की दूरी तय कर शिव बारात बाबा मंदिर पहुंचेगी. यहां देर रात तक बाबा बैद्यनाथ की चतुष्प्रहर पूजा की जायेगी तथा बाबा का विवाह संपन्न कराया जायेगा. इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है.

  • कुंभ मेला : आखिरी शाही स्नान आज, 80 लाख श्रद्धालु लगायेंगे डुबकी

    प्रयागराज : महाशिवरात्रि पर सोमवार को कुंभ मेले में 70-80 लाख श्रद्धालुओं के गंगा और संगम में स्नान करने के संभावना है. महाशिवरात्रि का स्नान कुंभ मेले का आखिरी शाही स्नान है. इसके साथ ही मेला संपन्न हो जायेगा. अब तक कुंभ मेले में 22 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं. अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ कुंभ स्नान के लिए लौटने लगी. करीब सभी ट्रेनों में काफी भीड़ रही.

  • 18 वर्ष बाद आज सोमवार को पड़ रही महाशिवरात्रि, जानें इस अद्भुत संयोग के बारे में

    18 वर्षों के बाद इस बार सोमवार को शिवरात्रि आयी है. इस बार शिवयोग, कल्पयोग, आनंद योग और अर्धचंद्र योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. महाशिवरात्रि व्रत अमृतसिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र में मनायी जायेगी. महाशिवरात्रि को लेकर शिवालयों को आकर्षण ढंग से सजाया गया है. महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक करवाने की व्यवस्था की गयी है.

  • महाशिवरात्रि पर बन रहा है विशेष योग, सोमवार होने के कारण बढ़ गयी है महत्ता

    रांची : महाशिवरात्रि चार मार्च को है. सोमवार के कारण इस वर्ष महाशिवरात्रि का महत्व बढ़ गया है. साथ ही कुंभ, सर्वार्थसिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और यायीजय योग मिलने के कारण इसकी महत्ता और बढ़ गयी है. डॉ सुनील बर्म्मन के अनुसार रविवार को दिन के 02.11 बजे त्रयोदशी तिथि लग जायेगी, जो कि सोमवार शाम 04.10 बजे तक रहेगी. इसके बाद से चतुर्दशी लग जायेगी, जो मंगलवार शाम तक रहेगी. महाशिवरात्रि के दिन कुंभ मेला का समापन हो जायेगा. इस दिन अंतिम स्नान है.

  • आज सिद्धि योग में होगी मां सरस्वती की पूजा, ऐसे करें आराधना

    आज सिद्धि योग में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा होगी. ज्योतिषियों के अनुसार जिस दिन पंचमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच में व्याप्त रहती है उस दिन को सरस्वती पूजा के लिये उपयुक्त माना जाता है. दस फरवरी को पंचमी सुबह 9 बजकर 46 म