• विकास की बात, जाति पर चरचा

    प्रत्याशियों द्वारा जन संपर्कअभियान परवान पर है तो जनता भी अब मुखर होने लगी है. लेकिन खास बात यह है कि मतदाता अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है. विकास की बातें चल रही है तो जातिगत समीकरण पर भी हार-जीत के कयास लगाये जा रहे हैं. जिले की सात विस सीटों में चार विस सीट पर इस बार भी प्रतिद्वंदी पुराने ही हैं, हालांकि दल बदल गया है. कोई बागी हो गये हैं, तो कोई दूसरे दल के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

  • बस टिकट चाहिए, पार्टी कोई भी हो

    जिले में विधानसभा की सात सीटें हैं. इनमें से अमौर व बायसी किशनगंज लोकसभा का हिस्सा हैं, जबकि पूर्णिया सदर, रूपौली, कसबा, धमदाहा और बनमनखी (सुरक्षित), ये पांच सीटें पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र में आती हैं.2014 के लोकसभा चुनाव में बायसी से भाजपा के विधायक संतोष कुशवाहा ने पार्टी बदली. उन्होंने जदयू के टि