• सरोजिनी नायडू का आज जन्मदिन : अपने दौर की सर्वाधिक चर्चित महिला

    ''भारत कोकिला'' के नाम से विख्यात भारत के स्वाधीनता संग्राम की अप्रतिम योद्धा स्वर्गीय सरोजनी नायडू अपनी सांगठनिक क्षमता, ओजपूर्ण वाणी और देश की आज़ादी के लिए अपने प्रयासों की वज़ह से अपने दौर की सर्वाधिक लोकप्रिय महिला रही हैं. वे आज़ादी से पूर्व कांग्रेस की अध्यक्ष भी रहीं और आज़ादी के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की राज्यपाल भी.

  • पढ़ें, गीत चतुर्वेदी की चार कविताएं

    गीत चतुर्वेदी का जन्म 27 नवंबर 1977 को मुंबई हुआ है और अबतक इनकी नौ किताबें प्रकाशित हैं. इनका ताजा कविता संग्रह ‘न्यूनतम मैं’ हिंदी की बेस्टसेलर किताबों की सूची में शामिल है. कई देशी-विदेशी प्रकाशन-संस्थान उन्हें भारतीय भाषाओं के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में से एक मानते हैं. उनकी रचनाएं दुनिया की 19 भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं.

  • पढ़ें, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 11 प्रमुख कविताएं

    नयी दिल्ली/रांची : भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक राजनेता के साथ-साथ सदय हृदय कवि भी हैं. उन्होंने जीवन के हर रंग और ढंग पर अपनी लेखनी उकेरी है. उनकी लेखनी से निकले आखर कविता का रूप धारण किया. यहां पेश है जीवन के हर रंग को छूने वाली पांचवीं कक्षा से कविता लिखने के शौकीन वाजपेयी जी की 11 प्रमुख कविताएं....

  • ‘ वन हंड्रेड ईयर्स आफ सोलिट्यूड' के लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्खेज जयंती पर गूगल ने किया याद

    कोलंबियाई पत्रकार एवं लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्खेज ने मात्र18 साल की उम्र में ‘ वन हंड्रेड ईयर्स आफ सोलिट्यूड'' नामक किताब को लिखना शुरू किया था और उन्हें कतई इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उनकी सबसे सफल रचना साबित होगी. 1967 में प्रकाशित उनकी इस किताब की तीन करोड़ से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं. उनके जाने के बाद भी उनकी इस रचना की मांग कम नहीं हुई है. आज लेखक की 91 वीं जयंती के मौके पर गूगल ने एक डूडल इस महान साहित्यकार को समर्पित किया है जिनका‘‘ सितारा लातिन अमेरिका और उसके बाहर लगातार चमक रहा है.''''

  • 'भारत कोकिला' सरोजनी नायडू के जन्मदिन पर विशेष : यहां रोशनी बहुत तेज है...

    ''भारत कोकिला'' के नाम से विख्यात भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अप्रतिम योद्धा स्वर्गीय सरोजनी नायडू अपनी सांगठनिक क्षमता, ओजपूर्ण वाणी और देश की आज़ादी के लिए अपने प्रयासों की वज़ह से अपने दौर की सर्वाधिक लोकप्रिय महिला रही है. श्रीमती एनी बेसेंट की मित्र और महात्मा गांधी की इस प्रिय शिष्या ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया था.

  • जेपी की जयंती पर पढ़ें, धर्मवीर भारती की कालजयी रचना ‘मुनादी’

    आज ‘संपूर्ण क्रांति’ के जनक जयप्रकाश नारायण की 115वीं जयंती है. उन्होंने संपूर्ण क्रांति का आह्वान इंदिरा गांधी की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए किया था. देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ी थी और आपातकाल के दौरान पूरे देश में क्रांति ला दी थी. जेपी ने पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ रैली बुलायी थी, इस रैली में लोगों पर लाठी चार्ज कर दिया गया था, जेपी बुरी तरह घायल हुए थे, उस वक्त दिग्गज साहित्यकार धर्मवीर भारती ने एक कविता लिखी थी, ‘मुनादी’. आज जेपी की जयंती पर एक बार फिर पढ़ें उनकी यह कालजयी रचना-

  • भगत सिंह की जयंती पर पढ़ें फांसी के फंदे पर झूलने से पहले उन्होंने क्या लिखा

    महान क्रांतिकारी और देश के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति देने वाले भगत सिंह की कल जयंती है. भगत सिंह मात्र 23 वर्ष के थे तब वे देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल गये. भगत सिंह का शेरो-शायरी के प्रति बड़ा झुकाव था. वे जब भी अपने परिवार वालों को खत लिखते उसमें शेरो-शायरी भी शामिल होते थे. फांसी पर चढ़ने से पहले उन्होंने अपने भाई को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने चंद पंक्तियां भी लिखीं थीं, पढ़ें :-

  • नवरात्रि के अवसर पर पढ़ें महाकवि'निराला' की रचना ‘राम की शक्ति पूजा’

    रवि हुआ अस्त ज्योति के पत्र पर लिखा अमर रह गया राम-रावण का अपराजेय समर. आज का तीक्ष्ण शरविधृतक्षिप्रकर, वेगप्रखर, शतशेल सम्वरणशील, नील नभगर्जित स्वर, प्रतिपल परिवर्तित व्यूह

  • जुही की कली

    विजन-वन-वल्लरी पर सोती थी सुहाग-भरी-स्नेह-स्वप्न-मग्न- अमल-कोमल-तनु तरुणी-जुही की कली, दृग बन्द किये, शिथिल-पत्रांक में, वासन्ती निशा थी;

  • चांद का मुंह टेढ़ा है

    नगर के बीचों-बीच आधी रात-अंधेरे की काली स्याह शिलाओं से बनी हुई भीतों और अहातों के, कांच-टुकड़े जमे हुए ऊंचे-ऊंचे कंधों पर चांदनी की फैली हुई संवलायी झालरें. कारखाना-अहाते के उस पार

  • कृष्ण की चेतावनी

    वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है।