पाठक का पत्र

बेखौफ घूमते अपराधी

Prabhat Khabar

हजारीबाग शहर में एक बार फिर मोबाइल छिनतई गिरोह के लोग सक्रिय हो गये हैं. ये एेसे चोर हैं, जिनका काम करने का तरीका ही कुछ अलग है. इनका ध्यान राह चलते व्यक्ति पर रहता है. ये बिना नंबर की बाइक पर तीन की संख्या में सवार होते हैं. पहला व्यक्ति बाइक संभालता है, दूसरा मोबाइल झपटता है और तीसरा माहौल देखता है.

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यह जीत है विपक्ष के लिए सबक

प्रो योगेंद्र यादव

ए क असाधारण चुनाव का असाधारण नतीजा हमारे सामने है. यह परिणाम असाधारण सिर्फ इसलिए नहीं है कि बीजेपी ...

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परिवारवाद की राजनीति को जनता ने नकारा

मोहन गुरुस्वामी

न रेंद्र मोदी और शाह की यह निश्चित ही बहुत बड़ी रणनीतिक जीत हुई है. पिछली लोकसभा के लिए जब नरेंद्र ...

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मोदी के विकास को जनादेश

रामबहादुर राय

भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है. कांग्रेस ने दो साल पहले कैंब्रिज एनालिटिका ...

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बिहार की राजनीति का अगला पड़ाव

मणींद्र नाथ ठाकुर

लोकसभा का चुनाव परिणाम एक बार फिर से एनडीए के पक्ष में गया है. कांग्रेस फिर कोई कमाल नहीं दिखा पायी ...

Columnists

इवीएम पर सवाल

लोकसभा चुनाव समाप्त होते ही एक बार फिर से इवीएम को लेकर विपक्षी दलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है. यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है. इसके पहले भी इवीएम को सवालों के घेरे में रखा गया है.

पानी का गहराता संकट

गोड्डा जिले के ललमटिया थाना के अंतर्गत आने वाले लगभग 25 गांवों में पानी का संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है. रोलडीह, बलिया, बभनिया, लोचिन्ता, बेल्डीहा, जैसे गांवों में पानी का भयावह संकट छाया हुआ है.

आयोग की आलोचना

पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न प्रणब मुखर्जी ने हाल में ही एक पुस्तक के विमोचन के अवसर में चुनाव आयोग की तारीफ की. उन्होंने 2019 का चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग की सराहना भी की. यह भी कहा कि प्रथम आयुक्त सुकुमार सेन से लेकर मौजूदा आयुक्त सुनील अरोड़ा तक ने अच्छे काम किये.

गोड्डा में बिजली को लेकर हाहाकार

गोड्डा में विद्युत संचरण व्यवस्था विगत कई वर्षों से चौपट है. एक तरफ जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो रही है, वहीं इस भीषण गर्मी में अस्वस्थ नवजातों का क्रंदन कलेजा चीर देता है. प्रत्येक अस्पताल व शिशु रोग विशेषज्ञ के क्लिनिक के बाहर रोते-बिलखते बच्चों को गोद में लिये माता-पिताओं की भीड़ स्थिति की विकरालता को उजागर करती है.

प बंगाल में चुनावी हिंसा

पूरी दुनिया में निष्पक्ष व स्वतंत्र चुनाव कराना हमारी पहचान रही है, लेकिन इस बार चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में लोगों को मतदान करने से रोकने की कोशिश की गयी तथा डराया-धमकाया गया.

राष्ट्रवाद का मुद्दा जरूरी

लोकसभा चुनाव का सातवां और आखिरी चरण संपन्न हो गया. अब सभी को 23 मई को परिणाम का इंतजार है कि सरकार एनडीए की बनती है या यूपीए की? वैसे तो अधिकांश न्यूज एजेंसियां अपने एग्जिट पोल से एनडीए की सरकार बनने का दावा कर रही हैं. एक ओर जहां सत्ता पक्ष एग्जिट पोल के परिणाम से खुशियां मना रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष एग्जिट पोल पर भरोसा न करने की नसीहत दे रहा है.

ट्रंप पर महाभियोग की मांग

अब तक बाहर वाले ही राष्ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग चलाने की मांग कब से कर रहे थे, अब तो उन्हीं की रिपब्लिकन पार्टी के मिशिगन से सांसद जस्टिन अमाश ने भी महाभियोग चलाने की मांग कर दी है. क्या ऐसा होगा? अमेरिकी इतिहास में ट्रंप तीसरे राष्ट्रपति होंगे, जिनके विरुद्ध इस तरह की प्रक्रिया अपनायी जायेगी. वर्ष 1868 में एंड्रू जॉनसन के खिलाफ महाभियोग चला था.

बंपर वोटिंग का संदेश

लोकसभा चुनाव, 2019 के अंतिम चरण में संताल परगना की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में बंपर वोटिंग हुई. निश्चय ही सरकार एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाये गये मतदाता जागरूकता अभियान का यह प्रभाव है.

अफवाह फैलाने से बचें

अभी-अभी लोकसभा चुनाव खत्म हुआ है और लोगों ने बड़ी उत्साह के साथ अपना कीमती वोट अपने मनपसंद उम्मीदवार को दिया, लेकिन एक बात जो मुझे बहुत बुरी लगी, वह यह है कि कुछ लोगों की शरारत के कारण दूसरे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

अनमोल धरोहरों पर हमला!

बंगाल में चुनावी हिंसा के बीच एक शिक्षण संस्थान का रणक्षेत्र में तब्दील होना बेहद चिंताजनक है. सवाल यह नहीं है कि मूर्ति किसने तोड़ी, सवाल यह है कि राजनीति इस देश को कहां ले जा कर छोड़ेगी. चुनाव के दौरान हिंसा के लिए मशहूर बंगाल आज भी अपने कलंक से उबर नहीं पाया है.

मोदी के केदारनाथ दर्शन पर दोहरा रवैया क्यों

जिन लोगों को हिंदू नेताओं का जालीदार टोपी और हरे कुर्ते, दुपट्टे लगाकर इफ्तार में जाना ढोंग या नाटक न लगा, उन्हें मोदी का गेरुआ पहन कर साधना करना बुरा लग रहा है. अपनी इसी मूर्खता और विभाजन के कारण हिंदू समाज की न कोई इज्जत करता है, न उसके मत का या किसी मांग का आदर करता है.

परिणाम की प्रतीक्षा!

2019 के इस इस बेहद हंगामेदार और लंबे लोकसभा चुनाव के परिणाम का अब जनता को बड़ी बेसब्री से प्रतीक्षा है. सभी के अलग-अलग अंदाज हैं. भाजपा नेता तीन सौ का आंकड़ा पार करने की पूरी आशा लगाये हुए हैं.