प्रभात मत

अराजक उड़ान सेवाएं

Prabhat Khabar

बेहद सुविधाजनक और समय की बचत करनेवाली हवाई यात्रा थोड़ी-सी चूक से यातनादायी भी हो सकती है. गुरुवार सुबह मुंबई से जयपुर जा रहे जेट एयरवेज के एक विमान के यात्रियों को ऐसे ही भयावह अनुभव से गुजरना पड़ा. उस विमान के भीतर हवा का समुचित दबाव बनाये रखनेवाले बटन को चालू नहीं करने के कारण यात्रियों के कान और नाक से खून निकलने लगा था.

Columns

सावरकर का हिंदुत्व

रवि भूषण

महात्मा गांधी की डेढ़ सौवीं वर्षगांठ के तुरंत बाद विनायक दामोदर सावरकर सुर्खियों और बहसों में हैं. ...

Columns

छह सीटाें से चुनाव लड़े थे राजा साहब चार जीते, दाे पर मिली थी शिकस्त

अनुज कुमार सिन्‍हा

अनुज कुमार सिन्हा, रांची : काेई प्रत्याशी एक चुनाव में चार सीटाें से विजयी हाे जाये, ताे उसकी ...

Columns

लोकतंत्र का अर्थ है संवाद

अजीत रानाडे

भारतीय गणतंत्र की स्थापना के ठीक पहले, नवंबर 1949 में संविधान सभा में दिये गये अपने ऐतिहासिक भाषण ...

Columns

वैश्विक सूचकांकों में भारत

सतीश सिंह

जिनेवा स्थित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा हर साल वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक सूचकांक जारी किया ...

Columnists

बाजार में दूषित दूध

बचपन से लेकर बुढ़ापे तक दूध और दूध से बनी चीजें हमारे खान-पान का जरूरी हिस्सा होती हैं, लेकिन अगर नुकसानदेह तत्वों से दूषित और मिलावटी दूध बाजार में बेचा जाने लगे, तो अमृत कही जानेवाली यह वस्तु जहर भी हो सकती है. भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सर्वेक्षण में लगभग 41 फीसदी नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं.

घेरे में पाकिस्तान

अपने पड़ोसी देशों को मुसीबत में डालने की कोशिश में लगी पाकिस्तान सरकार लगातार मुसीबतों से घिरती जा रही है. हवाला के जरिये पैसे के लेन-देन को रोकने के लिए बना अंतरराष्ट्रीय समूह ''फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स'' पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने पर विचार कर रहा है.

स्वच्छ हो रेल

भारतीय रेल को उचित ही देश की जीवन-रेखा की संज्ञा दी जाती है. इस यातायात नेटवर्क से सालभर में सवा आठ अरब से ज्यादा लोग यात्राएं करते हैं. ऐसे में रोजाना चलनेवाली 20 हजार से अधिक यात्री गाड़ियों और 73 सौ से ज्यादा स्टेशनों को साफ-सुथरा रखना एक बड़ी चुनौती है.

हवा में जहर

जाड़े की आहट के साथ ही जहरीली हवा ने उत्तर भारत को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में खेतों में पराली जलाने का सिलसिला अभी शुरू ही हुआ है. इस साल मॉनसून की अवधि लंबी होने के कारण किसानों के पास खेत को अगली फसल के लिए तैयार करने का समय भी कम है.

ग्रामीण विकास की ओर

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं. इसमें 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य प्रमुख है. सरकार ने ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए 25 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश की पहल की है. वर्ष 1965 से 2015 की अवधि में हमारे खाद्य उत्पादन में 3.7 गुनी और जनसंख्या में 2.55 गुनी बढ़ोतरी हुई. इस हिसाब से प्रति व्यक्ति खाद्य उत्पादन में 45 प्रतिशत वृद्धि हुई.

दुरुस्त हो प्रबंधन

पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारक अपनी ही जमा-पूंजी पाने के लिए भटक रहे हैं और उन्हें उम्मीद की कोई सूरत भी नहीं दिख रही है. यह स्वागतयोग्य है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जरूरी होने पर सहकारिता कानूनों में बदलाव करने की बात कही है.

एक महत्वपूर्ण अवसर

क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति और आर्थिकी के उतार-चढ़ाव के माहौल में हो रही भारत-चीन शिखर वार्ता अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का चीन दौरा तथा चीन की ओर से जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर बयानबाजी और भारत की स्वाभाविक प्रतिक्रिया को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इस मसले पर चर्चा की संभावना है.

बुजुर्गों की बढ़ती संख्या

हमारे देश में कामकाजी आबादी की बड़ी तादाद होने के साथ बुजुर्गों की भी संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. भारत की जनसंख्या की औसत आयु 28 साल है, जबकि चीन में यह 37 साल है. आकलनों की मानें, तो 2050 तक सबसे अधिक कामकाजी लोग भारत में होंगे.

निर्णय आसान नहीं

दक्षिण-पूर्व एशिया और हिंद-प्रशांत प्रशांत के 16 देशों के बीच महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत अपने अंतिम चरण में है. अब तक इन देशों के बीच 28 उच्च-स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं और माना जा रहा है कि अगले सप्ताह थाईलैंड में कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है. इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आनेवाले हैं. ऐसे में इस मसले पर हुई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों की बैठक का महत्व बहुत बढ़ जाता है.

स्वच्छता और स्वास्थ्य

ग्रामीण भारत को खुले में शौच की विवशता से मुक्ति मिल गयी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह घोषणा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती के पावन अवसर पर एक उत्कृष्ट श्रद्धांजलि है. विगत पांच वर्षों से अभूतपूर्व गति से देशभर में शौचालयों का निर्माण हो रहा है. विश्व बैंक के सर्वेक्षण के अनुसार, 90.4 प्रतिशत गांवों तथा 93.1 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को शौचालय की सुविधा प्राप्त हो चुकी है.

दीर्घकालिक नीतियां बनें

इस साल मॉनसून में सामान्य से अधिक बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनती रही है. अभी उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र के अनेक जिलों में पानी भरा हुआ है. आम तौर पर मॉनसून की अवधि जून से सितंबर तक होती है, पर इस बार मध्य-अक्टूबर तक ही यह खत्म हो सकेगा. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून से अब तक 16 सौ से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.

बापू और वर्तमान

डेढ़ सदी पहले जन्मे और सात दशक पहले दिवंगत हो चुके महात्मा गांधी न केवल हमारे देश के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक और प्रेरणादायक बने हुए हैं. राष्ट्रपिता का जीवन और कर्म हमारे लिए एक नैतिक कसौटी हैं. ऐसा संयोगवश नहीं हुआ है. उनकी दुर्बल काया में स्थित असीम साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति तथा वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता को समझने के लिए उनके युग और आज के दौर को देखा जाना चाहिए.