प्रभात मत

अराजक उड़ान सेवाएं

Prabhat Khabar

बेहद सुविधाजनक और समय की बचत करनेवाली हवाई यात्रा थोड़ी-सी चूक से यातनादायी भी हो सकती है. गुरुवार सुबह मुंबई से जयपुर जा रहे जेट एयरवेज के एक विमान के यात्रियों को ऐसे ही भयावह अनुभव से गुजरना पड़ा. उस विमान के भीतर हवा का समुचित दबाव बनाये रखनेवाले बटन को चालू नहीं करने के कारण यात्रियों के कान और नाक से खून निकलने लगा था.

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आइये, अपना आरक्षण ले जाइये

कुमार प्रशांत

राजस्थान में गुर्जरों ने अारक्षण की मांग का अपना पांचवां अांदोलन इस भाव के साथ वापस ले लिया है कि ...

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आतंकी हमले से उद्वेलित देश

आशुतोष चतुर्वेदी

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में ...

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भारत की मुख्य सुरक्षा चुनौती चीन

प्रो सतीश कुमार

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद से देश के भीतर रोष है. अवाम अब बदला मांग रही है. भारत ने 1996 में ...

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सोलहवीं लोकसभा का कामकाज

अंकिता नंदा

साल 2019 के बजट सत्र के समापन के साथ 16वीं लोकसभा का अवसान हो गया. पिछले पांच वर्षों के दौरान 133 ...

Columnists

एमबीएस का दौरा

सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) का भारत, पाकिस्तान और चीन का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पाकिस्तान-समर्थित गिरोह लगातार आतंकी हमलों को अंजाम दे रहे हैं.

चीन रवैया सुधारे

पुलवामा आतंकी हमला भारत के विरुद्ध बरसों से चल रहे पाकिस्तान के छद्म युद्ध की एक कड़ी है. इस घटना ने फिर यह साबित किया है कि कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद को संरक्षण एवं समर्थन देने तथा हिंसक हमलों से भारत को तबाह करने के उसके इरादे में बदलाव की उम्मीद करना बेकार है. लगातार घुसपैठ, युद्धविराम का उल्लंघन तथा पाकिस्तानी सरकार और सेना के उकसावे भरे बयान का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बढ़ते खेत, घटते वन

दो दशक पहले की तुलना में आज दुनिया में अधिक हरियाली है. धरती को हरा-भरा बनाने के प्रयासों में चीन और भारत अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. नासा की सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित अध्ययन के ये निष्कर्ष हरित क्षेत्र में कमी और बढ़ोतरी को लेकर आम धारणाओं के विपरीत हैं.

नकदी में बढ़त

देश में फिलहाल 20.65 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा चलन में है, जो नोटबंदी से पहले के 17.97 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक है. एचएसबीसी की शोध रिपोर्ट में इन आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में ''अनौपचारिक'' लेन-देन में बढ़ोतरी हो रही है.

जग-मग होता देश

देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने का सरकार का संकल्प लगभग पूरा हो चुका है. वर्ष 2014 में ऐसे ढाई करोड़ घरों को विद्युतीकरण के लिए चिह्नित किया गया था. अब छत्तीसगढ़ में 20,134 और राजस्थान में 8,460 घर ही बचे हैं, जहां मार्च तक बिजली पहुंच जाने की उम्मीद है. सौ फीसदी घरों को कनेक्शन देना सरकार की प्राथमिकता रही है.

मौत का तांडव

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और उत्तराखंड के हरिद्वार में जहरीली शराब से मरनेवालों की संख्या लगभग सवा सौ पहुंच चुकी है. इस संदर्भ में बड़ी संख्या में संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और कुछ अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है.

पाकिस्तान का उकसावा

इमरान खान सरकार से यह उम्मीद की जा रही थी कि भारत के साथ उसके रिश्ते बेहतर होंगे, लेकिन यह उम्मीद लगातार टूटती जा रही है. बीते हफ्ते लाहौर में आतंकी सरगना हाफिज सईद को खुलेआम कश्मीर के नाम पर भारत के खिलाफ जहर उगलने की मंजूरी देकर पाकिस्तान सरकार ने यही इंगित किया है कि उसकी नीतियां पिछली सरकारों से अलग नहीं हैं.

जानलेवा बुखारों का कहर

साल के पहले पांच सप्ताहों में ही देश में स्वाइन फ्लू के 6,701 मामले सामने आये हैं. इस बीमारी से अब तक 226 मौतें ही चुकी हैं. इसी अवधि में पिछले साल इससे सिर्फ 798 लोग बीमार हुए थे और मृतकों की संख्या 68 रही थी, लेकिन पूरे साल में करीब 15 हजार लोग इस फ्लू की चपेट में आये थे और मरनेवालों की संख्या 1,103 रही थी.

मुसीबत है मोबाइल गेम

सेवाओं, सुविधाओं और मनोरंजन को सुलभ बनाने में डिजिटल तकनीक और इंटरनेट ने बड़ी भूमिका निभायी है. इससे जानकारी और सूचनाएं जुटाना भी आसान हुआ है.

एंटीबायोटिक के खतरे

देश में लापरवाह तरीके से एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते सेवन से रोगाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती जा रही है. इस कारण बीमारियों की गंभीरता भी बढ़ रही है और दवाएं भी बेअसर हो रही हैं. हालांकि, ऐसा पूरी दुनिया में हो रहा है, पर भारत इससे ज्यादा प्रभावित है.

बजट एवं वित्तीय घाटा

केंद्रीय बजट में 2008 तक बजट घाटे को तीन फीसदी लाने का लक्ष्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है. मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालने के समय इसके लिए 2018 की सीमा तय की थी. अंतरिम बजट में प्रभारी मंत्री पीयूष गोयल ने 2019 और 2020 के वित्त वर्षों में यह घाटा 3.4 फीसदी तक रहने का अनुमान व्यक्त किया है. आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि 2019-20 में यह 3.3 फीसदी भी रह सकता है.

स्वास्थ्य पर ध्यान

दुनियाभर में करीब 42 लाख लोग सर्जरी कराने के एक महीने के भीतर मौत का शिकार हो जाते हैं. यह आंकड़ा सभी तरह की मौतों की कुल संख्या का लगभग आठ फीसदी है. एड्स, टीबी और मलेरिया के कारण भी इतने लोग नहीं मरते हैं.