प्रभात मत

अराजक उड़ान सेवाएं

Prabhat Khabar

बेहद सुविधाजनक और समय की बचत करनेवाली हवाई यात्रा थोड़ी-सी चूक से यातनादायी भी हो सकती है. गुरुवार सुबह मुंबई से जयपुर जा रहे जेट एयरवेज के एक विमान के यात्रियों को ऐसे ही भयावह अनुभव से गुजरना पड़ा. उस विमान के भीतर हवा का समुचित दबाव बनाये रखनेवाले बटन को चालू नहीं करने के कारण यात्रियों के कान और नाक से खून निकलने लगा था.

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कर्ज सस्ते होने के आसार

सतीश सिंह

मुख्य रूप से ईंधन की कीमत में गिरावट की वजह से जुलाई महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) दर ...

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जनसंख्या नियंत्रण की चुनौती

आशुतोष चतुर्वेदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में देश की बढ़ती जनसंख्या ...

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कश्मीर पर संरा का पाक को साफ जवाब

प्रो सतीश कुमार

अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद पाकिस्तान बेचैन है और चीन गुस्से में है. बीते शुक्रवार चीन द्वारा ...

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लोकतंत्र पर गर्व का क्षण

नवीन जोशी

ब्रिटिश हुकूमत से आजाद होने के हिलोरें मारती भारतीय तमन्ना से उपजे आंदोलन के दबाव में जब भारत को ...

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भूटान का अहम दौरा

पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का प्रमुख हिस्सा है. इसका संकेत 2014 में उनके शपथ-ग्रहण समारोह में सार्क देशों के नेताओं की मौजूदगी से ही मिल गया था. हालांकि, पाकिस्तान की भारत-विरोधी हरकतों और आतंकवाद-परस्ती के कारण सार्क निष्क्रिय हो चुका है, परंतु बिम्सटेक जैसे बहुपक्षीय मंच एवं द्विपक्षीय मेल-जोल के जरिये दक्षिण एशियाई देशों के साथ भारत की नजदीकी लगातार बढ़ रही है.

बैंकिंग सुधार की पहल

कुछ सालों से सरकार बैंकिंग क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधारों के लिए प्रयासरत है. इसके तहत गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों का दबाव कुछ हद तक कम किया जा सका है.

स्वतंत्रता के ध्येय

पंद्रह अगस्त, 1947 से अनवरत चल रही राष्ट्र यात्रा में विकास एवं समृद्धि के अनगिनत सुनहरे मील के पत्थर हैं. स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और बलिदान इस यात्रा के आधार भी हैं तथा आदर्श भी. औपनिवेशिक शासन ने देश को भौतिक रूप से जीर्ण-शीर्ण कर दिया था, परंतु हमारे पुरखों ने युगों से संचित नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिकता और आत्मबल को संबल बनाकर हमारे लिए स्वतंत्रता का अर्जन किया. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम उन सेनानियों और राष्ट्रनिर्माताओं का स्मरण करते हुए उनके सपनों के भारत के सृजन का संकल्प दुहराते हैं. यह राष्ट्रीय पर्व हमें अपनी उपलब्धियों के गौरव गान का दिवस तो है ही, अपनी सफलताओं और असफलताओं को सामने रख आत्ममंथन का दिवस भी है.

बाढ़ नीति जरूरी

कर्नाटक, केरल, बंगाल, आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न इलाकों में बाढ़ और तेज बारिश का कहर जारी है. इन क्षेत्रों में मरनेवालों की संख्या 227 तक जा पहुंची है. प्रभावितों की संख्या लाखों में है तथा हजारों हेक्टेयर में लगी फसल तबाह हो चुकी है. इससे पहले बिहार और असम की बाढ़ में भी 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. इसी मौसम में मुंबई में भी दो बार बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है.

भयावह होता कैंसर

दुनियाभर में कैंसर की बीमारी बहुत तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. वैश्विक स्तर पर कैंसर के शिकार बच्चों की 82 फीसदी संख्या निम्न और मध्यम आय के देशों में है. लांसेट ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, इन देशों में रोग की शुरुआती पहचान न हो पाने और मामूली उपचार के कारण स्वस्थ जीवन के 70 लाख साल बर्बाद हो जाते हैं. अधिक आबादी के जिन 50 देशों पर नजर डालें, तो भारत, चीन, नाइजीरिया, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में यह समस्या बेहद गंभीर है.

बढ़े स्त्री भागीदारी

देश की आर्थिक बढ़त की गति तेज करने के लिए आगामी एक दशक में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा कर 48 फीसदी के वैश्विक औसत तक पहुंचाने की जरूरत है. नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने इस बात पर जोर दिया है कि अगर देश की आधी आबादी का समुचित हिस्सा कार्यबल में नहीं होगा, तो अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को 9-10 फीसदी तक ले जाना संभव नहीं हो सकेगा.

बढ़ती डिजिटल ठगी

कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी और पटियाला से सांसद परनीत कौर के खाते से साइबर ठगों द्वारा 23 लाख रुपये उड़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.

चीन की रार

केंद्रशासित प्रदेश बनाने के निर्णय से लद्दाख के लोगों में खुशी की लहर है, लेकिन यह खुशी चीन को रास नहीं आ रही है. उसने निर्णय को अस्वीकार करते हुए इसे अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता से जोड़ दिया है.

बाज आये पाकिस्तान

संविधान के अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के प्रशासनिक पुनर्गठन से संबंधित प्रस्तावों के बारे में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह भारत का आंतरिक मामला है. खबरों के मुताबिक, इस संबंध में सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों समेत अनेक देशों को भारत ने यह संदेश दे दिया है.

संसद की सक्रियता

देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद का मौजूदा सत्र अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर के विभाजन व उसकी शासन प्रणाली में बदलाव के कारण एक ऐतिहासिक सत्र बन गया है. परंतु, एक अन्य अहम वजह से भी इस सत्र ने संसदीय इतिहास में अपनी जगह बना ली है. चालू सत्र में अब तक 30 विधेयक पारित हो चुके हैं और सोमवार को भी जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई. इसके बाद भी आज और कल सत्र जारी रहेगा. इस अवधि में भी कुछ विधेयक पारित होंगे. इससे पहले सर्वाधिक विधेयक पहली लोकसभा के एक सत्र में 1952 में पारित हुए थे.

मंदी की आहट

अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में गिरावट के गंभीर संकेत चिंताजनक हैं. घरेलू बचत के लगातार गिरते स्तर, निर्यात घटने, अपेक्षित निवेश न होने और उपभोग व मांग में कमी से इस स्थिति में जल्दी सकारात्मक बदलाव भी नहीं दिखते. यह आशंका इस कारण भी गहरी हो जाती है कि वैश्विक स्तर पर भी मंदी के बादल मंडरा रहे हैं. साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद भारत और अन्य कई अर्थव्यवस्थाओं में लगातार बढ़त का रुझान रहा है, लेकिन इसके बावजूद रोजगार और आमदनी में संतोषजनक प्रगति नहीं हुई.

सुरक्षित होंगीं सड़कें

सड़क दुर्घटनाओं और हताहतों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया में पहले पायदान पर है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2015 में हुईं पांच लाख से अधिक दुर्घटनाओं में 1.46 लाख लोग मारे गये थे और घायलों की संख्या पांच लाख रही थी.