पाठक का पत्र

बाढ़ से बचाव की पहल करे केंद्र व राज्य की सरकार

Prabhat Khabar

एक और जहां हम चंद्रयान दो के सफल प्रक्षेपण का जश्न मना रहे हैं, वहीं कुछ पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ की विभीषिका से भी रूबरू हो रहे हैं. खासकर बिहार में जहां नेपाल द्वारा छोड़े गये पानी के कारण हर साल करोड़ों रुपये की क्षति व जान-माल का नुकसान हो रहा है. पुराने समय में कोसी परियोजना गंडक परियोजना के जरिये नहर बनाकर बाढ़ के पानी को खेतों की ओर मोड़ दिया जाता था, जिससे पटवन के समय इसका उपयोग किया जाता था.

Columns

हांगकांग की पहचान का संघर्ष

अविनाश गोडबोले

हांगकांग और चीन के बीच चल रहा प्रत्यर्पण संधि विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. लगातार दस हफ्ते से चल ...

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सामाजिक बदलाव के संकेत

मणींद्र नाथ ठाकुर

यह तो तय है कि समय के साथ-साथ समाज में बदलाव होता है. लेकिन, कभी-कभी इस बदलाव की गति तेज हो जाती ...

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कर्ज सस्ते होने के आसार

सतीश सिंह

मुख्य रूप से ईंधन की कीमत में गिरावट की वजह से जुलाई महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) दर ...

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जनसंख्या नियंत्रण की चुनौती

आशुतोष चतुर्वेदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने संबोधन में देश की बढ़ती जनसंख्या ...

Columnists

जनसंख्या नियंत्रण करने का संदेश सराहनीय कदम

धरती पर जैव विविधता को बचाने के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों में जल, हवा और मिट्टी की आवश्यकता सर्वोपरि है. अचरज की बात है कि आज इन सभी संसाधनों की कमी धरती को जीवन के ग्रह से दूर लेती जा रही है. अगर हम बात जल की करें, तो स्थिति भयावहता की ओर इंगित करती है.

लद्दाख में आदिवासी महोत्सव भाईचारे को करेगा मजबूत

जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बने अभी कुछ ही दिन हुए हैं कि लद्दाख से खुशी की खबर आनी शुरू हो गयी है. लद्दाख प्रदेश में स्थित लेह का पोलो ग्राउंड मैदान जो करीब 12 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित है वह कभी बड़े-बड़े चुनावी रैलियों के लिए जाना जाता था. वह अब धारा 370 हटने के बाद घाटी के पहले बड़े सरकारी आयोजन के लिए जाना जा रहा है.

सेलफोन से बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

आज सेलफोन का जमाना है. इसका इस्तेमाल बात करने के साथ सोशल एप के माध्यम से तरह-तरह की जानकारी व समाचार प्राप्त करने के लिए होता है. खुद को अपडेट रखने में कोई बुराई नहीं है, मगर आवश्यकता से ज्यादा किसी भी चीज का इस्तेमाल सही नहीं है. इसकी लत रिश्तों में दूरी की वजह बन रही है.

प्रलेस के अंदर आकर बदलाव की सहभागी बनिए

14 अगस्त, 2019 के ''प्रभात खबर'' के संपादकीय पृष्ठ पर लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता नूर जहीर ने प्रगतिशील लेखक संघ के सोच में बदलाव के लिए उपयोगी सुझाव दिये हैं, पर पूरी टिप्पणी में जिस एक चीज का अभाव दिखा, वह है ईमानदारी का. नूर जी ने पदाधिकारी मंडल में महिलाओं के न होने, दलित साहित्य व विमर्श पर चर्चा न करने के कारण प्रलेस को रूढ़िवादी सोच में फंसा हुआ बताया है.

भूटान से सीखने की जरूरत

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से भारत के पांच शहर शामिल हैं. दूसरी तरफ भूटान एक छोटा देश है, जो प्रदूषण मुक्त है. न केवल यहां की सरकारी नीति बल्कि यहां के नागरिक भी पर्यावरण संरक्षण को अपना मौलिक कर्तव्य समझते हैं.

डेटा सुरक्षा सबसे जरूरी

आने वाले समय में डेटा की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनने जा रही है. आने वाले समय में युद्ध की सामग्री, अत्याधुनिक हथियारों की जानकारी, खुफिया रिपोर्ट, सेना के बेस कैंप, सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय, अतिमहत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी सबकुछ कंप्यूटर में रहती है.

कांग्रेसी नेताओं का रुख बदला

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का जनसंख्या नियंत्रण और प्लास्टिक पर प्रतिबंध को सरकार के ठोस कदमों के साथ जन अभियान बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की स्वतंत्रता दिवस पर भाषण की तारीफ करना एक सकारात्मक पहल है.

न्यू-इंडिया का न्यू-खाका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में जो कुछ भी कहा, उसमें न्यू इंडिया का संकल्प नजर आता है. यह संबोधन देश की भावी तस्वीर को बयां करता है, जिसमें जनसंख्या नियंत्रण कानून के साथ जनजागरूकता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में प्रगति के लिए आर्थिक सुधार के साथ ही एक देश-एक चुनाव का संकल्प एक बार फिर से व्यक्त किया और कहा कि उचित विकास व सुशासन के लिए देश इस बदलाव का इंतजार कर रहा है.

बिजली की आपूर्ति ठीक हो

प्रधानमंत्री द्वारा 25 सितंबर 2017 में एक योजना शुरू की गयी थी, जिसका नाम था ''प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना. यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के लिए यह फायदेमंद नहीं हो पायी है. हमारे बुढ़मू प्रखंड में जितने भी गांव टोला मोहल्ला है उसमें बिजली की आपूर्ति 24 घंटे में से सिर्फ छह से आठ घंटा ही रहती है. हर वक्त बिजली के कट ऑफ की समस्या भी है. अगर बारिश हो जाये, तो कभी-कभी 24 घंटे भी बिजली गुल हो जाती है.

पाकिस्तान को चीन का साथ नहीं

जब पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के लौटने के ठीक दो दिन बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन गये तो यह लगने लगा था कि वे कश्मीर मामले में पाक द्वारा लगाये गये आरोपों का सफाई देने गये हैं, जबकि यह यात्रा पूर्वनिर्धारित थी. वहां उन्होंने समग्र संबंधों पर वार्ता की. वहां के उपराष्ट्रपति से मिले. विदेश मंत्री से तो मिले ही. व्यापार और सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने पर वार्तालाप हुआ. सीमा विवाद को परे रखते हुए सौहार्द बढ़ाने पर बातें हुई.

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सही

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में लागू पाबंदियां तत्काल हटाने से इनकार कर दिया है. कश्मीर की स्थिति अति संवेदनशील है, ऐसे में थोड़ी असुविधा या हिंसा में थोड़े समय के लिए असुविधा को चुनना बेहतर विकल्प रहा.

नया नौ दिन, पुराना सौ दिन !

ओल्ड इज गोल्ड के समान हिंदी में कहावत है नया नौ दिन और पुराना सौ दिन. लोकसभा चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी के कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर निरंतर अड़े रहने से काफी गहमा गहमी रही जिससे अंत में सोनिया गांधी को ही फिर से इसकी बागडोर संभालनी पड़ी है.