आलेख

युवा मन को समझने की चुनौती

आशुतोष चतुर्वेदी

ज्ञान की भूमि रही है बिहार की धरती. कौटिल्य, गौतम बुद्ध और आर्यभट्ट की लंबी परंपरा हमारी थाती है. यह ज्ञान-विज्ञान की परंपरा ही है जिस पर हम गर्व करते हैं. इसके केंद्र में हैं युवा और हमारी शिक्षा व्यवस्था. इसमें कोई दो राय नहीं कि अच्छी शिक्षा के बगैर बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती. साथ ही लोकतंत्र को इन्हीं कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने नायक प्रदान किये हैं.

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चीन के निर्यात का गिरता ग्राफ

डॉ अश्विनी महाजन

लगभग दो दशक से सबसे तेज अर्थव्यवस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में ...

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न हो आचार संहिता का उल्लंघन

नवीन जोशी

आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के कारण चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ...

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इवीएम पर बार-बार उठते प्रश्न

अवधेश कुमार

विपक्षी दलों ने इवीएम को फिर निशाना बनाया है. इन दलों ने यह तय किया कि वे ईवीएम को खत्म कर मतपत्रों ...

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देश को जीवंत वामपंथ की जरूरत

डॉ संजय बारू

आम चुनावों के रिपोर्ताज एवं विश्लेषणों के रोजाना शोरगुल तथा आपाधापी में भारतीय राजनीति के उस एक अहम ...

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