आलेख

युवा मन को समझने की चुनौती

आशुतोष चतुर्वेदी

ज्ञान की भूमि रही है बिहार की धरती. कौटिल्य, गौतम बुद्ध और आर्यभट्ट की लंबी परंपरा हमारी थाती है. यह ज्ञान-विज्ञान की परंपरा ही है जिस पर हम गर्व करते हैं. इसके केंद्र में हैं युवा और हमारी शिक्षा व्यवस्था. इसमें कोई दो राय नहीं कि अच्छी शिक्षा के बगैर बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती. साथ ही लोकतंत्र को इन्हीं कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने नायक प्रदान किये हैं.

Columns

हिमालय से हिंद महासागर तक संघर्ष

प्रो सतीश कुमार

भारत और चीन के बीच अनौपचारिक वार्ता एक नये संबंध का आगाज बन सकता है. प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति ...

Columns

शहरों की विफलता के जिम्मेदार

प्रभु चावला

गैतिहासिक काल के मोहनजोदड़ो से शुरुआत कर वैदिक काल के इंद्रप्रस्थ और प्राचीन रोम तक शहरों पर उनके ...

Columns

सच्चे अर्थों में लोकनायक थे जेपी

कृष्‍ण प्रताप सिंह

ग्यारह अक्तूबर, 1902 को उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर स्थित, बलिया व सारण जिलों के बीच बंटे और ...

Columns

बदल रही है युद्ध प्रणाली

आकार पटेल

अखबारों से पता चला कि भारतीय वायु सेना 200 लड़ाकू विमान और लेना चाहती है और इस संबंध में विभिन्न ...

Columnists