आलेख

युवा मन को समझने की चुनौती

आशुतोष चतुर्वेदी

ज्ञान की भूमि रही है बिहार की धरती. कौटिल्य, गौतम बुद्ध और आर्यभट्ट की लंबी परंपरा हमारी थाती है. यह ज्ञान-विज्ञान की परंपरा ही है जिस पर हम गर्व करते हैं. इसके केंद्र में हैं युवा और हमारी शिक्षा व्यवस्था. इसमें कोई दो राय नहीं कि अच्छी शिक्षा के बगैर बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती. साथ ही लोकतंत्र को इन्हीं कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने नायक प्रदान किये हैं.

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संस्कृति के एक सिपाही का जाना

कुमार प्रशांत

मुझे अच्छा लगा कि गिरीश रघुनाथ कर्नाड को संसार से वैसे ही विदा किया गया, जैसे वे चाहते थे- नि:शब्द! ...

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समाज में बुजुर्गों की अनदेखी

आशुतोष चतुर्वेदी

देश की बड़ी आबादी तेजी से बुजुर्ग हो रही है. बेहतर खान पान और स्वास्थ्य सेवाओं ने लोगों की उम्र ...

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ज्येष्ठ पूर्णिमा : नागार्जुन का जन्मदिन

रवि भूषण

आज ज्येष्ठ पूर्णिमा है. बाबा नागार्जुन का जन्मदिन. उनकी याद बार-बार आती है. आज के दिन कुछ और अधिक. ...

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प्रस्तावित स्मार्ट सिटी में अधिकाधिक पार्किंग-स्मार्ट शौचालय की अपेक्षा

सुरेंद्र किशोर

पटना के बकरी बाजार-कबाड़ी बाजार में स्मार्ट सिटी के तहत स्मार्ट मार्केट बनाने का प्रस्ताव है. जीपीओ ...

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