• ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को मिला बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

    लंदन : ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘कैलेस्टियल बॉडीज’ के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है, जो दासता के अपने इतिहास से उबरकर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है.

  • इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल होगा मशहूर शायर देवेंद्र गोयल मांझी का 'मांझी तुकांत कोश'

    नयी दिल्ली : देश के मशहूर शायर और पत्रकार देवेंद्र गोयल मांझी की ''मांझी तुकांत कोश'' को वर्ष 2020 में इंडिया बुक रिकॉर्ड में शामिल किया जायेगा. साहित्य जगत में ''मांझी'' के नाम से लोकप्रिय देवेंद्र गोयल मांझी की गजलों की पुस्तक ''मैं हादिसा हूं'' काफी लोकप्रिय हुई थी. इसके पहले मांझी ने करीब तीन खंडों में हिंदी-अंग्रेजी-उर्दू का शब्दकोश की भी रचना की है.

  • पोलैंड की उपन्यासकार ओल्गा समेत पांच महिलाएं बुकर पुरस्कार के लिए नामित, विजेता की घोषणा 21 मई को

    लंदन : पोलैंड की उपन्यासकार ओल्गा टोकरियुक सहित पांच महिला उपन्यासकार इस बार बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं. इनके नामों की घोषणा अन्य लोगों के साथ मंगलवार को की गयी. ओल्गा पिछले साल की बुकर पुरस्कार विजेता हैं. उन्हें 2018 में ‘फ्लाइट्स’ के लिए पुरस्कृत किया गया था.

  • ‘वक्त की अलगनी पर’ कविता संग्रह का लोकार्पण, कवयित्री रश्मि शर्मा ने कहा, कविता लिखना मेरी आदत और जरूरत

    ‘वक्त की अलगनी पर’ कविता संग्रह में कवयित्री ने दिल के दर्द को शब्दों में पिरोया है. साथ ही उनकी कविता में एक लय है जो जीवन की अनिवार्य शर्त है. कविताएं सहज और कोमल मन की अभिव्यक्ति है. उक्तें रांची के वरिष्ठ साहित्यकार और रांची विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक प्रियदर्शी ने कही.

  • मलयालम की नामचीन लेखिका अशिता का निधन

    मलयालम की नामचीन लेखिका अशिता का आज यहां बुधवार तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. उन्हें अपनी मर्मस्पर्शी कहानियों और कविताओं के माध्यम से महिलाओं की पीड़ा और भावनाओं के चित्रण के लिए जाना जाता है. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि पिछले कुछ सालों से 63 वर्षीय अशिता कैंसर से जूझ रही थीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद मंगलवार की सुबह लेखिका को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली.

  • रमणिका गुप्ता के निधन से झारखंडी साहित्यकारों में शोक की लहर, जानिये किसने क्या कहा...?

    रांची : हिंदी की बेबाक और आदिवासी व दलित साहित्य की प्रखर साहित्यकार, संपादक और संघर्षशील नेता रमणिका गुप्ता का मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन की खबर से झारखंड के साहित्यकारों में शोक की लहर फैल गयी है. उनके जाने से न केवल हिंदी साहित्य को, बल्कि पूरे दलित, आदिवासी और मजदूर समाज को नुकसान पहुंचा है. आइए, जानते हैं कि झारखंड के साहित्यकारों ने किस तरह से अपनी संवेदना व्यक्त की...

  • हिंदी की बेबाक लेखिका रमणिका गुप्ता का निधन, बिहार-झारखंड से रहा है अटूट रिश्ता

    नयी दिल्ली/रांची : हिंदी की बेबाक लेखिका रमणिका गुप्ता का मंगलवार को निधन हो गया. वे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थीं. पंजाब के सुनाम में वर्ष 1930 में जन्मी रमणिका गुप्ता का बिहार-झारखंड से अटूट रिश्ता रहा है. राजनीति के क्षेत्र में भी उन्होंने अपना अमूल्य योगदान दिया है.

  • झारखंड के 14 साहित्यकारों को सम्मानित करेगा बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन

    रांची/पटना : बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन की ओर से झारखंड के 14 साहित्यकारों को साहित्य सम्मेलन शताब्दी सम्मान से पुरस्कृत किया जायेगा. ये साहित्यकार को आगामी 26 जनवरी को बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किये जायेंगे. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा उपस्थित रहेंगी.

  • सुप्रसिद्ध उपन्यासकार 'रणेंद्र' को प्रथम विमलादेवी स्मृति सम्मान दिये जाने की घोषणा

    कुशीनारा उच्च अध्ययन संस्थान द्वारा प्रथम विमला देवी स्मृति सम्मान 2019, सुप्रसिद्ध समकालीन उपन्यासकार रणेंद्र को दिये जाने की घोषणा की गयी है. उन्हें यह पुरस्कार हिंदी साहित्य की उपन्यास विधा में मौलिक व जनपक्षधर लेखन के लिए दिया जा रहा है.

  • हिंदी के मशहूर साहित्यकार और आलोचक नामवर सिंह का निधन

    नयी दिल्ली: हिंदी के प्रख्यात आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में बीती रात अंतिम सांस ली. वे 93 वर्ष के थे. जानकारी के अनुसार कल रात तकरीबन 11.50 बजे उनका निधन हुआ. दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में एक महीने से नामवर सिंह ब्रेन हैमरेज के कारण लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे. जनवरी के महीने में अचानक वो अपने रूम में गिर गये जिसके बाद उन्हें एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था.

  • जानी मानी लेखिका अर्चना वर्मा का निधन

    नयी दिल्ली : हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका और हंस पत्रिका की संपादन सहयोगी अर्चना वर्मा का निधन हो गया. 72 वर्षीय लेखिका ने शनिवार को अंतिम सांस ली. प्राप्त जानकारी के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के पटेल चेस्ट चिकित्सा संस्थान में भर्ती कराया गया था.

  • रांची के वरिष्ठ शायर शौक जालंधरी का निधन

    वरिष्ठ शायर शौक जालंधरी का कल देर रात निधन हो गया. वे 91 वर्ष के थे और पिछले 10-15 सालों से रांची में रह रहे थे. उर्दू अदब की दुनिया में उनका बहुत नाम था. वर्ष 2017 में उन्हें उर्दू साहित्य अवार्ड से नवाजा गया था.

  • शायर मुनव्वर राना अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने कहा हालत स्थिर

    लखनऊ : मशहूर शायर मुनव्वर राना को सीने में दर्द की शिकायत के बाद लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. श्री राना के ट्विटर हैंडल से थोड़ी देर पहले ट्वीट किया गया, सहरा पे बुरा वक़्त मेरे यार पड़ा है, दीवाना कई रोज़ से बीमार पड़ा है.’ इसमें शायर राना अस्पातल की बेड पर बैठे नजर आ रहे हैं.

  • हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका कृष्णा सोबती का निधन

    हिन्दी की प्रसिद्ध लेखिका और उपन्यासकार कृष्णा सोबती का 93 साल की उम्र में शुक्रवार तड़के निधन हो गया. इनका जन्म अविभाजित भारत के गुजरात (अब पाकिस्तान) में 18 फरवरी 1925 में हुआ था. विभाजन के बाद सोबती दिल्ली में आकर बस गईं और उसके बाद से यहीं रहकर साहित्य के क्षेत्र में उत्‍कृष्ठ योगदान दे रही थीं.

  • सम्मान पाने के बाद बोले डॉ उत्तम पीयूष, भरोसा बढ़ता है कि शब्द की यात्रा में सबकुछ चूक नहीं गया ...

    मुख्यमंत्री से सम्मानित होने के बाद डॉ उत्तम पीयूष ने कहा कि ऐसे सम्मान से भरोसा बढ़ता है. जो इंसान समाज में शब्दों के साथ काम करता हो और ‘फेक’ चीजें बहुत बढ़ गयी हों, ऐसे में ‘कंक्रीट’ काम करने वालों को बल मिलता है.

  • World Hindi Day : 44 साल पहले नागपुर से शुरू होकर विश्व फलक पर परचम लहरा रही हिंदी

    नयी दिल्ली : आज 10 जनवरी है. यही वह तारीख है, जब बीते एक दशक से विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया जा रहा है, मगर यह बहुत कम लोग ही जानते हैं कि आज से करीब 44 साल पहले 10 जनवरी, 1975 को नागपुर में विश्व हिंदी सम्मेलन की शुरुआत की गयी थी. करीब चार दशक से अधिक के वक्त में गैर-हिंदी भाषी क्षेत्र से सफर शुरू करने के बाद इस समय हमारे देश की राजभाषा हिंदी विश्व फलक पर अपना परचम लहरा रही है.

  • ‘सरस्वती सम्मान' से नवाजे जायेंगे गुजराती साहित्यकार सितांशु यशश्चंद्र

    नयी दिल्ली : गुजराती के जाने-माने साहित्यकार एवं पद्मश्री से सम्मानित सितांशु यशश्चंद्र को इस महीने वर्ष 2017 के प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान से नवाज़ा जायेगा. केके बिड़ला फाउंडेशन ने एक बयान में बताया कि यशश्चंद्र को उनके काव्य संग्रह ‘वखार'' के लिए ‘सरस्वती सम्मान'' दिया जायेगा. बयान में बताया गया है कि उन्हें 22 जनवरी को दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय सभागार में मशहूर गीतकार गुलजार पुरस्कार से सम्मानित करेंगे. यशश्चंद को पुरस्कार के रूप में 15 लाख रुपये, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र मिलेगा.

  • विश्व पुस्तक मेले का उद्‌घाटन, जावड़ेकर ने कहा पढ़ने की संस्कृति का विस्तार होना चाहिए

    अधिक से अधिक लोगों में पढ़ने की संस्कृति का विस्तार होना चाहिए क्योंकि इससे विश्लेषणात्मक सोच जैसे मूल्यों की सीख मिलती है और विभिन्न विचारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है. उक्त बातें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने विश्व पुस्तक मेले के 27वें संस्करण के उद्धाटन अवसर पर कही. जावडे़कर ने कहा कि पढ़ने की संस्कृति "नये आयाम'''' प्रदान करती है और इससे जीवन को एक "लक्ष्य" मिलता है.

  • भगवान वैद्य ‘प्रखर’ और हरीश कुमार ’अमित’ को ममता कालिया ने प्रदान किया आर्य स्मृति साहित्य सम्मान

    वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया ने 16 दिसंबर को हिंदी भवन में आयोजित सम्मान समारोह में 25वें आर्य स्मृति साहित्य सम्मान से भगवान वैद्य ‘प्रखर’ और हरीश कुमार ’अमित’ को उनकी लघुकथाओं के लिए सम्मानित किया. इस सम्मान में दोनों साहित्यकारों ग्यारह- ग्यारह हजार रुपए और उनकी पुस्तकों की पचास-पचास प्रतियां भी भेंट की गयीं.

  • देश के सर्वोच्च साहित्य सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले अंग्रेजी के पहले लेखक बने अमिताव घोष

    नयी दिल्ली : अंग्रेजी के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया. ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वह अंग्रेजी के पहले लेखक हैं. ज्ञानपीठ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि यहां शुक्रवार को प्रतिभा रॉय की अध्यक्षता में आयोजित ज्ञानपीठ चयन समिति की बैठक में अंग्रेजी के लेखक अमिताव घोष को वर्ष 2018 के लिए 54वां ज्ञानपीठ पुरस्कार देने का फैसला किया गया. देश के सर्वोच्च साहित्य सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार के रूप में अमिताव घोष को पुरस्कार स्वरूप 11 लाख रुपये नकद, वाग्देवी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा.

  • Jharkhand Literary Meet 2018 में बोले हरिवंश, गांधी जरूरी हैं, हमारी मजबूरी हैं

    रांची : ‘भारत में गांधी को इस्तेमाल तो सबने किया, लेकिन उनके सिद्धांतों को किसी ने अपनाया नहीं. आज दुनिया की बड़ी शक्तियां गांधी को अपना रही हैं. अमेरिका और चीन जैसे देश गांधी के सिद्धांतों को, उनके आदर्शों को अंगीकार कर रहे हैं. दुनिया भर के देशों में गांधी पाठ्यपुस्तक का हिस्सा बन रहे हैं. लेकिन, अपने ही देश में गांधी के सिद्धांतों से लोग दूर हो रहे हैं. पश्चिम के देशों ने जब गांधी के विचारों के महत्व को समझा और उस पर चर्चा की, तब हमें गांधी की अहमियत समझ आयी. दुनिया को समझ आ गयी है कि भविष्य का एक विकल्प हैं महात्मा गांधी. मेरा मानना है कि गांधी विकल्प नहीं हैं. वह हमारी मजबूरी हैं. गांधी जरूरी हैं. गांधी ने जीवन के सात मर्म बताये थे, उन्हें याद रखने की जरूरत है. विचारों के स्तर पर गांधी को पुनर्स्थापित और पुनर्जीवित करना जरूरी है.’

  • जो कुछ नहीं करता, जो कुछ नहीं सोचता, वह मर जाता है, Jharkhand Literary Meet 2018 में बोले उदय प्रकाश

    रांची : इंसान को हमेशा कुछ न कुछ करना चाहिए. सोचना चाहिए. जो वह सोचे, उसे लिखना चाहिए, क्योंकि जो कुछ नहीं करता, जो कुछ नहीं सोचता, वह मर जाता है. लेखक को पुरस्कार के बारे में नहीं सोचना चाहिए. उसे कुछ बनने के बारे में नहीं सोचना चाहिए. उसे करना चाहिए. रचना करनी चाहिए. ये बातें वरिष्ठ कवि, साहित्यकार और पत्रकार उदय प्रकाश ने शनिवार को यहां ऑड्रे हाउस में आयोजित झारखंड लिटररी मीट 2018 (Jharkhand Literary Meet 2018) के दूसरे सीजन के उद्घाटन सत्र में कहीं.

  • सोशल मीडिया आज का आविष्कार है, इसकी ताकत का इस्तेमाल होना चाहिए : नीलोत्पल मृणाल

    सोशल मीडिया शब्द आते ही साहित्य में संदेह क्यों आने लगता है मुझे पता नहीं. सबसे पहले जहां से यह बात आती है उसके जड़ में मट्‌ठा डालना चाहिए. सोशल मीडिया आज का आविष्कार है, इसलिए इसकी ताकत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए ना कि संदेह किया जाना चाहिए. उक्त बातें टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट-2018 में ‘क्या सोशल मीडिया हिंदी/उर्दू भाषा के साहित्य की पहुंच लोगों तक बढ़ा रहा है,’ विषय पर चर्चा करते हुए युवा साहित्य अकादमी प्राप्त विजेता नीलोत्पल मृणाल ने कही.

  • ‘टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट-2018’ : रस्किन बांड ने कहा, आज के लेखकों को प्लेटफॉर्म सहजता से उपलब्ध

    रांची आने का मैं सपना देखा करता था और अब जाकर यह सपना सच हुआ है. मैं बहुत खुश हूं और उम्मीद करता हूं कि यह कार्यक्रम सफल होगा. उक्त बातें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त साहित्यकार रस्किन बांड ने आज ‘टाटा स्टील झारखंड लिटरेरी मीट-2018’ के उद्‌घाटन अवसर पर कही. आज इस साहित्यिक मीट का उद्‌घाटन संयुक्त रूप से रस्किन बांड और प्रसिद्ध साहित्यकार - पत्रकार उदय प्रकाश ने किया.

  • हिंदी में चित्रा मुद्गल और संताली में श्याम बेसरा सहित 24 को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    साहित्य अकादमी ने कालजयी और मध्यकालीन साहित्य तथा गैर मान्यताप्राप्त भाषाओं में योगदान के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लेखकों को भाषा सम्मान देने का बुधवार को ऐलान किया. अकादमी ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कारों के लिए हिन्दी में चित्रा मुद्गल, अंग्रेजी में अनीस सलीम, उर्दू में रहमान अब्बास, संस्कृत में रमाकांत शुल्क, पंजाबी में मोहनजीत और अंग्रेजी में अनीस सलीम समेत कुल 24 भारतीय भाषाओं के लेखकों का चयन किया है.

  • प्रख्यात साहित्यकार हिमांशु जोशी का निधन

    हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार हिमांशु जोशी का लंबी बीमारी के बाद 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. गुरुवार रात उन्होंने आखिरी सांस ली. उनके निधन से साहित्य जगत में शोक है. उनका जन्म उत्तराखंड के खेतीखान में हुआ था.

  • भारत में जन्मी पाकिस्तानी कवयित्री फ़हमीदा रियाज़ का लंबी बीमारी के बाद निधन

    भारत में जन्मी प्रख्यात पाकिस्तानी कवयित्री और मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़हमीदा रियाज़ का लंबी बीमारी के बाद 73 साल की उम्र में निधन हो गया. मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है. पूर्व सैन्य तानाशाह जनरल जिया-उल-हक के शासनकाल के दौरान फ़हमीदा पाकिस्तान चली गई थीं और सात साल तक भारत में आत्म निर्वासन में रही थीं.

  • भगवान वैद्य ‘प्रखर’ और हरीश कुमार ‘अमित’ को मिलेगा वर्ष 2018 का आर्य स्मृति साहित्य सम्मान

    ‘आर्य स्मृति साहित्य सम्मान :2018 के लिए भगवान वैद्य ‘प्रखर’ और हरीश कुमार ‘अमित’ का चयन किया गया है. इस वर्ष लघुकथा विधा के लिए रचनाएं आमंत्रित की गयीं थी, जिसमें ‘बोनसाई’ और ‘जिंदगी-जिंदगी’ लघुकथा संग्रह को पुरस्कार के लिए निर्णायक मंडल ने चुना है. बोनसाई के रचनाकार प्रखर हैं और जिंदगी-जिंदगी के हरीश कुमार.

  • इंदिरा की जयंती पर हुआ ‘इंदिरा गांधी, प्रकृति में एक जीवन’ किताब का विमोचन

    पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन के बारे में लोगों को काफी कुछ पता है, लेकिन प्रकृति और पर्यावरण से उनके लगाव को बेहद कम लोग जानते हैं. इंदिरा के जीवन के इसी पहलू को पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने अपनी किताब ‘इंदिरा गांधी प्रकृति में एक जीवन’ में बताने की कोशिश है. हिंदी में अनुदित इस किताब का विमोचन कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज उनके जन्मदिन के अवसर पर किया. किताब में इंदिरा की जिंदगी के इस अनकहे पहलू को बेहद रोचक अंदाज में पेश किया गया है.

  • Kolkata : बांग्ला साहित्योत्सव में सिनेमा और खेल पर चर्चा

    कोलकाता : महान कवि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के पुश्तैनी घर जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी में आयोजित तीन दिवसीय साहित्योत्सव में विरासत, विभाजन से लेकर खेल और सिनेमा तक के विषयों पर गहन चर्चा हुई. साहित्योत्सव के निदेशक स्वागत सेनगुप्ता ने बताया कि इस दौरान सतत परिवर्तित विश्व में बंगाल और उसके साहित्य के योगदान पर भी प्रकाश डाला गया.

  • द्वितीय जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान कवि राजेश जोशी को दिये जाने की घोषणा

    जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मारक नि‍धि‍ द्वारा संचालि‍त जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान नि‍र्णायक समि‍ति‍ ने बाबा नागार्जुन की पुण्‍यति‍थि‍ की पूर्व संध्‍या पर आयोजि‍त बैठक में सर्वसम्‍मति‍ से नि‍र्णय लि‍या कि‍ इस वर्ष जनकवि‍ नागार्जुन स्‍मृति‍ सम्‍मान हिंदी के श्रेष्‍ठ कवि‍ राजेश जोशी को दि‍या जाये. राजेश जोशी जनकवि‍ नागार्जुन की परंपरा के कवि‍ हैं. वे लंबे समय से अपने समय की सामाजि‍क राजनीति‍क समस्‍याओं और सवालों से जुड़ी हुई प्रभावशाली कवि‍ताएं लि‍खते रहे हैं.

  • चीन : हांगकांग के पत्रकार, मार्शल आर्ट्स उपन्यासकार लुइस चा का निधन

    हांगकांग : हांगकांग के पत्रकार और बेहद लोकप्रिय मार्शल आर्ट्स उपन्यासकार लुइस चा का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे.

  • गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने किया बिहार की बेटी की किताब Dream Bridges Success का लोकार्पण

    पणजी : गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने सोमवार को बिहार के दरभंगा की रहने वाली और नेपाल मेडिकल कॉलेज में पहले साल की 19 वर्षीय छात्रा तृष्याश्री की पुस्तक ''ड्रीम ब्रिजेज सक्सेस'' का लोकार्पण किया. इस पुस्तक का लोकार्पण गोवा के राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया. इस मौके पर राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि इस पुस्तक के हर पन्ने पर कोई न कोई संदेश अंकित है. यह पुस्तक और लेखिका भले ही देखने में छोटी है, लेकिन पुस्तक के अंदर अनुभव विशाल है.

  • उर्दू के बड़े लेखक पद्मश्री काजी अब्दुल सत्तार का निधन, सोशल मीडिया पर ऐसे दी गयी श्रद्धांजलि...

    अलीगढ़ : उर्दू लेखक काजी अब्दुल सत्तार का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया. वह 85 वर्ष के थे. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग के अध्यक्ष रह चुके काजी को 1974 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. सीतापुर के मछरेटा गांव में 1933 में जन्मे काजी ने स्कूल और कालेज की पढ़ाई लखनऊ से की थी. वह एएमयू से 1954 में शोधार्थी के रूप में जुड़े थे. उनके परिवार में तीन बेटे हैं. एएमयू के कुलपति तारिक मंसूर ने काजी के निधन को अपूरणीय क्षति बताया.

  • साहित्य के लिए पहला जेसीबी पुरस्कार मलयाली लेखक बेन्यामिन को

    साहित्य के क्षेत्र में प्रदान किए जाने वाला पहला जेसीबी पुरस्कार मलयाली लेखक बेन्यामिन को उनकी किताब ‘जैस्मिन डेज़'' के लिए मिला है जो पश्चिम एशिया में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों की जिंदगी पर आधारित है. देश में साहित्य के क्षेत्र में सबसे अधिक राशि प्रदान करने वाले पुरस्कार की घोषणा करते हुए ज्यूरी के अध्यक्ष विवेक शानबाग ने बुधवार की रात कहा कि बेन्यामिन की किताब मूलत: मलयालम में लिखी गयी है और इसका शहनाज हबीब ने अंग्रेजी में अनुवाद किया है.

  • पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया आयोजित करेगा क्लासिक पुस्तकों का मेला

    पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पुस्तक प्रेमियों के लिए एक नवंबर से एक मेले का आयोजन करने जा रहा है. एक महीने तक चलने वाला यह मेला पूरी तरह प्रकाशन घर के क्लासिक साहित्य को समर्पित होगा. ‘द पेंगुइन क्लासिक्स फेस्टिवल : देयर इज वन फार एवरीवन'' का आयोजन पूरे देश के पांच शहरों में आयोजित किया जाएगा.

  • उत्तरी आयरलैंड की लेखिका एना बर्न्स को ‘मिल्कमैन' के लिए मिला मैन बुकर पुरस्कार

    लंदन : लेखिका एना बर्न्स को उनके उपन्यास ‘मिल्कमैन'' के लिए मैन बुकर पुरस्कार मिला है। वह उत्तरी आयरलैंड की पहली लेखिका हैं जिन्हें अंग्रेजी भाषा साहित्य के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया। बेलफास्ट में जन्मीं एना (56) मैन बुकर पुरस्कार के 49 साल के इतिहास में यह पुरस्कार पाने वाली 17वीं महिला हैं। साल 2013 के बाद एना यह पुरस्कार पाने वाली पहली महिला हैं. ‘मिल्कमैन'' उनका तीसरा उपन्यास है.

  • 2018 का श्रीलाल शुक्ल स्मृति साहित्य सम्मान रामधारी सिंह दिवाकर को

    वरिष्ठ कथाकार रामधारी सिंह दिवाकर को वर्ष 2018 का श्रीलाल शुक्ल स्मृति साहित्य सम्मान दिये जाने की घोषणा की गयी है. गौरतलब है कि उर्वरक क्षेत्र की अग्रणी सहकारी संस्था इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कॉपरेटिव लिमिटेड (इफको) साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष एक हिंदी साहित्यकार को यह पुरस्कार देती है.

  • साहित्य के लिए इस बार नोबेल पुरस्कार नहीं

    स्टॉकहोम : स्वीडिश एकेडमी ने साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार इस वर्ष टाल दिया है क्योंकि वह इस संस्थान में सुधार करना चाहता है. स्वीडिश एकेडमी की स्थापना 1786 में किंग गुस्तव तृतीय ने की थी . साहित्य का पुरस्कार सबसे पहले 1901 में दिया गया था और उसके बाद से स्वीडिश एकेडमी ने ही इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के विजेताओं का चयन किया है. यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करने वालों में अपने समय के कुछ महान लेखक शामिल हैं जिसमें एल्बर्ट कामू, सैमुअल बेकेट और अर्नेस्ट हेमिंगवे शामिल हैं.

  • आशापूर्णा देवी की 21 कहानियों का नया संग्रह तैयार

    मशहूर बांग्ला लेखिका आशापूर्णा देवी के किस्से-कहानियों के समृद्ध संग्रह से 21 कहानियों को एक साथ एक नए संग्रह में लाया गया है. उनकी कहानियां भारतीय नारी के घरेलू जीवन को इस प्रकार वर्णित करती हैं जैसा किसी दूसरे लेखक नहीं किया. लेखन के अपने 70 साल के करियर में उन्होंने बेहद असाधारण साहित्यिक कृतियां दुनिया को दी हैं.

  • नहीं रहे हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि और पत्रकार विष्णु खरे

    नयी दिल्ली : हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि, पत्रकार और हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष विष्णु खरे का बुधवार को 78 वर्ष की अवस्था में दिल्ली में निधन हो गया. वे बीते 12 सितंबर को मस्तिष्क आघात (ब्रेन हैमरेज) की वजह से दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में इलाज करा रहे थे. हालांकि, मस्तिष्क आघात के बाद से ही उनकी हालत नाजुक बतायी जा रही थी. अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, विष्णु खरे के उपचार में कई वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम तैनात की गयी थी.

  • बिहार के सत्यम कुमार सिंह को दूसरा युवा आलोचना पुरस्कार देगा आधार पाठक मंच

    नयी दिल्ली : आधार प्रकाशन की ओर से बिहार के सत्यम कुमार सिंह वर्ष 2018 का युवा आलोचना पुरस्कार दिये जाने का फैसला किया गया है. इस पुरस्कार के लिए चयनित होने वाले सिंह के बारे में निर्णायक मंडल ने अपनी अनुशंसा में लिखा है कि साहित्य समीक्षा की दृष्टि से सत्यम कुमार सिंह के अभी तक प्रकाशित आलेखों में उनकी विश्लेषण क्षमता, मौलिक अंतर्दृष्टि और समकाल से सीधी मुठभेड़ करने की इच्छा दिखायी देती है. इस कारण उन्होंने शुरुआती तौर से एक अलग पहचान बनायी है.

  • प्रख्यात साहित्यकार और कवि विष्णु खरे अस्वस्थ, जीबी पंत अस्पताल में भर्ती

    नयी दिल्ली : हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि, पत्रकार एवं हिंदी अकादमी के उपाध्यक्ष विष्णु खरे मस्तिष्क आघात (ब्रेन हैमरेज) की वजह से अस्पताल में दाखिल कराया गया है. मस्तिष्क आघात के बाद उन्हें बुधवार को नयी दिल्ली स्थित जीबी पंत अस्पताल में भर्ती किया गया है.

  • अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में माॅरीशस में ‘काव्यांजलि’ , सुषमा स्वराज ने भी किया कवितापाठ

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने के लिए माॅरीशस में ‘काव्यांजलि’ का आयोजन किया गया. कल रात यह आयोजन 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन के अवसर पर किया गया. इस सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गोवा की गवर्नर मृदुला सिन्हा, बंगाल के गवर्नर केशरी नाथ त्रिपाठी सहित भारत के कई मंत्री उपस्थित थे.

  • आज शिवमंगल सिंह सुमन का जन्मदिन, वाजपेयी के हैं प्रिय, कुमार विश्वास ने यूं किया याद

    नयी दिल्ली : आज यानी पांच अगस्त को मशहूर कवि व शिक्षाविद शिवमंगल सिंह सुमन का जन्मदिन है. आज ही के दिन 1915 में उनका जन्म उत्तरप्रदेश के उन्नाव जिले के झगेरपुर में हुआ था. उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से एमए व पीएचडी किया. बाद में जब वे कवि व शिक्षाविद के रूप में मशहूर हो गये तो उन्हें उनके ही विश्वविद्यालय ने 1950 में डी लिट की उपाधि से सम्मानित किया था. शिवमंगल सिंह सुमन 1968 से 1978 तक उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे. वे उत्तरप्रदेश हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष सहित शिक्षा जगत के अन्य कई अहम पदों पर रहे.

  • जावेद अख्तर को मिला हिंदी अकादमी का ‘शलाका सम्मान’

    गीतकार जावेद अख्तर सहित विभिन्न क्षेत्रों की शख्सियतों को आज दिल्ली सरकार के हिंदी अकादमी सम्मान से नवाजा गया. फिल्म और शायरी जगत में योगदान देने के लिए अख्तर को ‘शलाका सम्मान'' दिया गया वहीं, रंगमंच की दुनिया के प्रसिद्ध निर्देशक एम के रैना को ‘शिखर सम्मान'' तथा जाने-माने पत्रकार एवं चर्चित उपन्यास ‘अकबर'' के लेखक शाजी जमां को ‘गद्य विद्या'' सम्मान से नवाजा गया. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ये पुरस्कार प्रदान किये.

  • आज महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की जयंती, राष्ट्रपति ने यूं किया याद

    नयी दिल्ली : आज महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की 138वीं जयंती है. प्रेमचंद को आज देश के प्रमुख हस्तियां अपने-अपने अंजाद में श्रद्धांजलि दे रही हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रेमचंद जयंती पर उन्हें याद किया. उन्होंने लिखा - मुंशी प्रेमचंद के जन्‍म-दिवस पर आज एक ऐसे श्रेष्‍ठ लेखक और उपन्‍यासकार की स्‍मृति ताज़ा हुई है जो अपनी मर्म-स्पर्शी कहानियों में किसानों, गरीबों और जन-सामान्‍य की असाधारण भावनाओं का चित्रण करके अमर हो गए. उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने ट्विटर पर लिखा - ‘पूस की रात’, ‘नमक का दरोग़ा’, ‘दो बैलों की कथा’ जैसी अनेकों कहानियों के रचनाकार और क़लम का सिपाही के नाम से प्रसिद्ध मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि नमन.

  • ‘एक डॉक्टर की मौत 'के लेखक रामपद चौधरी का निधन

    प्रसिद्ध बंगाली लेखक रामपद चौधरी का कल शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित ‘एक डॉक्टर की मौत'' उनकी कहानी ‘अभिमन्यू'' पर आधारित थी. चौधरी 95 साल के थे. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लेखक के निधन पर शोक जाहिर किया है.

  • मैथिली के मूर्धन्य आलोचक मोहन भारद्वाज नहीं रहे

    मैथिली के मूर्धन्य आलोचक व मैथिली साहित्य के नामवर सिंह माने जाने वाले मोहन भारद्वाज का मंगलवार को तड़के निधन हो गया. वह नौ जुलाई से राजधानी रांची के राज अस्पताल में भरती थे. साहित्य अकादमी परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे मोहन भारद्वाज को प्रबोध साहित्य सम्मान, विदेह सम्मान से सम्मानित किया गया था.

  • ‘राग दरबारी’ नये भारत की आकांक्षा का उपन्यास : रवि भूषण

    राग दरबारी स्वतंत्र भारत का आख्यान और प्रत्यख्यान है . यह बौद्धिक दिवालियेपन का सुंदर उदाहरण है . यह संपूर्ण भारत को बदलने वाली प्रस्तावना है, यह नये भारत की आकांक्षा का उपन्यास है. रागदरबारी का सफल पाठ तभी होगा जब 1950 -2018 तक के भारत का मुक्कमल पाठ होगा. उक्त बातें वरिष्ठ साहित्यकार रविभूषण ने श्रीलाल शुक्ल की प्रसिद्ध व्यंग्य रचना ‘राग दरबारी ’ के प्रकाशन के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में कही.

  • नहीं रहे प्रसिद्ध उपन्यासकार तेजिंदर सिंह ‘गगन’

    प्रसिद्ध उपन्यासकार तेजिंदर सिंह गगन का कल 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने छत्तीसगढ़ के अखबार ‘देशबंधु’ से अपने कैरियर की शुरुआत की थी, बाद में वह सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी रहे और फिर आकाशवाणी व दूरदर्शन में लंबे समय तक कार्यरत रहे.

  • आस्तिक वाजपेयी को युवा साहित्य अकादमी पुरस्कार

    साहित्य अकादमी ने वर्ष 2018 के लिए बाल साहित्य पुरस्कार और युवा पुरस्कारों की आज घोषणा की. साहित्य अकादमी द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक बाल साहित्य पुरस्कार दिविक रमेश (हिंदी), ईस्टेरिन किरे (अंग्रेजी), वैद्यनाथ झा (मैथिली), तरसेम (पंजाबी), सी एल सांखला (राजस्थानी), रईस सिद्दीकी (उर्दू) ,सम्पदानंद मिश्र (संस्कृत), शीषेंदु मुखोपाध्याय (बांग्ला) और रत्नाकर मटकरी (मराठी) सहित 23 लेखकों को दिया गया. डोगरी भाषा का पुरस्कार बाद में दिया जायेगा.

  • हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राजकिशोर का निधन

    हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राजकिशोर का आज सुबह एम्स में निधन हो गया, वे 71 वर्ष के थे. पिछले कुछ दिनों से वे फेफड़े में संक्रमण के कारण अस्पताल में भरती थे.

  • ‘पुलित्जर पुरस्कार' से सम्मानित उपन्यासकार फिलिप रॉथ का निधन

    महान उपन्यासकार फिलिप रॉथ का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. अमेरिकी मीडिया के अनुसार उनका निधन मंगलवार रात हुआ. फिलिप रॉथ अमेरिकी साहित्य जगत का एक बड़ा नाम थे.

  • पोलिश उपन्यासकार ओल्गा टोकारजुक को उनकी रचना ‘फ्लाइट्‌स’ के लिए मिला बुकर पुरस्कार

    पोलिश उपन्यासकार ओल्गा टोकारजुक को उनके उपन्यास‘फ्लाइट्‌स’ के लिए इस वर्ष का बुकर पुरस्कार दिया गया है. यह उपन्यास समय, अंतरिक्ष और मानव शरीर रचना पर आधारित है. ओल्गा की उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद जैनिफर क्रॉफ्ट ने किया है.

  • पूर्व सांसद और जानेमाने कवि बालकवि बैरागी का निधन

    नीमच: जाने माने कवि एवं लेखक तथा पूर्व सांसद बालकवि बैरागी का उनके गृह नगर मनासा में रविवार शाम निधन हो गया. वह 87 वर्ष के थे. उनके पुत्र गोरकी ने बताया कि दोपहर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह घर लौटे. इसके बाद वह आराम करने के लिये अपने कमरे में चले गये.

  • जानें, आखिर क्यों इस साल नहीं दिया जायेगा साहित्य का नोबेल पुरस्कार

    इस साल साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जायेगा. यौन उत्पीड़न के आरोपों और अन्य मुद्दों के कारण संगठन की छवि को हुए नुकसान को देखते हुए यह फैसला किया गया. अकादमी ने आज कहा कि 2018 का पुरस्कार 2019 में दिया जायेगा. स्टॉकहोम में आयोजित संगठन की साप्ताहिक बैठक में यह फैसला किया गया. इसके पीछे दलील दी गयी है कि यौन उत्पीड़न एवं वित्तीय अपराध के मामलों के सामने आने के बाद अकादमी विजेता के चयन की स्थिति में नहीं है. स्वीडिश अकादमी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ‘ अकादमी की छवि को हुई क्षति और इसके प्रति लोगों में विश्वास की कमी को देखते हुए यह निर्णय किया गया.

  • सामाजिक कार्यकर्ता और कवयित्री रजनी तिलक का निधन

    दलित लेखक संघ की अध्यक्ष रहीं रजनी तिलक का दिल्ली के सेंट स्टीफंस अस्पताल में कल रात निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था. उनके मित्र और लेखक कंवल भारती ने फेसबुक पर यह सूचना उपलब्ध करायी थी.

  • हिंदी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह का दिल्ली में देहावसान, एम्स में लीं अंतिम सांसें

    नयी दिल्ली : हिंदी के वरिष्ठ कवि केदारनाथ सिंह का 86 साल की उम्र में सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया. वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. पेट में संक्रमण की शिकायत के बाद इलाज के लिए उन्हें अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान सोमवार शाम 8 बजकर 40 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांसें लीं. केदारनाथ सिंह के निधन से हिंदी साहित्यकारों एवं उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है. केदारनाथ सिंह अपने पीछे परिवार में एक पुत्र और पांच पुत्रियां छोड़ गये हैं.

  • देश के प्रसिद्ध व्यंग्यकार-संपादक सुशील सिद्धार्थ का निधन

    देश के प्रसिद्ध व्यंग्यकार और किताब घर प्रकाशन के संपादक सुशील सिद्धार्थ का आज सुबह हार्टअटैक होने से निधन हो गया. वे 60 वर्ष के थे. आज सुबह जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनका अंतिम संस्कार लखनऊ में होगा. उनके शव को लखनऊ भेजने की तैयारी चल रही है. सुशील सिद्धार्थ ने हिंदी साहित्य में पीएचडी किया है. प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकीं हैं.

  • वरिष्ठ आदिवासी साहित्यकार पीटर पॉल एक्का का निधन

    जाने-माने आदिवासी कथाकार फादर पीटर पॉल एक्का का आज सुबह 10 बजे के करीब गुवाहाटी से रांची लाने के क्रम में निधन हो गया. कल उनकी तबीयत बिगड़ गयी थी, जिसके बाद उन्हें रांची लाया जा रहा था, लेकिन पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गयी.

  • बुद्धिनाथ मिश्र की प्रथम गद्यकृति ' निरख सखी ये खंजन आयें ' का लोकार्पण

    बुद्धिनाथजी सिर से पांव तक गीतकार हैं . यह अनुभव इनके मधुर गीतों को पिछली आधी सदी से सुनते हुए हमें होता ही रहा है. आज इनकी प्रथम गद्यकृति '' निरख सखी ये खंजन आयें '' को पढ़कर यह अनुभूति और गहरी हो गयी है कि बुद्धिनाथजी महाकवि विद्यापति के खांटी वारिस हैं . इस संग्रह के लेखों का गद्य भी गीत की तरह सुरीला है. यह उद्गार बंगाल के राज्यपाल और साहित्यकार केशरी नाथ त्रिपाठी ने कल विष्णुपुर (कलकत्ता) में आयोजित पुस्तक लोकार्पण के भव्य समारोह में व्यक्त किया.

  • प्रभात खबर कार्यालय में गूंजी कवि सुनील जोगी की कविताएं ‘जिसे ख्वाबों में पाना हो, वह सो जाने से मिलता है...

    ‘मेंहदी, कुमकुम, रोली का, त्‍योहार नहीं होता, रक्षाबंधन के चंदन का, प्‍यार नहीं होता, उसका आंगन एकदम, सूना सूना रहता है, जिसके घर में बेटी का, अवतार नहीं होता.’

  • निधन के 31 साल बाद महादेवी वर्मा को नगर निगम ने कुर्की का नोटिस भेजा

    साहित्य जगत में ‘आधुनिक मीरा’ के नाम से विख्यात और छायावाद की आधार स्तंभ महादेवी वर्मा को इलाहाबाद नगर निगम ने हाउस टैक्स का बकाया वसूलने के लिए नोटिस भेजा है.

  • कोलकाता पुस्तक मेले में आज से ‘शब्द - जहां साहित्य मिलता है' का आयोजन

    42वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में आज से शुरू हो रहे दो दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम के लिए पड़ोसी राज्यों और भूटान के प्रख्यात साहित्यकार, पेशेवर लेखक और साहित्यिक सभा के आयोजक एकत्रित हुए.

  • मलयालम कवि कुरीपूझा श्रीकुमार पर हमला, भाजपा कार्यकर्ता सहित छह गिरफ्तार

    मलयालम के प्रसिद्ध कवि कुरीपूझा श्रीकुमार पर कल शाम कट्टरपंथियों ने हमला किया है. हमले के बाद छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें से एक भाजपा कार्यकर्ता है.

  • देश में नफरत का माहौल, अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में : सिद्धार्थ वरदराजन

    देश में आज अभिव्यक्ति कि आजादी खतरे में है. संघ परिवार ने नफरत का माहौल बना दिया है. लेखक, फिल्मकार व पत्रकारों पर दबाव बनाया जा रहा है, उन्हें धमकी दी जा रही है . उक्त बातें ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने आज जनवादी लेखक संघ के 9 वें राष्ट्रीय सम्मेलन में कही. उन्होंने सम्मलेन के उदघाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया.

  • बेगम जान के निर्देशक ने कहा, भावनाएं आहत होना अब हमारे देश का राष्ट्रीय मनोरंजन हो गया

    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता श्रीजीत मुखर्जी ने कहा है कि भारत भावनाएं आहत होने वालों का देश बन गया है और भावनाएं आहत होना अब यहां का राष्ट्रीय मनोरंजन बन चुका है. बेगम जान फिल्म के निर्देशक मुखर्जी ने टाटा स्टील कोलकाता साहित्यिक सम्मेलन में कल शाम कहा, “ यह एक राष्ट्रीय मनोरंजन हो गया है, ‘आप क्या कर रहे हैं इससे मैं आहत हो रहा हूं- इस तरह की चीजें हो गई हैं,'' अगर मैं कुछ खास तरह के काम करता हूं तो मेरी याचिका होगी कि हमें न जलाएं...हमारा सिर न काटें.”

  • मशहूर साहित्यकार दूधनाथ सिंह का निधन, प्रोस्टेट कैंसर से थे पीड़ित

    देश के मशहूर साहित्यकार दूधनाथ सिंह का कल देर रात इलाहाबाद में निधन हो गया, वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. उन्हें पिछले सप्ताह तबीयत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल में भरती कराया गया था. उन्हें इलाहाबाद के कर्नलगंज स्थित फिनिक्स नर्सिंग होम में भरती कराया गया. दूधनाथ सिंह पिछले एक साल से प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं. उनका इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली की देखरेख में चल रहा है.

  • झारखंड के साहित्यकार अनुज लुगुन को मिलेगा ‘युवा साहित्य सम्मान’, पढ़ें क्या है उनकी प्रतिक्रिया

    देश के जाने-माने युवा साहित्यकार अनुज लुगुन को भारतीय भाषा परिषद ने इस बार का ‘युवा साहित्य सम्मान’ देने की घोषणा की है. इस बात की जानकारी खुद अनुज ने कल अपने जन्मदिन के अवसर पर ट्‌वीट कर दी. उन्होंने लिखा -मैं आप सब के साथ एक खबर साझा करना चाहता है. कल ही शाम को भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता से सूचना मिली कि इस बार का भारतीय भाषा परिषद का युवा साहित्य सम्मान मुझे देने की घोषणा हुई है. अनुज ने यह जानकारी भी दी कि उन्हें यह सम्मान 10-11 मार्च को कोलकाता में दिया जायेगा.

  • गीता का उर्दू में अनुवाद करने वाले मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का निधन

    मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का आज निधन हो गया. वह करीब 70 वर्ष के थे. जलालपुरी के बेटे शाहकार ने बताया कि उनके पिता ने आज सुबह लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर में आखिरी सांस ली. उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटे हैं.

  • गालिब की 220वीं सालगिरह पर गूगल ने बनाया ‘डूडल’

    हैं और भी दुनिया में सुखन-वर बहुत अच्छे, कहते हैं कि गालिब का है अंदाज-ए-बयाँ और . मिर्जा गालिब ने बरसों पहले अपने आप को बहुत खूब बयां किया था और आज उनकी 220वीं सालगिरह के मौके पर भी यह शेर उतना ही प्रासंगिक है. शेर-ओ-शायरी के सरताज कहे जाने वाले और उर्दू को आम जन की जुबां बनाने वाले गालिब को उनकी सालगिरह के अवसर पर गूगल ने एक खूबसूरत डूडल बना कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की है. उर्दू और फारसी भाषाओं के मुगल कालीन शायर गालिब अपनी उर्दू गजलों के लिए बहुत मशहूर हुए.

  • अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर पढ़ें उनकी चंद कविताएं, हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा

    आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन है. वे 92 साल के हो गये हैं. अटल बिहारी वाजपेयी एक ओजस्वी वक्ता और राजनीतिज्ञ तो थे ही उनमें एक कवि भी छुपा था, जिसे राजनीति के जंजाल में फंसे होने के बावजूद भी उन्होंने मरने नहीं दिया. वे अपनी रचनाओं में अपने मन की अभिव्यक्ति करते थे. उनकी दो कविता संग्रह बहुत प्रसिद्ध हुई -न दैन्यं न पलायनम्‌ और मेरी इक्यावन कविताएं. विगत कुछ वर्षों से वे अस्वस्थ चल रहे थे, लेकिन जब वे स्वस्थ थे, तो उन्होंने कहा था मैं अपने जन्मदिन पर एक कविता लिखता हूं. उनके पसंदीदा कवि थे शिवमंगल सिंह ‘सुमन’. उनके जन्मदिन के अवसर पर प्रस्तुत है उनकी कुछ रचनाएं-

  • रमेश कुंतल मेघ की विश्व मिथक सरित्सागर को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    विविधता भरे भारत के बहुल भाषी साहित्य को राष्ट्रीय चेहरा प्रदान करने वाली संस्था साहित्य अकादमी ने आज हिंदी में रमेश कुंतल मेघ की विश्वमिथकसरित्सागर और उर्दू के बेग एहसास की दखमा सहित 24 भाषाओं की कृतियों को पुरस्कार के लिए चुना. साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवास राव ने यहां एक प्रेसवार्ता में 24 भाषाओं में साहित्य अकादमी और वार्षिक अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा की.

  • उपन्यास दुक्खम - सुक्खम के लिए साहित्यकार ममता कालिया को व्यास सम्मान

    हिंदी की जानी मानी साहित्यकार ममता कालिया को वर्ष 2017 का प्रतिष्ठित व्यास सम्मान देने की आज घोषणा की गयी. के के बिरला फाउंडेशन ने आज जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि साहित्य अकादमी के अध्यक्ष और प्रख्यात साहित्यकार विश्वनाथ तिवारी की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति ने ममता को उनके उपन्यास दुक्खम - सुक्खम के लिए सत्ताइसवें व्यास सम्मान से नवाजने का निर्णय किया. उनका यह उपन्यास वर्ष 2009 में प्रकाशित हुआ था.

  • झारखंड लिट्रेरी मीट आज से, भाषा के बदलते दौर, नयी पीढ़ी की भाषा और साहित्य पर होगी चर्चा

    टाटा स्टील झारखंड लिट्रेरी मीट में एक और दो दिसंबर को रांची के बीएनआर होटल में आयोजित किया गया है. इसमें देश के नामी साहित्यकार भाषा के बदलते दौर, नयी पीढ़ी की भाषा और साहित्य पर चर्चा करेंगे. दो दिनों के कार्यक्रम का उदघाटन शुक्रवार को अशोक वाजपेयी व मार्क टुली करेंगे. प्रभात खबर कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है. इस मीट में प्रवेश नि:शुल्क है़.

  • गुलजार ने विभाजन पर अंग्रेजी में लिखा उपन्यास

    मशहूर गीतकार गुलजार अब अंग्रेजी भाषा में अपना पहला उपन्यास लेकर आ रहे हैं और उनका यह उपन्यास विभाजन के बाद शरणार्थियों के हालात पर आधारित है. टू नाम के इस उपन्यास को मूल रूप से उर्दू में लिखा गया है जो गुलजार साहब के लेखन का माध्यम है.

  • कुंवर नारायण एक ऐसे लेखक थे जो न यशाकांक्षी थे और न ही यशाक्रांत :गीत चतुर्वेदी

    हिंदी के यशस्वी कवि कुंवर नारायण पर एक स्मृति सभा का आयोजन 26 नवंबर को किया गया. आईआईसी केसीडी देशमुख सभागार में आयोजित स्मृति सभा में हिंदी और भारतीय साहित्य जगत के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षरों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरूआत में कुंवर नारायण को याद करते हुए गणमान्य साहित्यकारों ने अपने वक्तव्य प्रस्तुत किये.ज्ञात हो कि गत 15 नवंबर को 90 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ.

  • गीत-कविताओं को मानवीय सत्य के करीब होना चाहिए : किरकिरे

    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गीतकार स्वानंद किरकिरे का कहना है कि किसी भी गीत या कविता को अमर होने के लिए उसे मानवीय सत्य के पहलुओं को छूना होगा.

  • ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कवि कुंवर नारायण का निधन

    हिंदी के चर्चित कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कुंवर नारायण का आज निधन हो गया. वे 90 वर्ष के थे. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि कुंवर नारायण का आज सुबह निधन हुआ. गत चार जुलाई को मस्तिष्काघात के बाद वह कोमा में चले गये थे. उसके कारण उन्हें बीच बीच में काफी समय अस्पताल में भी भर्ती रखा गया था. उनका निधन आज उनके घर पर ही हुआ. सूत्रों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार आज शाम दिल्ली के लोधी शव दाहगृह में किया जायेगा.

  • आर्य स्मृति साहित्य सम्मान-2017 का परिणाम घोषित

    आर्य स्मृति साहित्य सम्मान-2017’ की घोषणा कर दी गयी है. यह पुरस्कार एक गजल संकलन ‘गुलदस्ता’ में शामिल पांच गजलकारों को प्रदान किया जायेगा. यह पुरस्कार किताब घर प्रकाशन की ओर से दिया जाता है. इस वर्ष निर्धारित विधा ‘गज़ल’ की जो पांडुलिपियां प्राप्त हुईं, उनमें से पांच गजलकारों की बीस-बीस रचनाओं का चयन निर्णायक मंडल ने किया.

  • कृष्ण की आत्मकथा लिखने वाले प्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा का निधन

    कृष्ण की आत्मकथा लिखने वाले प्रसिद्ध साहित्यकार और पद्मश्री मनु शर्मा का आज सुबह वाराणसी में निधन हो गया. मनु शर्मा की उम्र 89 वर्ष थी. इस बात की जानकारी खादी और ग्राम उद्योग, उत्तर प्रदेश के प्रिसिंपल सेक्रेटरी नवनीत सहगल ने अब से कुछ देर पहले ट्‌वीट कर दी.

  • लेखिका कृष्णा सोबती को मिलेगा वर्ष 2017 का ज्ञानपीठ पुरस्कार

    लेखिका कृष्णा सोबती को वर्ष 2017 का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की गयी है. साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने देश का यह सर्वोच्च सम्मान है. ज्ञानपीठ के निदेशक लीलाधर मंडलोई ने आज बताया कि वर्ष 2017 के लिए दिया जाने वाला 53वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी साहित्य की सशक्त हस्ताक्षर कृष्णा सोबती को साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जायेगा.

  • सिंदूर प्रकरण : मैत्रेयी ने पोस्ट हटाई कहा, किसी स्त्री का अपमान नहीं होना चाहिए, समर्थन में आये कई लोग

    हिंदी साहित्य की दिग्गज लेखिका और स्त्री अधिकारों की पैरोकार मैत्रेयी पुष्पा ने पिछले दिनों छठ पूजा की एक परंपरा पर सवाल उठाये थे, जिसके बाद वह सोशल मीडिया में बुरी तरह ट्रोल हो गयीं और अंतत: उन्होंने फेसबुक पर यह पोस्ट लिखा- मेरी सिंदूर - पोस्ट से छठ वाले लोगों को इतना कष्ट होगा, मुझे अंदाजा न था कि वे स्त्रियों के सिंदूर के लिए स्त्रियों को ही बेशुमार गालियां देने लगेंगे. अपमान किसी भी स्त्री का नहीं होना चाहिए. मैंने पोस्ट हटा दी .यहां मैं कोई कमेंट नहीं करना चाहूंगी.

  • साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा ने छठ पूजा की परंपरा पर उठाये सवाल, सोशल मीडिया में हो गयीं ट्रोल

    छठ बिहारवासियों का महापर्व है. इस पर्व को लेकर लोगों की आस्था इस कदर है कि छठव्रतियों की सेवा के लिए लोग धर्म की दीवार तोड़कर भी सामने आ जाते हैं. ऐसे में जब कल छठ महापर्व की शुरुआत के दिन दिग्गज साहित्यकार मैत्रेयी पुष्पा ने छठ के दौरान महिलाओं द्वारा नाक से सिंदूर लगाने की परंपरा पर सवाल उठाये, तो वे सोशल मीडिया में लोगों के निशाने पर आ गयीं. मैत्रेयी पुष्पा ने लिखा-छठ के त्यौहार में बिहारवासिनी स्त्रियां मांग, माथे और नाक पर भी सिंदूर पोत लेती हैं, कोई खास वजह होती है क्या?

  • ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ का वास्तविक किरदार रूमझुम असुर नहीं रहा, लेखक रणेन्द्र ने जतायी संवेदना

    कथाकार रणेन्द्र का उपन्यास ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ वस्तुतः आदिवासियों-वनवासियों के जीवन का व्यथित सारांश है. इस उपन्यास में रणेन्द्र ने असुर समुदाय की गाथा पूरी प्रामाणिकता व संवेदनशीलता के साथ लिखी है. ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ में असुर समुदाय के अनवरत संघर्ष का चित्रण है. इस उपन्यास के अहम वास्तविक किरदार रूमझुम असुर का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है. उनके निधन पर उपन्यास के लेखक रणेंद्र ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा है. रणेंद्र जी लिखते हैं- कल विकास जी ,आई आई टी कानपुर के शोधकर्ता से सूचना मिली कि झुनझुन असुर ( ग्लोबल गाँव के देवता के रुमझुम असुर ) लंबी बीमारी के बाद नहीं रहे.

  • पुरस्कृत हुई रस्किन बॉन्ड की आत्मकथा

    बच्चों के चहेते लेखक रस्किन बॉन्ड की आत्मकथा लोन फॉक्स डांसिंग : माई ऑटोबायोग्राफी को इस साल गैर गल्प श्रेणी में अत्ता गैलाट्टा-बैंगलोर साहित्य महोत्सव पुस्तक पुरस्कार के लिए चुना गया है. इस पुस्तक का विमोचन इस साल के शुरुआत में किया गया था जिसमें लेखक के जीवन से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया गया है. इसमें 50 से अधिक तस्वीरें शामिल हैं. इनमें से कुछेक आज तक दुनिया के सामने नहीं आयी थीं. तस्वीर के जरिये बॉन्ड की जिंदगी के यादगार पलों को कैद किया गया है.

  • नहीं रहा साहित्य जगत का एक सबल स्तंभ नंदकुमार ‘उन्मन’

    नंदकुमार उन्मन के असामयिक निधन से रूढ़ियों का शिकार बन चुके परंपरागत चिंतन के दरकिनार कर नयी चेतना के अंकुर उगाने के दृढ़ निश्चय का यह चिंतन लेकर साहित्य सृजन में प्रवृत्त रहनेवाला नगर के साहित्य जगत का एक सबल स्तंभ अब नहीं रहा. संवेदनशील साहित्यकार, उच्च कोटि के गीतकार, समीक्षक एवं प्रबुद्ध चिंतक और सबसे ऊपर शरद ऋतु की नदी-से निर्मल व्यक्तित्व के धनी नंदकुमार उन्मन नगर के साहित्य जगत के अजातशत्रु थे. उनकी अबतक मात्र दो साहित्यिक कृतियां, सफे उदास हैं (गजल संग्रह) तथा सुनो कथावाचक (लंबी कविता) प्रकाशित हैं, जबकि उनकी इससे कई गुणा अधिक साहित्यिक कृतिया अभी अप्रकाशित हैं, जिनमें कविताएं, एकांकी, समीक्षा की पुस्तकें शामिल हैं.

  • साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के जीवन पर बन रही बायोपिक का ट्रेलर रिलीज

    हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के जीवन पर एक फिल्म बन रही है. इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है. यह ट्रेलर रविवार को रिलीज किया गया है. विनोद कुमार शुक्ल आधुनिक हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार हैं जिन्होंने कविता, कहानी और उपन्यास लेखन में अपनी अमिट छाप छोड़ी.

  • दीपावली के अवसर पर सोशल मीडिया में वायरल हुई अटल बिहारी वाजपेयी की कविता

    कल दीपावली के अवसर पर सोशल मीडिया में एक कविता बहुत वायरल हुई, वह कविता थी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की. वाजपेयी जी भारत के 10वें प्रधानमंत्री थे फिलहाल वे बहुत अस्वस्थ हैं और कोमा में हैं, लेकिन इस दीपावली पर उन्हें सोशल मीडिया में बहुत याद किया गया. वाजपेयी जी एक कोमल हृदय राजनेता माने जाते थे, तभी उनकी वाणी से कविताएं फूटती थीं. इस दीवाली उनकी यह कविता वायरल हुई

  • अमेरिकी लेखक जॉर्ज सॉन्डर्स को मिला 2017 का मैन बुकर पुरस्कार

    अमेरिकी लेखक जॉर्ज सॉन्डर्स ने अपने उपन्यास ‘लिंकन इन द बार्दो’ के लिए ब्रिटेन का प्रख्यात मैन बुकर पुरस्कार जीता है. यह पुरस्कार जीतने वाले वह दूसरे अमेरिकी लेखक बन गये हैं. अंग्रेजी भाषा के प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार के लिए जजों ने इस किताब की प्रशंसा बिल्कुल मूल कृति के रूप में की. इस किताब में अब्राहम लिंकन के 11 साल के बेटे विली की मौत की कहानी है.

  • 'पंचलैट' का फर्स्‍टलुक जारी, फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित है यह फिल्‍म

    हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलाइट’ पर आधारित फिल्म जल्दी ही रिलीज होने वाली है. इस फिल्‍म को लेकर दर्शक काफी उत्‍सुक हैं. अब मेकर्स ने फिल्‍म का फर्स्‍टलुक जारी कर दिया है. कहा जा रहा है कि यह फिल्म अगले साल की शुरुआत में सिनेमा घरों में प्रदर्शित की जायेगी. इस फिल्म में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी काम कर रहे हैं.

  • प्रसिद्ध साहित्यकार दिव्या माथुर मुंह के कैंसर से पीड़ित

    हिंदी और अंग्रेजी की प्रसिद्ध साहित्यकार दिव्या माथुर इन दिनों अस्वस्थ हैं. उन्हें मुंह का कैंसर हो गया है. बताया जा रहा है कि 23 अक्तूबर को उनका आपरेशन होना है, जिसमें लगभग नौ घंटे का समय लगेगा.

  • कोझायिन पादालगाल (कायर के गीत) लेकर आ रहे हैं मुरुगन

    अपने उपन्यास के खिलाफ दक्षिणपंथी समूहों के हो-हल्ले और विरोध के बाद 2015 में अपनी मौत और लेखन कर्म छोड़ने का ऐलान करने और मद्रास उच्च न्यायालय के फैसले के बाद लेखन कर्म शुरु करने वाले तमिल लेखक-बुद्धिजीवी पेरुमल मुरुगन कहते हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस यह है कि वह बेवकूफ थे जिसे माहौल का जरा भी भान नहीं हुआ. मुरुगन अब तमिल में एक नयी किताब कोझायिन पादालगाल (कायर के गीत) ला रहे हैं ,जो उन्होंने अपने बनवास के दौरान लिखी थी.

  • वर्ष 2017 का कथाक्रम सम्मान रायपुर की कथाकार जया जादवानी को

    वर्ष 2017 का कथाक्रम सम्मान रायपुर की कथाकार जया जादवानी को दिया जायेगा. यह सम्मान उन्हें 11 नवंबर को दिया जायेगा. जया पिछले तीन दशकों से लेखन में सक्रिय हैं. अब तक उनकी तीन कविता संग्रह , आठ कहानी संग्रह और ती उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं. उनका पहला उपन्यास ‘तत्वमसि’ खासा चर्चित रहा. पिछले साल प्रकाशित मिठो पाणी खारो पाणी पर उन्हें कुसुमांजलि सम्मान दिया गया था.

  • रेणु मेरे प्रिय लेखक और ‘मैला आंचल’ से अपनेपन का रिश्ता है : हृषीकेश सुलभ

    मशहूर रंगकर्मी सफदर हाशमी की एक कविता है, ''किताबें करती हैं बातें/बीते जमानों की/ दुनिया की/ इंसानों की/आज की कल की/एक-एक पल की.'' कहते हैं, किताबें जीवन और दुनिया को जानने का बेहतरीन माध्यम हैं. आज पढ़िए हिंदी के महत्वपूर्ण रचनाकार हृषीकेश सुलभ से प्रीति सिंह परिहार की एक छोटी-सी बातचीत किताबों से उनके रिश्ते के बारे में.

  • इशिगुरो अच्छे हैं, लेकिन मुराकामी कहीं बेहतर होते...

    साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2017 का नोबेल पुरस्कार अंग्रेजी लेखक काजुओ इशिगुरो को दिया गया. इसपर त्वरित टिप्पणी करते हुए कवि गीत चतुर्वेदी ने एक पोस्ट लिखा है, साथ ही इशिगुरो पर लिखा एक पुराना आलेख भी पोस्ट किया है. गीत चतुर्वेदी के फेसबुक वॉल से साभार पढ़ें इस आलेख को:-

  • #NobelPrize जापान में जन्मे अंग्रेजी लेखक काजुओ इशिगुरो को मिला साहित्य का नोबेल

    साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2017 का नोबेल पुरस्कार अंग्रेजी लेखक काजुओ इशिगुरो को दिया गया. उनके उपन्यासों में भावानात्मक बल बहुत अधिक दिखता था. उन्होंने अपनी रचनाओं में दुनिया के साथ हमारे संबंधों के भ्रम को उजागर किया है.

  • नया ज्ञानोदय का स्त्री स्वर अंक उपलब्ध, नयी कवयित्रियों को मिला स्थान

    नया ज्ञानोदय का स्त्री स्वर अंक आ गया है. इस अंक के बारे में बताते हुए प्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार विमल कुमार ने लिखा है. नया ज्ञानोदय पढ़ रहा हूं. मंडलोई इधर अंक अच्छे निकाल रहे हैं. इस अंक में कई नयी कवयित्रियों को छापा गया है.

  • फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलाइट’ पर आधारित फिल्म जल्दी ही होगी रिलीज

    हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘पंचलाइट’ पर आधारित फिल्म जल्दी ही रिलीज होने वाली है. कहा जा रहा है कि यह फिल्म अगले साल की शुरुआत में सिनेमा घरों में प्रदर्शित की जायेगी. इस फिल्म में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी काम कर रहे हैं. पंकज ने मसान, गैंग्स ऑफ वासेपुर, फुकरे, दिलवाले, निल बट्टे सन्नाटा जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं.

  • कोलकाता में 12 से 15 तक ‘लिटरेरिया कोलकाता 2017’ साहित्य उत्सव का आयोजन

    साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था नीलांबर ने 12 से 15 अक्तूबर तक कोलकाता में ‘लिटरेरिया कोलकाता 2017’ कार्यक्रम का आयोजन किया है. यह साहित्य उत्सव चार दिनों तक चलेगा. इस कार्यक्रम के अंतर्गत आलोचना सत्र, कविता पाठ, कहानी पाठ, नाटक, कविता कोलाज, माइम एवं काव्य नृत्य इत्यादि का आयोजन किया जायेगा.

  • ‘व्यंग्य यात्रा’ का नया अंक (जुलाई-सितंबर 2017) चार अक्टूबर तक

    ‘व्यंग्य यात्रा’ का नया अंक (जुलाई-सितंबर 2017) चार अक्टूबर उपलब्ध हो जायेगा. यह अंक अपने प्रति निस्पृह, साहित्य की आधुनिक उठा-पटक से दूर, ‘हिंदी व्यंग्य झरोखे के सजग दृष्टा’ गोपाल चतुर्वेदी पर केंद्रित है. मशहूर साहित्यकार प्रेम जनमेजय ने इस अंक के बारे में जानकारी देते हुए फेसबुक पर बताया कि मुख्य कवर हमारे समय के महत्वपूर्ण रचनाकार लीलाधर मंडलोई Leeladhar Mandloi द्वारा कैमरे से खींची गई कलात्मक छवि पर आधारित है. इस अंक का लोकार्पण 6 अक्टूबर को शाम 6 बजे , गोपाल चतुर्वेदी के लखनऊ स्थित आवास पर होगा.

  • मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी वर्ष पर कविता कार्यशाला का आयोजन

    आधुनिक हिंदी कविता के प्रणेता मुक्तिबोध के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इप्टा एवं प्रलेस अशोकनगर द्वारा संयुक्त रूप से कविता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के दूसरे दिन तीन सत्र संपन्न हुए. पहले सत्र का विषय था ''इक्कीसवीं सदी की कविता का वैचारिक स्वप्न.'' दूसरे सत्र का विषय था ''जन पक्षधर कविता की पहचान और ज़रूरत.'' कार्यशाला के अंतिम सत्र में विनीत तिवारी, सुरेंद्र रघुवंशी, शशिभूषण, मानस भारद्वाज, अरबाज़ और हरिओम राजोरिया ने अपनी कविताओं का पाठ किया.

  • अगर राष्ट्रप्रेम यही है तो ईश्वर ही इस देश का मालिक है

    बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में बीते गुरुवार की रात को जो कुछ हुआ उसने देश भर में बहस छेड़ दी है. सोशल मीडिया में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. शिक्षण संस्थानों के माहौल पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं, ऐसे माहौल में प्रसिद्ध साहित्यकार काशीनाथ सिंह का एक बयान आया है . वे आंदोलनरत लड़कियों के पक्ष में खड़े हुए हैं. काशीनाथ सिंह ने 1965 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में लेक्चरर के रूप में ज्वाइन किया था और यहीं से वे रिटायर भी हुए. उन्होंने शिक्षा भी इसी विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. उनके पोस्ट को हम यहां हूबहू प्रस्तुत कर रहे हैं.

  • रेयान की घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर मशहूर कवि प्रसून जोशी ने लिखी यह कविता...

    गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में आठ सितंबर को कक्षा दो के एक छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या कर दी गयी. इस घटना ने पूरे मानव समाज को झकझोर कर रख दिया है. क्या इंसान अब इस कदर हैवान हो गया है कि वह छोटे-छोटे बच्चों को अपना शिकार बना रहा है? यह सवाल समाज के सामने है. किसी भी सभ्य समाज के माथे पर यह एक ऐसा कलंक है, जो मिटाये नहीं मिटेगा और जिसका प्रायश्चित बस इतना है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो. इस घटना से आहत होकर भारतीय सिनेजगत के मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक और मशहूर कवि प्रसून जोशी ने 12 सितंबर को एक कविता अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट की थी. इस कविता में उनकी पीड़ा फूट पड़ी है और उन्होंने समाज के सामने बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कुछ सवाल खड़े किये हैं, तो पढ़िए उनकी यह हृदयस्पर्शी कविता-

  • नरेंद्र मोदी ने दी हिंदी दिवस पर शुभकामनाएं, भाषा सीखने के लिए लांच होगा लीला ऐप

    हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू तथा अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. वहीं हिंदी पखवाड़ा शुरू होने पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदी भाषा सीखने के लिए विकसित किये गये ऐप लीला के लांच की जानकारी सभी के साथ साझा की.

  • व्यंग्यकार कैलाश मंडलेकर को वर्ष 2017 का ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान

    अंजनी चौहान, विजय राय ,ब्रजेश कानूनगो की निर्णायक समिति ने सर्वसम्मति से व्यंग्यकार कैलाश मंडलेकर को उनके श्रेष्ठ व्यंग्य लेखन के लिए वर्ष 2017 का ''ज्ञान चतुर्वेदी सम्मान '' प्रदान करने का निर्णय लिया है. यह सम्मान ''दूसरी परंपरा ''पत्रिका द्वारा इसी वर्ष से शुरू किया गया है.

  • जल्दी ही महाश्वेता देवी और दिनकर की रचनाओं के नाम पर चलेगी ट्रेन

    ट्रेन की यात्राओं को थोडा सा ज्ञानवर्धक और साहित्यिक बनाने के लिए रेल मंत्रालय ट्रेनों के नाम प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियों पर उसके क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए रखे जाने के लिए एक प्रस्ताव पर गौर कर रहा है. वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब जल्द ही पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्री एक ऐसी ट्रेन से यात्रा कर सकते हैं जिसका नाम महाश्वेता देवी के किसी उपन्यास पर रखा जाएगा. वहीं बिहार जाने वाले यात्री भी रामधारी सिंह दिनकर की कृति पर रखे गए नाम वाले ट्रेन से यात्रा कर पाएंगे.

  • लेखक ज्ञान चतुर्वेदी के उपन्यास ‘बारामासी’ पर बनेगा मेगा सीरियल

    प्रसिद्ध लेखक ज्ञान चतुर्वेदी ने बारामासी उपन्यास पर आधारित एक मेगा टीवी सीरियल के लिए अनुबंध किया है. उन्होंने मुंबई में ''सिद्धान्त सिने विजन'' के मनीष गोस्वामी के साथ मेगा टीवी सीरियल के लिए अनुबंध किया.