• ज्योतिषीय समाधान: राहू से मुक्ति कैसे मिलेगी? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • कब बनते हैं भूमि एवं भवन के योग

    उत्तम भवन प्राप्त करना हर व्यक्ति के पहचान का पर्याय है. आज भी आधी से अधिक आबादी किराये के मकान में ही रहती है. कुछ लोग पैसा रख कर भी मकान नहीं बना पाते, तो कुछ लोगों का पैसा जमीन एवं मकान में फंस जाता है. महान ज्योतिष के ग्रंथ इनका पूर्ण विश्लेषण करते हैं एवं सार्थक उपायों की विवेचना करते हैं. कुंडली के बारह भावों में चौथा भाव, चौथा से चौथा अर्थात सप्तम भाव, इनके कारक चंद्रमा तथा शुक्र से गृह सुख का आकलन किया जाता है.

  • कैसा हो घर का मंदिर

    किसी भी घर में भगवान के मंदिर की अपनी एक विशेष जगह होती है. वास्तु के अनुसार घर के मंदिर को स्थापित करने व सजाने में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. वास्तु कहता है कि घर में मंदिर स्थापित करने के लिए सबसे शुभ स्थान ईशान कोण यानी उत्तर पूर्व दिशा होती है.

  • ज्योतिषीय समाधान: क्या कुंवारी कन्याओं को पर्फ़्यूम्स नहीं लगाने चाहिए ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: ग्रहण योग क्या होता है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान : किस दिशा में सिर करके सोने से आयेगी समृद्धि, जानें क्या कहते हैं सद्गुरु स्वामी आनंद जी

    पश्चिम की ओर सर करके सोने का कोई संबंध समृद्धि आने से नहीं है. बल्कि इसके उलट वास्तु के नियम पश्चिम में सर रखकर सोने की अनुमति नहीं देते. इससे अनिद्रा के साथ पाचन तंत्र व स्वास्थ्य प्रभावित होता है.

  • 16-17 जुलाई को लगेगा चंद्र ग्रहण, पूरे भारत में दिखाई देगा

    रांची : अगले महीने चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो पूरे भारत में देखा जा सकेगा. पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि 16 और 17 जुलाई की दरम्यानी रात को आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के धनु राशि पर लगने वाला यह चंद्र ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा. देर रात 1:31 बजे से सुबह 4:30 बजे तक पूरे भारत में लोग इसे देख सकेंगे.

  • ऐसे होता है वर्षा का आकलन, जानें इस बार कब धोखा देगा मॉनसून, कितनी होगी बारिश

    रांची : बारिश का मामला मौसम विज्ञान से जुड़ा है. भारत में ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से ज्योतिष भी मौसम के बारे में भविष्यवाणी करते रहे हैं. आज भी यह विज्ञान प्रचलित है और मौसम विभाग की भविष्यवाणी से कमतर नहीं है. रांची के पंडित रामदेव पांडेय ने prabhatkhabar.com से बातचीत में बताया कि झारखंड, बिहार, ओड़िशा और इसके आसपास के राज्यों में 22 जून से मॉनसून का प्रवेश हो सकता है. हालांकि, मौसम विभाग ने 21 जून से झारखंड में बारिश की भविष्यवाणी की है.

  • ज्योतिषीय समाधान: क्या उत्तर दिशा में सिर रखकर सोना अशुभ है? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: क्या कुत्ता पालने वाला नरक में जाता है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: क्या रात में दही खाने से ग़रीबी आती है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • माथे के बायें हिस्से पर तिल बनाता है खर्चीला

    शरीर के हर हिस्से पर मौजूद तिल का महत्व अलग है. ज्योतिष और समुद्र शास्त्र के जानकारों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के शरीर पर 12 से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता, लेकिन व्यक्ति के शरीर पर 12 से कम तिल हो, तो यह शुभ फलदायक है.

  • ज्योतिषीय समाधान: ज्योतिष सच्चा है या काल्पनिक? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: साढ़ेसाती क्या कोई बुरा योग है? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: हथेली में विवाह रेखा कौन सी होती है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • सदगुरु स्वामी आनंद जी का गहन विश्लेषण: पढ़ें, क्या है अक्षय तृतीया

    अक्षय, यानि जिसका क्षय न हो, जो कभी नष्ट न हो. अक्खा तीज या अक्षय तीज के नाम से जानी जाने वाली वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अपनी अद्वितीय आंतरिक क्षमता के लिये जानी और पहचानी जाती है. अनादि काल से ही स्वयं सिद्ध शुभ मुहर्तों में शुमार रही है अक्षय तृतीया.

  • ज्योतिषीय समाधान: शनि की काल कंटक साढ़ेसाती क्या होती है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: कालसर्प का दुर्योग कितने सालों तक भोगना होता है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • ज्योतिषीय समाधान: आर्थिक स्थिति कब सुधरेगी ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान: जीवन में अकूत धन कब और कैसे मिलेगा? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं तथा मनुष्य के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक व्यवहार की गहरी पकड़ रखते हैं. आप भी इनसे अपनी समस्याओं को लेकर सवाल पूछ सकते हैं. इसके लिए आप इन समस्याओं के संबंध में लोगों के द्वारा किये गये सवाल के अंत में पता देख सकते हैं....

  • ज्योतिषीय समाधान: पूजा करने की सही दिशा क्या है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • ज्योतिषीय समाधान: किस पूजा से धन की प्राप्ति होती है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • ज्योतिषीय समाधान: पति को वश में करने का क्या है उपाय ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • ज्योतिषीय समाधान : क्या जनवरी में जन्में लोग पत्थरदिल होते हैं ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान : सूर्य को अर्ध्य देने का समय और प्रक्रिया क्या है ? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं.

  • ज्योतिषीय समाधान : क्या काले जादू से सिर्फ़ बुरा ही होता है? जानें क्या कहते हैं सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं

  • ज्योतिषीय समाधान : अगर आप परेशान हैं, तो सवाल करें?

    सद्‌गुरु स्वामी आनंद जी एक आधुनिक सन्यासी हैं, जो पाखंड के धुरविरोधी हैं और संपूर्ण विश्व में भारतीय आध्यात्म व दर्शन के तार्किक तथा वैज्ञानिक पक्ष को उजागर कर रहे हैं. सद्‌गुरुश्री के नाम से प्रख्यात कार्पोरेट सेक्टर से अध्यात्म में क़दम रखने वाले यह आध्यात्मिक गुरु नक्षत्रीय गणनाओं तथा गूढ़ विधाओं में पारंगत हैं तथा मनुष्य के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक व्यवहार की गहरी पकड़ रखते हैं.

  • आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति क्या है ? जानें सुख-समृद्धि कहां अटकी है

    पटना : व्यक्ति को ऊंचा पद मिलेगा या नहीं, सरकारी नौकरी मिलेगी या नहीं ये सब कुंडली में सूर्य की स्थिति पर निर्भर होती है. कुंडली में सूर्य की शुभ स्थिति व्यक्ति को मान-सम्मान और सुख-समृद्धि प्रदान करती है. कुंडली में सूर्य यदि शनि, राहु या केतु के साथ हो या दृष्टि संबंध बनाता हो तो व्यक्ति को अपमान का सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि यदि सूर्य राहु या केतु के साथ स्थित है तो ग्रहण दोष बनता है.

  • साल का पहला सूर्य ग्रहण कल, बिहार-झारखंड में बढ़ेगा ठंड का प्रकोप

    नयी दिल्ली : साल 2019 का पहला सूर्य ग्रहण 6 जनवरी यानी रविवार को पड़ने जा रहा है. यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा जो भारत में नजर नहीं आएगा. भारतीय समयानुसार 05 बजकर 05 मिनट से 09 बजकर 18 मिनट तक ग्रहण रहेगा जो चीन,जापान,कोरिया,रूस इत्यादि कुछ देशों में दिखेगा.

  • तत्व निर्धारण बताते हैं राशियों के गुण-दोष

    वैदिक ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल रूपी चार तत्वों के अनुसार 12 राशियों को तीन-तीन राशि के चार समूहों में बांटकर उसका तत्व निर्धारित करते हैं. पहली त्रिकोण राशियों (मेष, सिंह, धनु) का तत्व अग्नि है. अग्नि में रूप परिवर्तन की क्षमता होती है.

  • दो गतियों के अनुसार जरूरी है धन खर्च करना

    शास्त्रों में धन कमाने, धन को अपने पास बनाये रखने के कई उपाय बताये गये हैं. संस्कृत साहित्य के महान नीतिकार बाबा भरथरी ने धन को तीन गतियों में विभाजित किया है. वे कहते हैं- “दानं भोगो नाशस्तिस्त्रो गतयो भवन्ति वित्तस्य, यो न ददाति न भुक्ते तस्य तृतीया गतिर्भवति'''' अर्थात जो व्यक्ति अपने कमाये हुए धन को दो गतियों के अनुसार खर्च नहीं करता, उसका धन तीसरी गति तक आते-आते अपने आप ही नष्ट हो जाता है.

  • धनतेरस पर खरीदें सोना, घर आयेगी समृद्धि

    पटना : कार्तिक मास की त्रयोदसी को धनतेरस होती है. इस बार धनतेरस पांच और दीपावली सात को मनायी जायेगी. धनतेरस पर बर्तन व अन्‍य कई तरह की चीजें खरीदने की परंपरा और मान्‍यता है. वहीं, इस दिन सोने की खरीदारी करना सबसे ज्‍यादा शुभ माना जाता है. सोना खरीदने के पीछे पौराणिक कथा भी जुड़ी हुई है. धनतेरस धन और तेरस दो शब्दों के मेल से बना है. घर में धन और समृद्धि के लिए इस दिन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए.

  • धनतेरस : हस्त नक्षत्र में खरीदारी करना बेहद शुभकारी, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त

    कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व पूरी श्रद्धा व विश्वास से मनाया जाता है. इस बार धनतेरस का त्योहार पांच नवंबर दिन सोमवार को मनाया जायेगा. पंडित राकेश झा ने बताया कि इस बार धनतेरस पर अमृत और राजयोग और हस्त नक्षत्र का योग होने से धनतेरस पर खरीदारी करना शुभकारी होगा.

  • उच्च के शनि दिलाते हैं कार्य क्षेत्र में तरक्की

    किसी भी व्यक्ति के कार्य क्षमता का स्तर देखने के लिए कुंडली में शनि की स्थिति देखी जाती है. कुंडली में शनि दशम भाव में संबंध रखते हों तो व्यक्ति को कार्यक्षेत्र में अत्यधिक परेशानी झेलनी पड़ती है. इससे व्यक्ति अपनी योग्यता का पूरा उपयोग नहीं कर पाता है.

  • बुध का वृश्चिक राशि में हो रहा है प्रवेश, जानें किन राशियों पर पड़ेगा क्या प्रभाव

    पटना : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष 26 अक्टूबर को कृतिका नक्षत्र एवं सिद्धि योग के युग्म संयोग में नौ ग्रहों के युवराज तथा ज्ञान, बुद्धि, विवेक, व्यापार-व्यवसाय और शिक्षा के प्रतिनिधि बुध ग्रह तुला राशि से वृश्चिक राशि में रात्रि 8:55 बजे गोचर करेंगे और एक जनवरी 2019 तक रहेंगे. इसका प्रभाव मेष तथा कुंभ राशि को छोड़ कर बाकी सभी राशियों पर शुभ प्रभाव होगा.

  • ‘मरते-मरते भी काम जरूर करते रहो’

    21 अक्तूबर को श्री श्री आनंदमूर्तिजी का महाप्रयाण दिवस है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि यदि बिना किसी लक्ष्य के, बिना मिशन के कोई जीवन जीता है, तो उस अवस्था में कोई भी प्रयत्न मानसिक क्षेत्र में सफलता नहीं ला सकता. यदि तुम काम करना नहीं चाहते हो, यदि तुम संसार की सेवा करना नहीं चाहते हो, तब तुम संसार के लिए एक भार हो जाओगे.

  • ज्योतिष: घर पर पर्यावरण वास्तु का भी पड़ता है प्रभाव

    डॉ एनके बेरा, ज्योतिषविद् इंसान के जीवन को दो चीजें विशेष रूप से प्रभावित करती हैं- एक, भाग्य और दूसरा, वास्तु. पचास फीसदी भाग्य, पचास फीसदी वास्तु. अगर आपके सितारे बुलंद हैं, मगर वास्तु गड़बड़ है, तो प्रयास की तुलना में नतीजे आधे मिलेंगे. इसके विपरीत यदि आपकी वास्तु सही है, मगर ग्रह दशा ठीक नहीं है,

  • शुक्रवार को लग रहा है सूर्य ग्रहण, इन बातों का रखें खास ध्यान, जानें 'बुरी किस्मत' का संबंध

    नयी दिल्ली : 13 जुलाई यानी शुक्रवार को आषाढ़ अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण पड़ रहा है. यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा. इंग्लैंड के ग्रीनविच शहर में यह दोपहर 1:30 बजे दिखाई देगा और अमेरिका के पूर्वी तट पर सुबह 9:30 बजे दिखेगा. नासा के अनुसार आंशिक सूर्य ग्रहण अब शुक्रवार को 2080 में होगा. ज्योतिषियों की मानें तो ग्रहण से जुड़े कुछ नियम लोगों को मानना चाहिए.

  • 16 फरवरी को लगेगा सूर्य पर ग्रहण, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव

    नयी दिल्ली : साल 2018 में कुल तीन सूर्य ग्रहण लगने वाले हैं. तीनों सूर्य ग्रहण आंशिक होंगे. हालांकि भारत में ये तीनों ग्रहण दिखायी नहीं देने वाले हैं. धार्मिक जानकारों की मानें तो इस ग्रहण का प्रभाव लोगों पर पड़ेगा. तीनों सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखायी देंगे.

  • मकर संक्रांति आज, कल भी पुण्यकाल: आज सूर्य का दिन, इसलिए मकर संक्रांति का पर्व खास

    रांची : आज मकर संक्रांति का पर्व मनाया जायेगा. श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगायेंगे. आज गंगा स्नान का काफी महत्व है. लोग दान पुण्य करेंगे. पुण्य काल दिन के 1.44 बजे है. रविवार को मकर संक्रांति पड़ने के कारण इसका महत्व बढ़ गया है.

  • कैसा होगा आज का दिन, जानें राशिफल से

    आपके खर्चों में बढ़ोतरी होगी, जो आपके लिए परेशानी का सबब साबित हो सकती है. वैवाहिक जीवन में उथल पुथल बनी रहेगी. प्रेम-प्रसंग -प्रेम संबंधों में जल्दबाजी न दिखायें.

  • आज का दिन यात्रा के लिए शुभ नहीं, लेकिन अगर जरूरी है तो करें ये उपाय:-

    अकसर हमारे मन में भविष्य को लेकर जिज्ञासा और शंका दोनों बनी रहती है. हम यह चाहते हैं कि कोई ऐसा काम हम ना दें, जिसका बुरा परिणाम हमें देखने को मिले. यही कारण है कि हम कोई भी काम करने से पहले दिन- मुहूर्त का खास ध्यान रखते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि हमारा काम तो बढ़िया होता है लेकिन उसे करने का मुहूर्त सही नहीं होता है, जिसके कारण हमें उसके सही परिणाम नहीं मिलते. ऐसे में ये जरूरी है कि हम शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें. तो आइए जाने आज के शुभ मुहूर्त के बारे में

  • आत्मशुद्धि का महापर्व है पर्यूषण

    भारत एकता में विविधता वाला देश है. भारत को पर्वों और त्योहारों का भी देश कहा जाता है. उनमें न केवल भौतिक आकर्षण बल्कि आत्म साधना और त्याग से जुड़े पर्व भी हैं. एक ऐसा ही अनूठा पर्व है पर्यूषण महापर्व. यह मात्र जैनों का पर्व नहीं है, यह एक सार्वभौम पर्व है, मानव मात्र का पर्व है. पूरे विश्व के लिए यह एक उत्तम और उत्कृष्ट पर्व है, क्योंकि इसमें आत्मा की उपासना की जाती है. जैन धर्म का संस्थापक ऋषभ देव को माना जाता है, जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर थे और भारत के चक्रवर्ती सम्राट भरत के पिता थे. वेदों में प्रथम तीर्थंकर ऋषभनाथ का उल्लेख मिलता है. जैन धर्म में कुल 24 तीर्थंकर हुए हैं.

  • ज्योतिष समाधान : दक्षिण में बैठ कर करें शिवलिंग की पूजा

    सावन में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है. शिवलिंग से दक्षिण दिशा में बैठकर पूजा करने से भक्तों की सारी मनोकामना पूर्ण होती है. साथ ही पूजा करते वक्त रूद्राक्ष की माला धारण करने, वेल पत्र और दूध से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है. परिवार में सौहार्द बना रहता है. यह कहना है आचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी का. वे गुरुवार को ''प्रभात खबर'' पटना कार्यालय में आयोजित ज्योतिष काउंसेलिंग में पाठकों के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग

    काल सर्प दोष के कारण विवाह में होता है विलंब रांची : प्रभात खबर कार्यालय में मंगलवार को ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग का आयोजन किया गया. ज्योतिषी डॉ आरके तिवारी ने पाठकों को विवाह, कैरियर, पारिवारिक सुख-शांति, व्यापार, नौकरी आदि से जुड़े सवालों के जवाब दिये

  • ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग आज

    ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग में मंगलवार को हमारे साथ होंगे ज्योतिषी डॉ आरके तिवारी. अपने भविष्य, शिक्षा, कैरियर, विवाह, रोगों के समाधान के साथ-साथ कुंडली संबंधी किसी भी तरह के ज्योतिषीय सलाह के लिये फोन करें. फोन करते समय जन्म तिथि, समय एवं स्थान की जानकारी अवश्य रखें.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग : वास्तु सिद्धांतों से संवारें बच्चों का कैरियर

    रांची : प्रभात खबर कार्यालय में शुक्रवार को ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग का आयोजन किया गया. वास्तु विशेषज्ञ दुर्गा गुप्ता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि वास्तु सिद्धांतों का पालन कर हर क्षेत्र में उन्नति प्राप्त की जा सकती है.

  • घर में सुख-शांति के लिए करें तुलसी के पौधे की सेवा

    रांची : प्रभात खबर कार्यालय में शुक्रवार को ऑनलाइन वास्तु कांउसलिंग का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान वास्तुविद बिमलेश कुमार ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि घर में सुख-शांति बनाये रखने के लिए घर के मुख्य द्वार पर ईशान कोण में तुलसी का पौधा रख कर उसमें प्रतिदिन सुबह में जल अर्पित करना लाभकारी होता है.

  • ईशान कोण में भवन का मुख्य द्वार लाता है समृद्धि

    प्रभात खबर कार्यालय में शुक्रवार को ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वास्तुविद दुर्गा गुप्ता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. इस मौके पर उन्होंने वास्तुशास्त्र के अनुसार विभिन्न कोण और उनके महत्व पर प्रकाश डाला.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग आज

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग में आज हमारे साथ होंगे वास्तु विशेषज्ञ रेणु शर्मा. पाठक मकान, जमीन आदि की दिशा की जानकारी अथवा नक्शा साथ रखते हुए वास्तुदोष के कारण होने वाली समस्याओं जैसे कर्ज, रोग, कानूनी अड़चन, आर्थिक परेशानी के समाधान की जानकारी व सलाह के लिए फोन करें.

  • घर के दक्षिण-पश्चिम भाग को न रखें दूषित

    प्रभात खबर कार्यालय में मंगलवार को ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग कार्यक्रम के दौरान वास्तुविद दुर्गा गुप्ता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि प्रत्येक घर के लिए लक्ष्मी यानी सुख, शांति और ऐश्वर्य का बड़ा ही महत्व होता है. इस लिए यह ध्यान देने योग्य बात है कि घर के दक्षिण तथा पश्चिम भाग को दूषित होने से बचाये रखा जाना चाहिए.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग आज

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग में आज हमारे साथ होंगे वास्तु विशेषज्ञ दुर्गा गुप्ता. पाठक वास्तुदोष के कारण होने वाली समस्याएं जैसे कर्ज, रोग, कानूनी अड़चन, आर्थिक परेशानी, शिक्षा , व्यापार व नौकरी में आ रही परेशानी के साथ परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों में तनाव आदि के अतिरिक्त किसी भी तरह के वास्तुदोष के समाधान की जानकारी व सलाह के लिए फोन करें. पाठक घर की दिशा की जानकारी अवश्य रखें.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग आज

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग में आज हमारे साथ होंगे वास्तु विशेषज्ञ बिमलेश कुमार. पाठक वास्तुदोष के कारण होने वाली समस्याएं जैसे कर्ज, रोग, कानूनी अड़चन, आर्थिक परेशानी, शिक्षा , व्यापार व नौकरी में आ रही परेशानी के साथ परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों में तनाव आदि के अतिरिक्त किसी भी तरह के वास्तुदोष के समाधान की जानकारी व सलाह के लिए फोन करें.

  • भाग्य और कर्म की प्रबलता जरूरी

    शुक्रवार को प्रभात खबर कार्यालय में वास्तुविद दुर्गा गुप्ता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि संपन्नता चाहे आर्थिक हो या बौद्धिक, भाग्य और कर्म दोनों की प्रबलता से ही प्राप्त होगी. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर, दुकान, कारखाना या व्यावसायिक स्थान वास्तु दोष से मुक्त होंगे.

  • ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग

    ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग में मंगलवार को हमारे साथ होंगे ज्योतिषी डॉ सुनील बर्मन. अपने भविष्य, शिक्षा, कैरियर, विवाह, रोगों के समाधान के साथ-साथ कुंडली संबंधी किसी भी तरह के ज्योतिषीय सलाह के लिये फोन करें. फोन करते समय जन्म तिथि, समय एवं स्थान की जानकारी अवश्य रखें.

  • ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग आज

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग में आज हमारे साथ होंगे वास्तु विशेषज्ञ दुर्गा गुप्ता. पाठक वास्तुदोष के कारण होने वाली समस्याएं जैसे कर्ज, रोग, कानूनी अड़चन, आर्थिक परेशानी, शिक्षा , व्यापार व नौकरी में आ रही परेशानी के साथ परिवार के सदस्यों के बीच संबंधों में तनाव आदि के समाधान की जानकारी व सलाह के लिए फोन करें.

  • गुरु की दृष्टि पड़ने से बनता है विवाह का योग

    प्रभात खबर कार्यालय में गलवार को ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग का आयोजन किया गया. ज्योतिषी डॉ आरके तिवारी ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि सूर्य से पिता, आत्मा, प्रताप, आरोग्य, आसक्ति व लक्ष्मी का विचार होता है.

  • सुख समृद्धि के लिए ईशान कोण महत्वपूर्ण

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग का आयोजन शुक्रवार को प्रभात खबर कार्यालय में किया गया. वास्तुविद रेणु शर्मा ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) का बहुत ही महत्व होता है. इस कोण को सदैव पवित्र व साफ-सुथरा रखना चाहिए.

  • उन्नति दिलाने में गुरु का होता है विशेष योगदान

    मंगलवार को प्रभात खबर कार्यालय में ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग का आयोजन किया गया. ज्योतिषी शांतनू चटर्जी ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने कहा कि व्यक्ति को यह बात मन में बैठा लेनी चाहिए कि वह स्वयं का सबसे बड़ा मित्र व सबसे बड़ा शत्रु है.

  • महामृत्युंजय मंत्र से होता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह

    ऑनलाइन वास्तु काउंसलिंग का आयोजन शुक्रवार को प्रभात खबर कार्यालय में किया गया. वास्तुविद विमलेश कुमार ने पाठकों के सवालों के जवाब में बताया कि परिवार के सदस्यों की अच्छी सेहत और बीमारियों से बचाव के लिए कुवान यंत्र जिसे लेडी बुद्धा भी कहते हैं, घर में रखना चाहिए.

  • स्थिर लगन में पूजा से होती है आर्थिक समृद्धि

    मंगलवार को प्रभात खबर कार्यालय में ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग के दौरान ज्योतिषी पीके गुप्ता ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. पाठकों की कुंडली पर चर्चा के साथ उन्होंने शिक्षा, कैरियर, विवाह, आर्थिक समृद्धि पर ज्योतिष परामर्श दिया. उन्होंने बताया कि किसी भी अंगूठी या रत्न धारण करने से पहले उस रत्न या

  • कर्म क्षेत्र का निर्धारण करता है दशम भाव

    ज्योतिषी आरके तिवारी ने बताया कि दशम भाव का स्वामी यदि बुध अथवा गुरु हो तो ऐसे जातक बैंकिंग, शिक्षा, वकालत, प्रशासनिक क्षेत्र में ऊंचा स्थान प्राप्त करते हैं. वहीं कर्म क्षेत्र का स्वामी यदि मंगल हो और वह उच्च का हो तो ऐसे जातक सेना, पुलिस, तकनीक तथा चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं.

  • पितृश्राप के कारण आती है संतान सुख में बाधा

    प्रभात खबर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित ऑनलाइन ज्योतिष काउंसलिंग में ज्योतिषि अजय मिश्रा ने पाठकों के सवालों के जवाब दिये. उन्होंने बताया कि अगर कुंडली में पितृश्राप हो, तो उसका तुरत निवारण करना चाहिए.