• भागलपुर : कलह का फायदा उठाने की फिराक में प्रतिद्वंद्वी

    भागलपुर जिले में चुनाव को लेकर जो भी गोलबंदी थी, लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अब भी मतदाताओं की चुप्पी प्रत्याशियों को बेचैन किये हुए है. भागलपुर विधानसभा सीट पर नामांकन के समय भाजपा के बागी मामले ने खूब जोर पकड़ा था, लेकिन प्रचार थमने से एक दिन पहले तक स्थितियां काफी बदली-बदली सी नजर आ रही हैं. इससे पहले कांग्रेस ने कई बड़े नेताओं को प्रचार में उतार कर अपनी स्थिति पूरे जिले में मजबूत किया. जदयू-राजद ने भी छोटी-बड़ी सभाएं कर मत को अपने पाले में करने की पूरी कोशिश की. शुक्रवार को स्मृति ईरानी भी भाजपा के पक्ष में प्रचार करने भागलपुर शहर पहुंचीं. सुशील मोदी ने रोड शो कर भाजपा खेमे में उत्साह का संचार किया है.

  • वोट का तंत्र किसी को नहीं छोड़ता, उसकी अपनी पॉलिटिक्स है

    बिहार में चुनाव हो और झारखंड में हलचल न हो, यह संभव नहीं. झारखंड भी तो कभी बिहार का हिस्सा था. वहां बिहार की अच्छी-खासी आबादी रहती है. झारखंड की राजधानी रांची से कई ट्रेन बिहार के छोटे-बड़े शहर तक पहुंचती है. दुर्गापूजा और बिहार चुनाव दोनों एक साथ. दोनों में गजब का उत्सवी रंग. सबके पास बात और कुछ न

  • विकास मुद्दा है पर वोट तो जाति के नाम पर ही पड़ेगा

    सुबह के साढ़े चार बजे भागलपुर स्टेशन परिसर एसएससी परीक्षार्थियों से पटा था. भागलपुर से आजिमगंज पैसेंजर (53030 डाउन) के लिए बार-बार रेलवे की ओर से एनाउंसमेंट किया जा रहा था. टिकट लिया और फटाफट ट्रेन में पहुंच कर अपनी सीट सुराक्षत कर ली.

  • चुनावी मौसम में भी नहीं बढ़ी होटलों में भीड़

    भागलपुर : विधानसभा चुनाव को लेकर स्टार प्रचारकों का आना तो हो रहा है, लेकिन किसी भी दल के बड़े नेताओं का ठहराव सामान्य तौर पर कम ही हो रहा है. ऐसे में शहर के होटलों व धर्मशालाओं में नेताओं-कार्यकर्ताओं की आमद भी न के बराबर है. यहां तक कि 12 अक्तूबर को होनेवाले मतदान के लिए भी एडवांस बुकिंग सामान्य ही है. चुनाव वाले दिन यानी 12 अक्तूबर को भी यदि कोई आता है, तो किसी भी होटल में कमरा मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

  • वोट ले जायेगा और फिर ठन-ठन गोपाल...

    ट्रेन में चुनाव की चर्चा छिड़ी, तो मिल गया जवाब.. आश्विन का प्रथम पक्ष और लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का भी प्रथम पक्ष. (वोट का पहला चरण) अल सुबह पांच बजने को है. हवा में नमी है. ट्रेन खुल चुकी है. बोगी में लोग ठूंस कर भरे हुए हैं. कोई बच्च रो रहा है, तो कई जवान अपने-अपने मोबाइल पर तेज आवाज में गाना बजा रहे हैं. सभी मोबाइल पर अलग-अलग गीत. कोई यो यो हनी सिंह, तो कोई रफी के तराने सुन रहा है. जो नहीं भी सुनना चाहते हैं, उन्हें भी सुनना पड़ रहा है.

  • नजर अभी सीटों के बंटवारे पर

    भागलपुर विधानसभा सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है, लेकिन पिछले साल हुए उपचुनाव में उसे करारा झटका लगा. वर्ष 2010 के चुनाव में भाजपा जीती थी. उपचुनाव में यह सीट कांग्रेस की झोली में चली गयी.