तुला ((रा,री,रू,रे,रो,ता,ती,तू,ते))

दैनिक राशिफल

आयुष लाभ मिलेगा. पुरुषार्थ द्वारा आय व लाभ के क्षेत्र में उन्नति होगी. कुरथी दान करना अच्छा रहेगा.

साप्ताहिक राशिफल

तुला : इस रोग भाव के स्वामी राहू के साथ हैं. स्वास्थ्य सुख के मामले में शुरुआत अच्छी रहेगी. सप्ताह के उत्तरार्ध में खास ध्यान रखना होगा. मौसमी रोग हो सकते हैं. त्वचा रोग, सर्दी-खांसी होने पर खास ध्यान रखना होगा. थकान के कारण चुस्ती-फुर्ती में कमी आ सकती है.

वार्षिक राशिफल

तुला

वार्षिक राशिफल - 2015

जनवरी  :  अपने आर्थिक पक्ष को सुदृढ़ करने के लिए आपको स्वयं में पराक्रम का भाव बनाये रखना होगा. आगे बढ़ कर समस्याओं को सुलझाने में व पहल करने से आपकी आर्थिक स्थिति प्रबल होगी. प्रयास करने से मनोवांछित सफलता प्राप्त होगी.

फरवरी : ऋण लेन-देन के प्रबल योग बने हुए हैं. व्यावसायिक विस्तार व नयी  योजनाओं को आरंभ करने का कार्य किया जा सकता है. धन का व्यय व्यर्थ विषयों पर होने से रोकना होगा. धोखे की स्थिति से बचने के लिए आपको सतर्क रहना होगा.

मार्च : आर्थिक उन्नति के लिए यह समय उतम रहेगा. आत्मविश्वास का भाव आप में बना हुआ है, इसलिए शीघ्र ही आप स्थिति को अपने नियंत्रण में लेंगे. जहां तक संभव हो, आप व्यावसायिक भूमि-भवन के विषयों में धन विनियोजन करने से बचें.

अप्रैल : आर्थिक पक्ष को बल प्रदान करने के लिए आप विदेशी संपर्क बढ़ायेंगे. इस समय में आप लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरी लगनशीलता व निरंतर मेहनत के भाव से प्रयास करेंगे. छोटी यात्रओं से भी लाभ प्राप्ति के योग बने हुए हैं.

मई : आय वृद्धि के साथ नौकरी में परिवर्तन के लिए समय अनुकूल बना हुआ है.  दैनिक कार्यो में व्यस्तता बढ़ सकती है. धन विनियोजन के लिए समय शुभ है. अधिकारियों के द्वारा आपके कार्यो की सराहना होने की संभावनाएं बन रही हैं.

जून : विदेशी योजनाओं पर निर्णय लेने में आपको समय लग सकता है. यह देरी आपके लाभों में कमी का कारण बन सकती है. व्यावसायिक खर्चो पर नियंत्रण रखने के प्रयास सफल रहेंगे. कार्यो के लिए विदेश यात्रएं कर सकते हैं.

जुलाई : संचय वृद्धि को लेकर आप उच्चाभिलाषी हो सकते हैं, परंतु इस समय संचय करना बेहद मुश्किल होगा. मनोबल की वृद्धि कैरियर के मार्ग की बाधाओं में कमी कर सफलता की संभावनाएं बनायेगी.

अगस्त : मित्रों का सहयोग न मिलने के कारण कष्ट बढ़ सकते हैं. पिता के स्वास्थ्य में अनियमितता की स्थिति बन सकती है. चिंताओं में कमी होगी. पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है.

सितंबर : अधिक से अधिक लाभ प्राप्ति की चाह आपके स्वास्थ्य सुख में कमी का कारण बन सकती है. इस स्थिति में कार्यो के साथ पूरी निद्रा लेने से स्थिति में सुधार किया जा सकता है. जीवनसाथी का स्वास्थ्य भी चिंता का कारण बन सकता है. इस अवधि में बिगड़ते पारिवारिक संबंध आपकी चिंताओं में वृद्धि कर सकते हैं.

अक्तूबर : आपके स्वास्थ्य में कमी रहेगी़. लंबी यात्रएं इसका कारण हो सकती हैं. इस अवधि में बने अशुभ योगों के प्रभाव को कम करने के लिए आप पूर्णत: स्वच्छ भोजन करें.

नवंबर : प्रेम संबंधों के लिए समय अनुकूल रहेगा. मध्यावधि में विदेश स्थानों से आपके मित्रतापूर्ण संबंध बन सकते हैं. इस अवधि में आपके लिए प्रेम विषयों में भावुक होकर निर्णय लेना उचित नहीं होगा.

दिसंबर : इस समय में प्रेम विषयों के लिए स्थिति पहले से बेहतर हो जायेगी. इन संबंधों में इससे पहले जो तनाव बना हुआ था, वह दूर होगा. आपके नये रिश्ते, नये मित्र बनेंगे. इस अवधि में बने संबंध दीर्घकाल में आपके लिए लाभकारी सिद्ध होंगे. मित्रों के साथ आप अपने शौक पूरे करने का प्रयास कर सकते हैं.

उपाय : माता-पिता तथा घर-बाहर जहां तक हो सके बुजुर्ग, गरीब, कमजोर व बेसहारा लोंगो की मदद करें. शनि के आराध्य भगवान शिव हैं, अत: शिव की नियमित आराधना करें. यदि स्वास्थ्य संबंधी समस्या बहुत अधिक हो, तो महामृत्युंजय का जप किसी विद्वान से कराएं.