मकर ((भो,जा,जी,खी,खू,खे,खो,गा,गी))

दैनिक राशिफल

दिनचर्या संतुलित व्यतीत होगी. कर्म क्षेत्र में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. संतान की उन्नति के कारण में प्रसन्न रहेगा.

साप्ताहिक राशिफल

मकर : रोग भाव के स्वामी तृतीय भाव में हैं. स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है. आप के अष्टम भाव में वक्री गुरु और राहु की युति भी मुश्किलें पैदा कर सकती हैं. चोट लगने से खून निकल सकता है. मोटापा, मधुमेह या कोई पुरानी बीमारी सिर उठा सकती है.

वार्षिक राशिफल

मकर

वार्षिक राशिफल - 2015

जनवरी  :  मकर राशि के लिए बहुत ही अच्छा समय है. मान-सम्मान खूब मिलेगा. व्यापार में वृद्धि होगी. शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता, संतान से सुख, जीवनसाथी से सहयोग अर्थात् सभी मामलों में आपके लिए समय अच्छा है.

फरवरी : खूब धन आयेगा. खासकर, व्यापार जगत से जुड़े लोगों के लिए आय एक से अधिक स्नेतों से होगी. नये अनुबंध बनेंगे. यदि किसी कार्य को अचानक करने की इच्छा हो, तो उसे कुछ समय के लिए टाल दें, अन्यथा हानि हो सकती है.

मार्च : आर्थिक स्थिति थोड़ी लड़खड़ा सकती है, क्योंकि धन का आगमन कम होगा. अनजान लोगों से सतर्क रहें. जीवनसाथी के साथ यात्र का योग बन रहा है. इस समय आप अपनी उत्तेजना पर नियंत्रण रखें.

अप्रैल : मन थोड़ा अशांत रहेगा. लोगों से दूर एकांत में रहने की प्रवृत्ति बनेगी. अत: धैर्य से काम लें और सही समय का इंतजार करें. आप अपने को स्थापित कर लेंगे. पारिवारिक सुख में खूब वृद्धि होगी, जीवन साथी का खूब सहयोग मिलेगा.

मई : शिक्षा-प्रतियोगिता में सफलता, संतान से सुख, आय में अप्रत्याशित वृद्धि, पराक्रम में वृद्धि, पारिवारिक सुख की अधिकता, नये घर-वाहन का योग, समाज में मान-सम्मान, यह सब इस माह आपका इंतजार कर रहे हैं.

जून : यदि आपको संतान प्राप्ति की संभावना है, तो थोड़ी सतर्कता बरतें, हो सकता है आपकी छोटी-सी लापरवाही अत्यधिक नुकसान कर दे. मन में उद्विग्नता रहेगी, अत: परेशानियों को सहजता से लें. खान-पान में सावधानी बरतें.

जुलाई : क्रोध और आवेश पर नियंत्रण रखें, क्योंकि उसके कारण हानि का योग बन रहा है. किसी पुराने शत्रु से सावधान रहें. एलर्जी और लीवर संबंधी बीमारी उत्पन्न हो सकती है, अत: स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न बरतें.

अगस्त : जीवनसाथी से अचानक मतभेद उत्पन्न हो सकता है और उसका कारण आपके स्वभाव में परिवर्तन है. अपनी उग्रता पर नियंत्रण रखें.  निर्णय लेने की क्षमता कमजोर रहेगी, अत: जोखिम भरे कदमों से परहेज करें.

सितंबर : अनैतिक कार्यो में रुचि बढ़ सकती है, जिसके कारण अपमान की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, अत: मन पर नियंत्रण रखें. कर्मठता कम रहेगी, आलस्य और प्रमाद हावी रहेगा. समस्या के दौरान ऐन वक्त पर भाग्य का साथ मिलेगा, परंतु फिर भी भाग्य भरोसे कोई जोखिम न उठाएं. अपनी बुद्धि को सही दिशा में लगाएं.

अक्तूबर : कोई असाध्य बीमारी सर न उठा ले, इसलिए छोटी बीमारी को भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. भाग्य कभी पक्ष में तो कभी विपक्ष में होगा, जिसके कारण आपकी व्यग्रता बढ़ सकती है. किये हुए कार्यो के परिणाम पाने के लिए बहुत प्रयास करना होगा.

नवंबर : समय अभी अनुकूल नहीं है, इसलिए धैर्य बनाये रखें. पैतृक संपत्ति के विवाद में अभी न उलङों, क्योंकि परिणाम पक्ष में होने की संभावना नहीं है. स्वास्थ्य कमजोर रहेगा अत: अपना ख्याल रखें.

दिसंबर : जीवन में उथल-पुथल रहेगी. गलत तरीके से धन आने की संभावना बन रही है. लोग गुमराह कर सकते हैं और एक बार बहुत धन आ भी सकता है, लेकिन उसका अंत अच्छा नहीं होगा. अत:  बेहतर है कि लालच में न आएं और किसी विपरीत परिस्थिति में भी सही मार्ग पर अडिग रहें.

उपाय : पूरे वर्ष राहु भाग्य स्थान में रहेगा, परिणामस्वरूप जीवन में अचानक अच्छी और बुरी चीजें होने की संभावना बनेगी. राहु भाग्य स्थान में उच्च के हैं, अत: राहु का फायदा उठाने के लिए अपने से नीचे के कर्मचारियों तथा सेवकों को खुश रखें. गाय को हरी घास और मूंग खिलाएं. गुरु संबंधी चीजों का दान दें जैसे- पीले वस्त्र, पीले फल, चना, मिठाई आदि.