तरुण विजय

अतीत के गौरव की अमेरिका में वापसी

तरुण विजय

भारत का प्राचीन गौरव, वैभव और वैश्विक कीर्ति इतनी प्रबल और व्यापक थी कि दुनिया में भारत देखने के लिए सबकी इच्छा रहती थी. कोलंबस भारत की खोज में चला था और अमेरिका पहुंच गया और वहां के मूल निवासियों को इंडियन कह डाला. शताब्दियों बाद वास्तविक भारत से उसी प्राचीन गौरव की पताका लिये एक भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत की कीर्ति का जो पराक्रम स्थापित किया, वह अविस्मरणीय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.

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घातक है आरसीइपी समझौता

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