Pankaj Kumar Pathak

  • पढ़ें, प्रभात खबर डॉट कॉम की "मोहन अगाशे" से विशेष बातचीत

    झारखंड में पहली बार मेंटल हेल्थ और हेल्दी माइंड को ध्यान में रखते हुए “ अनुभव फ़िल्म फ़ेस्टिवल” का आयोजन किया गया. इस मौके पर डॉ मोहन अगासे जो मनोचिकित्सक होने के साथ- साथ फिल्ममेकर, अभिनेता और थियेटर आर्टिस्ट भी हैं, रांची में मौजूद थे. प्रभात खबर डॉट कॉम ने इस मौके पर डॉ मोहन अगासे से खास बातचीत की...

  • पीएम मोदी की तारीफ से गदगद हैं केरम- आरा के ग्रामीण कहा, दोगुणे उत्साह के साथ करेंगे काम

    रांची : "मन की बात " कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के दो गांवों का जिक्र किया. ओरमांझी प्रखंड के आरा केरम गांव आदर्श गांव हैं. पीएम मोदी ने कहा, वहां के ग्रामीणों ने जल प्रबंधन को लेकर जो हौसला दिखाया है, वो हर किसी के लिए मिसाल बन गया है. ग्रामीणों ने, श्रमदान करके पहाड़ से बहते झरने को, एक निश्चित दिशा देने का काम किया. वो भी शुद्ध देसी तरीका. इससे न केवल मिट्टी का कटाव और फसल की बर्बादी रुकी है, बल्कि खेतों को भी पानी मिल रहा है. ग्रामीणों का ये श्रमदान, अब पूरे गांव के लिए जीवनदान से कम नहीं है.

  • अगर किसान ने आत्महत्या की है, तो बीडीओ जिम्मेदार- जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई : विधायक गंगोत्री कुजूर

    चान्हो (रांची) : झारखंड की राजधानी रांची से 40 किमी की दूर चान्हो ब्लॉक के पतरातू गांव में किसान लखन महतो ने मनरेगा के तहत बनाये अपने ही कुआं में कूदकर जान दे दी. लखन पर डेढ़ लाख का कर्ज था. कर्ज ना चुका पाने के कारण लखन लगातार दबाव में थे. ...तो बच जाती लखन की जान

  • मानसून सत्र के आखिरी दिन, विरोध, नारेबाजी, इस्तीफा

    रांची : विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन हंगामा, नारेबाजी और इस्तीफा के साथ- साथ शून्य काल और ध्याणाकर्षण चला. पांच दिनों तक मानसून सत्र में चार विधेयक पास हुए. आखिरी दिन कोई विधेयक नहीं था. मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानसभा दो बार स्थगित हुआ, दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो शाम के 5 बजकर 20 मिनट तक चली.

  • रांची की राय : पांड्या सातवें और धौनी पांचवें पर उतरते तो हम फाइनल में होते...

    विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत , न्यूजीलैंड से 18 रन से हार गया. इस हार के साथ ही भारत विश्वकप 2019 से तो बाहर हुआ ही बेस्ट फिनिशर महेंद्र सिंह धौनी के बैटिंग आर्डर पर भी सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया से लेकर चौक चौराहों पर मैच की चर्चा है. चर्चा है कि अगर धौनी पहले उतरते तो क्या होता. धौनी के समर्थन में सचिन तेंदुलकर ने भी बयान दिया है और सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने भी धौनी के बैटिंग आर्डर पर सवाल उठाकर टीम मैनेजमेंट को कठघरे में खड़ा कर दिया है. इन परिस्थितियों में धौनी के बैटिंग आर्डर को लेकर उनके शहर रांची के लोग क्या सोचते हैं, यह जानने के लिए प्रभात खबर डॉट कॉम ने कुछ लोगों से बातचीत की-

  • मात्र 1000 रुपये के लिए मौत से खेलते हैं ये खिलाड़ी

    रांची : जगन्नाथ मेले में ही नहीं देश के किसी कोने में कोई मेला लगा है सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है मौत का खेल . मौत का कुंआ जहां अब बुलेट जैसी भारी भरकम गाड़िया चलने लगी है और दावा है कि यहां हम कोई भी गाड़ी चला सकते हैं चाहे वो कितनी भी भारी हो. इस खेल में खतरा है, रोमांच है , डर है शायद यही सब मिलकर इस खेल को लोकप्रिय बनाते हैं. रांची के जगन्नाथ मेले में मौत के कुएं का खेल चल रहा है. कई जवान लड़के इस खेल से दर्शकों में रोमांच पैदा कर रहे हैं.

  • बजट से उम्मीदें : व्यापारी वर्ग चाहता है आयकर भरना आसान हो, प्रोफेशनल की मदद ना लेनी पड़े

    रांची : इस बजट से व्यापारी वर्ग को भी ढेर सारी उम्मीदें हैं. इस बजट को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स क्या सोचता है, किन बातों पर चैंबर चाहता है कि सरकार ध्यान दे और सुधार करे. इन सवालों के साथ हमने चैंबर ऑफ कॉमर्स रांची के अध्यक्ष दीपक मारू और चैंबर के पूर्व अध्यक्ष रणजीत गाड़ोदिया से बातचीत की. हमसे बातचीत में उन्होंने कहा, चैंबर का काम ही है एसोसिएशन से जुड़ी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और समस्याओं को दूर करना. इस बार चैंबर पूरी तरह से रिफॉर्म के पक्ष में है. हमने अपनी बात रखी है कि आयकर भरने में सरलता होनी चाहिए.

  • डॉक्टर हड़ताल : क्या है रिम्स सहित निजी अस्पतालों का हाल

    रांची : डॉक्टरों पर हुए हमले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के आह्वान पर देशभर के हड़ताल पर हैं. आपात सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है. ओपीडी सेवा सहित गैर जरूरी सेवाएं सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए बंद रहेंगी. इस बंद का असर कई राज्यों में है. राज्य के सबसे अस्पताल रिम्स में भी मरीजों का हाल बेहाल रहा.

  • WorldEnvironmentDay : जानें झारखंड के पर्यावरण संरक्षक और उनके योगदान को

    विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर समस्याओं के साथ- साथ हमें इस सवाल का भी जवाब ढूंढ़ना चाहिए कि पर्यावरण की रक्षा कौन कर रहा है ? पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण के लिए मनाया जाता है, इसलिए हमें पर्यावरण की रक्षा करने वाले लोगों की भी तलाश करनी चाहिए, जिन्होंने पर्यावरण की रक्षा को लेकर कोई बड़ी पढ़ाई नहीं पढ़ी, उन्हें जागरुक करने के लिए किसी सेमिनार या बड़े लेख की जरूरत नहीं पड़ी.

  • रामटहल ने मानी हार कहा, राजनीति से नहीं लूंगा संन्यास

    रांची : रांची लोकसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार रामटहल चौधरी ने परिणाम जारी होने से पहले ही हार मान ली. उन्होंने प्रभात खबर डॉट कॉम से विशेष बातचीत में कहा, मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा और जनता के बीच रहूंगा. मुझे प्रचार का काम वक्त मिला. मैं निर्दलीय लड़ रहा था और मेरा चुनाव चिन्ह नया था. मुझे प्रचार का और वक्त मिलता तो बेहतर रिजल्ट होता.

  • आज का दिन है कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी, जानें आज का इतिहास

    नयी दिल्ली : साल के पांचवें महीने का दसवां दिन कई ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी है. आज ही के दिन बाबर ने पानीपत की लड़ाई जीतने के बाद देश की तत्कालीन राजधानी आगरा में कदम रखा और मुगल शासन की स्थापना करके हमारे देश का इतिहास भूगोल सब बदलकर रख दिया .

  • कहां हुआ भगवान बिरसा का जन्म ?

    रांची : जब आप गूगल से यह सवाल पूछेंगे कि भगवान बिरसा मुंडा का जन्म कहां हुआ ? गूगल आपको सीधे खूंटी जिले के उलिहातू का नाम बता देगा. इंटरनेट पर बिरसा कहां जन्में इसका सीधा से जवाब है, उलिहातू लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिरसा के जन्म स्थान को लेकर भी कई कहानियां हैं, विवाद है . बिरसा का जन्म चलकद में हुआ, बांबासिमाना में हुआ या उलिहातू में जवाब की तलाश में निकलेंगे तो आपके सामने कई और सवाल खड़े हो जायेंगे. अगर आप गांव के लोगों से यह सवाल पूछेंगे, तो कई कहानियों के साथ आपको जवाब मिलेगा. ये वही काहनियां हैं, जो गांवों में पीढ़ियों से चली आ रही है.

  • खूंटी के शहरी इलाकों में पत्थलगड़ी की नहीं, सर्जिकल स्ट्राइक की चर्चा

    खूंटी : खूंटी संसदीय क्षेत्र से भाजपा, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के 20 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया. अंतिम दिन 13 लोगों के नामांकन करने के कारण शाम पांच बजे तक नामांकन की प्रक्रिया चलती रही. खूंटी का मुद्दा दो भागों में बंटा है. एक ठेठ ग्रामीण इलाका जहां से पत्थलगड़ी का मुद्दा राष्ट्रीय - अतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया और दूसरा खूंटी का शहरी इलाका, जो राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर फैसला लेता है . इन शहरी मुद्दों में सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी और जीएसटी जैसे मुद्दे शामिल हैं. खूंटी में शहरी इलाके की आबादी लगभग 60 हजार है जबकि गांव छोटी- छोटी आबादी में बंटा है. कई गांव तक नेताओं का प्रचार नहीं पहुंच रहा है लेकिन शहर में घर- घर तक नेताओं की पहुंच है, पोस्टरबाजी हैं, रैली है, जनसभा है.

  • रांची लोकसभा के तीनों उम्मीदवारों ने भरा परचा, पढ़ें क्या है कार्यकर्ताओं का मिजाज

    रांची : रांची लोकसभा क्षेत्र के तीनों उम्मीदवारों ने आज नामांकन दाखिल किया. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय सेठ मोरहाबादी मैदान में एक जनसभा के बाद रोड शो करते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचें, तो महागठबंधन के उम्मीदवार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय रोड शो करते हुए नामांकन दाखिल करने पहुंचे.

  • गांव वालों ने श्रमदान से सींच दिया पूरा गांव

    रांची से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित आराकेरम गांव ओरमांझी के टुंडाहुली पंचायत के दो ऐसे गांव हैं जो ‘आदर्श ग्राम’ की श्रेणी में आते हैं. ये दोनों गांव श्रमदान की मिसाल पेश कर चुके हैं. प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बसे इस गांव में 110 घरों में लगभग 550 लोग रहते हैं. श्रमदान से ग्रामीणों ने एक साल में दोनों गांवों की तसवीर बदल दी है. आदर्श गांव का तमगा पाकर यह गांव रूका नहीं और निरंतर आगे बढ़ रहा है. इस गांव के लोग अब जल संचय के लिए काम कर रहे हैं.

  • लोकसभा चुनाव 2019 : क्या हैं गांव के मुद्दे ? ग्राउंड जीरों से जानें लोगों का मिजाज

    रांची : सिर्फ चुनावी रैली और जनसभाओं से राजनीतिक मुद्दों को समझना मुश्किल है. हम इन जनसभाओं के माध्यम से देश का मूड नहीं समझ सकते. हम सभी जानते हैं भारत गांवों का देश हैं और देश का मूड समझने के लिए गांव के मूड को समझना होगा, इस लोकसभा चुनाव में गांव क्या सोचता है? गांव किन मुद्दों पर मतदान करेगा? क्या इन पांच सालों में गांवों की पगडंडियों से होकर विकास पहुंचा या रास्ता भटक गया?

  • Lok Sabha Election: बोले युवा, जो रोजगार देगा उसे वोट देंगे

    रांची: लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची में 8.4 करोड़ मतदाता जुड़े हैं. 18 साल के नये मतदाता 1.5 करोड़ हैं. संख्या काफी अहम है. इस लोकसभा चुनाव में युवाओं को रिझाने में हर एक पार्टियां लगी है. इस चुनाव में उनके क्या मुद्दे हैं. युवा किन मुद्दों को आधार मानते हैं और क्या देख कर वोट करेंगे. युवाओं से उनके मुद्दे पर बात की प्रभात खबर डॉट कॉम ने.

  • रांची : STUDENTS के लिए वरदान है साइकिल शेयरिंग योजना

    रांची : चार्टड साइकिल को लेकर शहर में इन दिनों गजब का उत्साह है. ऑटो में सफर करने वाले लोग एप्स डाउनलोड कर साइकिल का आनंद ले रहे हैं, हालांकि कई लोग अब भी एप्स एक्टिव ना होने के कारण परेशान हैं. एप्स डाउनलोड करने के बाद अगर आप अपने बैंक डिटेल और पैसे नहीं देना चाहते तो एप्स इंस्टॉल करने के बाद आपको ग्राहक सेवा केंद्र के नंबर 09727247247 पर कॉल कर सकते हैं. ज्यादातर लोग एप्स एक्टिव करने के लिए इस नंबर पर कॉल कर रहे हैं लेकिन ग्राहक सेवा के प्रतिनिधि व्यस्त है. कई लोग घंटों वहां कॉल करते रहे लेकिन नंबर नहीं लग रहा है. दूसरी तरफ जिन लोगों ने एप्स एक्टिव कर लिया है वह साइकलिंग का मजा ले रहे हैं. साइकिल इस्तेमाल करने वालों में ज्यादातर युवा और छात्र हैं.

  • VIDEO: रांची में होने वाले वनडे मैच के टिकट की कालाबाजारी, जानिये क्या है रेट

    रांची : 8 मार्च को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची के जेएससीए स्टेडियम में वनडे मैच खेला जायेगा. इसे लेकर टिकट की बिक्री शुरू हुई तो पहले दिन से ही टिकट खिड़की पर क्रिकेट के दिवानों की लंबी कतार नजर आयी. अबतक 24 हजार से ज्यादा टिकट बेचे जाने का दावा है लेकिन अबतक कतार में लोग इस दावे को मानने के लिए तैयार नहीं है. मैच देखने के लिए झारखंड के अलग - अलग शहर से लोग टिकट के लिए कतार में खड़े हैं. टिकट के लिए कतार में लोग सुबह 3.30 बजे से लग जाते हैं. आज भी लोग खड़े रहे लेकिन कई लोग टिकट लेने में सफल नहीं रहे.

  • #RIPBraveHearts : शहादत से झारखंड का नाता है पुराना

    कभी सीमा पार से हो रही गोलीबारी में, कभी सोते वक्त अचानक हुए हमले में, कभी गाड़ी पर हुए बम धमाके में, कभी छुपकर कायरों की तरह किये गये हमले में. कभी सीमा पार से आये आतंकी, तो कभी देश के अंदर से अपने ही रास्ता भटके हुए लोगों के हमले में हमारे कई जवान शहीद होते हैं. जब जब जवान शहीद होते हैं, तब हमें तकलीफ होती है.. हर बार दर्द के साथ गुस्सा होता है. सभी के मन में एक ही सवाल है उन आतंकियों को क्या जवाब देंगे, कैसे जवाब देंगे और कब जवाब देंगे. खबर है कि पुलवामा में ही जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराया गया. कामरान वही आतंकी है जो पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था