अनुज कुमार सिन्‍हा

  • झारखंड की राजनीति का फ्लैश बैक : एक ऐसा चुनाव जिसमें पुत्र ने पिता को ही हरा दिया था

    झारखंड के राजनीतिक इतिहास में कुछ ऐसे अवसर आये हैं, जब पिता आैर पुत्र ने एक ही चुनाव में अलग-अलग क्षेत्र से चुनाव ताे लड़ा है लेेकिन एक ही सीट पर पिता आैर पुत्र एक-दूसरे के खिलाफ सिर्फ एक बार मैदान में उतरे हैं.

  • झारखंड की राजनीति का फ्लैश बैक : एक ऐसा चुनाव जिसमें पुत्र ने पिता को ही हरा दिया था

    झारखंड के राजनीतिक इतिहास में कुछ ऐसे अवसर आये हैं, जब पिता आैर पुत्र ने एक ही चुनाव में अलग-अलग क्षेत्र से चुनाव ताे लड़ा है लेेकिन एक ही सीट पर पिता आैर पुत्र एक-दूसरे के खिलाफ सिर्फ एक बार मैदान में उतरे हैं.

  • छह सीटाें से चुनाव लड़े थे राजा साहब चार जीते, दाे पर मिली थी शिकस्त

    अनुज कुमार सिन्हा, रांची : काेई प्रत्याशी एक चुनाव में चार सीटाें से विजयी हाे जाये, ताे उसकी लाेकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है. 1951-52 में बिहार विधानसभा के लिए चुनाव हाे रहा था. रामगढ़ राजा कामाख्या नारायण सिंह ने छाेटानागपुर-संतालपरगना जनता पार्टी नामक नया दल बनाया था. चुनाव में वे छह सीटाें से खुद प्रत्याशी थे.

  • शोध संस्थान बना कर बिरसा मुंडा की यादों को संकलित करना होगा

    नाै जून यानी भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि. यह वह दिन है जिस दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बड़े आदिवासी नायक बिरसा मुंडा ने रांची जेल में अंतिम सांस ली थी. रांची जेल में आज भी उनकी यादें बची हैं.

  • शोध संस्थान बना कर बिरसा मुंडा की यादों को संकलित करना होगा

    नाै जून यानी भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि. यह वह दिन है जिस दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के बड़े आदिवासी नायक बिरसा मुंडा ने रांची जेल में अंतिम सांस ली थी. रांची जेल में आज भी उनकी यादें बची हैं.

  • पर्यावरण दिवस पर विशेष: अब भी वक्त है सुधरने का नहीं सुधरे, तो जायेगी जान

    हाल ही की खबर है कि राजस्थान के चुरू में तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला गया था. देश के कई हिस्साें में 47-48 डिग्री तक की खबरें आती रही हैं. यह प्रकृति की आेर से मानव जाति काे सुधरने की गंभीर चेतावनी है. ऐसा कई आैर संकेत प्रकृति लगातार दे रहा है. पानी का गंभीर संकट दिख रहा है. हजार फीट बाेरिंग करने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है.

  • पर्यावरण दिवस पर विशेष : अब भी वक्त है सुधरने का नहीं सुधरे, ताे जायेगी जान

    हाल ही की खबर है कि राजस्थान के चुरू में तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला गया था. देश के कई हिस्साें में 47-48 डिग्री तक की खबरें आती रही हैं. यह प्रकृति की आेर से मानव जाति काे सुधरने की गंभीर चेतावनी है. ऐसा कई और संकेत प्रकृति लगातार दे रहा है. पानी का गंभीर संकट दिख रहा है. हजार फीट बाेरिंग करने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा है. पानी के लिए संघर्ष हाे रहा है.

  • इस जीत का संदेश

    अनुज कुमार सिन्हा : भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी की है. माेदी लहर या माेदी की सुनामी से भी आगे बढ़ कर. तीन साै पार का लक्ष्य लिया ताे उसे पूरा भी किया. जिस रणनीति से माेदी आैर शाह मैदान में उतरे, यह उसी का नतीजा है कि कई राज्याें में कांग्रेस खाता भी नहीं खाेल सकी.

  • जान देना हल नहीं

    रांची में 12वीं की परीक्षा में एक छात्रा काे गणित में कम अंक आये (हालांकि वह परीक्षा पास कर गयी थी), पिता ने डांटा ताे उस छात्रा ने ऊंचे भवन से कूद कर जान दे दी. घटना बेचैन करनेवाली है. आज हालात ऐसे हाे गये हैं, जहां किसी छाेटी सी घटना पर भी काैन, कहां और कब जान दे दे, काेई नहीं कह सकता. कारण धैर्य, संयम और हार काे स्वीकारने की क्षमता का अभाव. बहुत कहना मुश्किल है कि दाेषी काैन? छात्र-छात्रा, माता-पिता या पूरी व्यवस्था.

  • जान देना हल नहीं

    रांची में 12वीं की परीक्षा में एक छात्रा काे गणित में कम अंक आये (हालांकि वह परीक्षा पास कर गयी थी), पिता ने डांटा ताे उस छात्रा ने ऊंचे भवन से कूद कर जान दे दी. घटना बेचैन करनेवाली है. आज हालात ऐसे हाे गये हैं, जहां किसी छाेटी सी घटना पर भी काैन, कहां और कब जान दे दे, काेई नहीं कह सकता. कारण धैर्य, संयम और हार काे स्वीकारने की क्षमता का अभाव. बहुत कहना मुश्किल है कि दाेषी काैन? छात्र-छात्रा, माता-पिता या पूरी व्यवस्था.

  • प्रभात खबर से विशेष बातचीत में बोले अमित शाह, पाकिस्तान का एक ही इलाज, सर्जिकल स्ट्राइक जैसी बड़ी कार्रवाई

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आठ मई काे चुनावी दाैरे पर झारखंड आये. रांची से वह धनबाद आैर जमशेदपुर भी गये. अमित शाह एक-एक दिन में चार-पांच रैलियाें काे संबाेधित कर रहे हैं. देश का काेई ऐसा काेना नहीं बचा है, जहां वह इस चुनाव में नहीं गये. जमशेदपुर की सभा उनकी 297वीं सभा थी. प्रभात खबर ने इस चुनाव के मुद्दे, संभावित चुनाव परिणाम, विपक्ष के आराेप, झारखंड, बिहार और बंगाल में हाे रहे चुनाव, पाकिस्तान के खिलाफ की गयी सर्जिकल स्ट्राइक आदि पर बात की. अमित शाह के पास समय का अभाव था.

  • मौत से डरना क्या, मैं पारी खेल चुका

    डॉ कृष्णकांत सिन्हा (लोगों के लिए प्रचलित नाम डॉ केके सिन्हा) ने इंटरव्यू में कहा था, अब मौत से क्या डरना, मैं तो अपनी पूरी पारी खेल चुका हूं. और अपने कहे अनुसार उसी अंदाज में वे हमारे बीच से विदा हुए. आखिरी सांस तक अपने काम के प्रति समर्पित रहे. बचपन से डॉ के के सिन्हा का नाम सुना था.

  • श्रद्धांजलि: जब नहीं दिखती थी कहीं कोई उम्मीद, तब याद आते थे डॉ केके सिन्हा

    रांची के वरिष्ठ न्यूरो फिजिशियन डॉ केके सिन्हा का आज सुबह निधन हो गया. वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और कल ही उन्हें मेडिका अस्पताल से घर वापस भेजा गया था. उनका निधन ना सिर्फ चिकित्सा जगत के लिए भारी क्षति है, बल्कि उनके जाने से रांची से अपने एक सपूत को खो दिया है. रांची में उनका प्रभाव कितना था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रांची के बरियातु में जहां उनका आवास और क्लिनिक था उस जगह को ही लोग केके सिन्हा के नाम से जानते और पहचानते हैं.

  • संदर्भ : पत्नी-बच्‍चों की हत्या बूढ़ी मां को अलग कर देने का, असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा

    चुनाव के माहाैल में दाे बड़ी खबरें दब गयी हैं. दाेनाें घटनाएं झारखंड से जुड़ी हैं आैर समाज में व्याप्त असंवेदनशीलता-निराशा काे दर्शाती हैं. पहली घटना है : जमशेदपुर का एक युवक नाैकरी खत्म हाेने के बाद अपनी पत्नी आैर तीन बच्चाें की हत्या कर भाग जाता है. दूसरी घटना है धनबाद की. बेटा-बहू ऊपर की मंजिल पर रहते हैं, बूढ़ी मां नीचे के तल्ले में अकेले. बेटे आैर बहू काे दाे दिन बाद मां की माैत का तब पता चलता है, जब शव का गंध फैलता है. दाेनाें घटनाएं समाज काे बेचैन करनेवाली हैं.

  • लखनऊ : पहले भी भाजपा के शीर्ष नेताओं को घेरने की हुई कोशिश, 1991-2004 तक लगातार अटल वाजपेयी यहां से जीतते रहे

    लखनऊ से देश के गृहमंत्री और भाजपा के बड़े नेता राजनाथ सिंह चुनाव मैदान में हैं. उन्हें घेरने के लिए समाजवादी पार्टी ने शत्रुघन सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उतारने का फैसला किया है. पूनम सिन्हा 1968 में मिस यंग इंडिया रह चुकी हैं. फिल्म में काम कर चुकी हैं. चुनाव लड़ने के लिए वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुकी हैं. इधर शत्रुघन सिन्हा पटना साहिब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

  • लखनऊ : पहले भी भाजपा के शीर्ष नेताओं को घेरने की हुई कोशिश, 1991-2004 तक लगातार अटल वाजपेयी यहां से जीतते रहे

    लखनऊ से देश के गृहमंत्री और भाजपा के बड़े नेता राजनाथ सिंह चुनाव मैदान में हैं. उन्हें घेरने के लिए समाजवादी पार्टी ने शत्रुघन सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उतारने का फैसला किया है. पूनम सिन्हा 1968 में मिस यंग इंडिया रह चुकी हैं. फिल्म में काम कर चुकी हैं. चुनाव लड़ने के लिए वे समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुकी हैं. इधर शत्रुघन सिन्हा पटना साहिब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

  • राजनीति में किसी क्रिकेटर ने खेली लंबी पारी, तो कोई हो गया जीरो पर आउट, जानें

    रांची : क्रिकेट खिलाड़ियाें का राजनीति मेें आना काेई नयी बात नहीं है. देश-दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जाे क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में गये और विधायक-सांसद के साथ-साथ मंत्री-प्रधानमंत्री (विदेश में) तक बने.

  • राजनीति में किसी क्रिकेटर ने खेली लंबी पारी, तो कोई हो गया जीरो पर आउट, जानें

    रांची : क्रिकेट खिलाड़ियाें का राजनीति मेें आना काेई नयी बात नहीं है. देश-दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जाे क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में गये और विधायक-सांसद के साथ-साथ मंत्री-प्रधानमंत्री (विदेश में) तक बने.

  • राजनीति में किसी क्रिकेटर ने खेली लंबी पारी, तो कोई हो गया जीरो पर आउट, जानें

    रांची : क्रिकेट खिलाड़ियाें का राजनीति मेें आना काेई नयी बात नहीं है. देश-दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जाे क्रिकेट में नाम कमाने के बाद राजनीति में गये और विधायक-सांसद के साथ-साथ मंत्री-प्रधानमंत्री (विदेश में) तक बने.

  • .....जब 1984 में पूरे देश की निगाहें टिकी थीं अमेठी चुनाव पर, टकराये थे राजीव गांधी व मेनका

    रांची : चुनाव में दिग्गजाें का टकराना काेई नयी बात नहीं है. इतिहास बताता है कि भारत के चुनाव में एक से एक राेचक मुकाबले हुए हैं. जवाहरलाल नेहरू-राममनाेहर लाेहिया (फूलपुर), साेनिया गांधी-सुषमा स्वराज (बेल्लारी), इंदिरा गांधी-राजनारायण (रायबरेली), अमिताभ बच्चन-हेमवतीनंदन बहुगुणा (इलाहाबाद), लालकृष्ण आडवाणी-राजेश खन्ना (दिल्ली) के बीच के मुकाबले ताे चर्चित रहे हैं.