आकार पटेल

  • मोबाइल हैकिंग के और भी हैं पहलू

    व्हॉट्सएप के द्वारा भारतीयों पर किये गये हैक को समझने के लिए हमें कुछ चीजों पर गौर करना होगा. पहली, व्हॉट्सएप के स्वामी फेसबुक द्वारा इस हैक की दोषी कंपनी को अमेरिका की अदालत में ले जाया गया है. इस इस्राइली कंपनी का नाम ‘एनएसओ ग्रुप’ है, जिसने अपने प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं को विश्वभर में 1,400 और संभवतः उससे भी अधिक मोबाइल फोनों को मिस्ड कॉल के जरिये हैक करने में समर्थ बनाया. यह घटना इसी वर्ष 29 अप्रैल से लेकर 10 मई के बीच हुई. यहां ध्यान रखने की अहम बात यह है कि एनएसओ ग्रुप की सभी उपयोगकर्ता विभिन्न देशों की सरकारें ही हैं.

  • आतंक पर लगाम लगाये पाकिस्तान

    वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को फिर चार माह की मोहलत दी गयी है, ताकि वह धन शोधन एवं आतंकवाद का वित्तपोषण रोकने पर कड़ाई से अमल कर सके. जून 2018 में जब उसके द्वारा मजबूत कार्रवाई हेतु एक अवधि तय की गयी थी, तब से उसने इन मोर्चों पर कुछ प्रगति तो दर्शायी, पर अधिकतर कसौटियों पर वह खरा नहीं उतर सका. एफएटीएफ ने कहा कि ‘अब तक इस दिशा में पाकिस्तान द्वारा किये गये अधिकतर कार्यों ने 27 कार्रवाई बिंदुओं में से केवल पांच को ही संबोधित किया है, जबकि कार्यसूची के शेष हिस्से पर उसने कमोबेश प्रगति ही की है.’

  • भविष्य की एक दिलचस्प झलक

    एक पुराना चुटकुला है कि भविष्य के विषय में भविष्यवाणी कठिन है. मगर एक ऐसा तरीका है, जिसके द्वारा हम परिवर्तन दर की भविष्यवाणी कर सकते हैं. इसे सुप्रसिद्ध कंप्यूटर चिप कंपनी ‘इंटेल’ के संस्थापक गॉर्डन मूर के नाम पर ‘मूर का नियम’ कहते हैं.

  • बदल रही है युद्ध प्रणाली

    अखबारों से पता चला कि भारतीय वायु सेना 200 लड़ाकू विमान और लेना चाहती है और इस संबंध में विभिन्न उपलब्ध विकल्पों पर गौर किया जा रहा है.

  • आतंक के विरुद्ध खड़ा होना जरूरी

    चेग्वेरा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी थे. शिक्षा से वे एक डॉक्टर थे, जिन्हें आज पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों द्वारा एक क्रांतिकारी के रूप में पूजा जाता है.

  • विकास की गति तेज करनी होगी

    इस वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केवल पांच प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो पिछले छह वर्षों में न्यूनतम है. मेक इन इंडिया मुहिम के सिरमौर मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) क्षेत्र में तो सिर्फ एक प्रतिशत की ही बढ़त रही. छह वर्षों के दौरान यह लगातार दूसरी तिमाही है, जब हमारी जीडीपी वृद्धि छह प्रतिशत से कम रही है, जबकि इसकी गणना के लिए सरकार अब जो विधि प्रयुक्त कर रही है, उसे सरकार के ही पूर्व आर्थिक सलाहकार समेत अन्य कई अर्थशास्त्री त्रुटिपूर्ण मानते रहे हैं.

  • सशस्त्र बलों की कई मोर्चों पर चुनौतियां

    वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में हमने जितने सैन्यकर्मी खोये, पिछले 20 वर्षों के दौरान देश के आंतरिक संघर्षों में उसकी तीन गुनी तादाद में हमारे सैन्यकर्मी वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं. इसी तरह, यदि कारगिल की लड़ाई से तुलना करें, तो उसमें शहीद हुए भारतीय सैन्यकर्मियों से छह गुनी संख्या में वे कश्मीर, पूर्वोत्तर के आतंकवादियों और विद्रोहियों के साथ संघर्ष में और मध्य भारत के नक्सली क्षेत्रों में हुई हिंसक घटनाओं में शहादत पा चुके हैं.

  • आतंकवाद पर नकेल का नया उपाय

    भारत ने अपने आतंकवाद रोधी कानून- ‘गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए)-को संशोधित किया है. ऐसे कानून राज्य को इस हेतु अधिकृत करते हैं कि वह बगैर स्पष्ट आरोप के किसी व्यक्ति को हिरासत में ले सके. इनके अंतर्गत आरोपितों के लिए जमानत हासिल कर पाना भी कठिन हो जाता है.

  • हमारी सकारात्मक अंतरिक्ष पहल

    पचास वर्ष पूर्व 24 जुलाई, 1969 को अमेरिका का अपोलो-11 यान चंद्रमा की यात्रा से लौट आया. उसके तीन अंतरिक्षयात्री, पायलट माइकल कोलिंस, एडविन एल्ड्रिन तथा कमांडर नील आर्मस्ट्रांग को फ्लोरिडा से उड़कर चंद्रमा तक की अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौट आने में कुल आठ दिन लगे.

  • वैश्विक नवोन्मेष और भारत

    कुछ सप्ताह पहले, भारत में स्मार्टफोन उद्योग के संबंध में रिपोर्टें प्रकाशित हुई थीं, जो बड़ी वार्षिक वृद्धि एवं विशाल उपभोग परिमाण के आधार पर उपभोक्ता-अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों में एक है. भारत के स्मार्टफोन बाजार का नेतृत्व एक चीनी कंपनी जिओमी कर रही है, जिसका इस बाजार के 30 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा है.

  • नुकसानदेह है अमेरिका-ईरान संघर्ष

    पिछले सप्ताह अमेरिका ने ईरान पर हमले की घोषणा की और फिर उसे वापस ले लिया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब मुझे यह बताया गया कि इन हमलों के नतीजे में लगभग 150 ईरानियों की मृत्यु हो सकती है, तो मैंने ये हमले स्थगित कर दिये. उन्होंने इन हमलों के आदेश इसलिए दिये थे कि ईरान ने अपनी सीमा के निकट एक अमेरिकी सैन्य ड्रोन मार गिराया था.

  • अजीम प्रेमजी का परोपकारी व्यक्तित्व

    धनी व्यक्ति को अपनी संपति समाज को वापस सौंप देना चाहिए और उसे धनवान के रूप में नहीं मरना चाहिए, यह विचार एंड्र्यू कार्नेगी का है. कार्नेगी एक अमेरिकी उद्यमी थी, वे खुद के बूते बने थे और उन्होंने इस्पात का साम्राज्य खड़ा किया था. उन्होंने 35 वर्ष की उम्र से अपनी संपत्ति दान करना शुरू कर दिया था. सौ वर्ष पूर्व 1919 में उनकी मृत्यु हो गयी और उस समय तक उन्होंने अपनी कुल संपत्ति का 90 प्रतिशत दान में दे दिया था.

  • हार से सबक लेकर उठायें कदम

    आकार पटेल कार्यकारी निदेशक,एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया delhi@prabhatkhabar.

  • रूढ़िवादिता और संवैधानिक सुधार

    साल 1948 में हिंदू कोड बिल का प्रस्ताव पेश करते हुए भीमराव आंबेडकर ने इस विधेयक के मुख्य मुद्दे के रूप में उत्तराधिकार को रेखांकित किया था. हिंदू उत्तराधिकार कानून दो परंपराओं से आया था, जिन्हें मिताक्षरा और दायभाग के रूप में जाना जाता है. मिताक्षरा के अनुसार, एक हिंदू पुरुष की संपत्ति उसकी नहीं होती है. इसका साझा स्वामित्व पिता, पुत्र, पौत्र और प्रपौत्र का होता है. इन सभी का संपत्ति पर जन्मसिद्ध अधिकार होता है.

  • पार्टियां और उसकी सदस्यता

    जब आप भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाते हैं, तो आपको वहां एक संदेश मिलता है, जिसमें कहा गया है कि ''विश्व के सबसे बड़े दल की वेबसाइट पर आपका स्वागत है.'' भाजपा के 10 करोड़ सदस्य हैं. तकरीबरन 10 वयस्क भारतीय में से एक भाजपा का सदस्य है. यह एक चौंका देनेवाला आंकड़ा है. वर्ष 2014 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को 16 करोड़ मत मिले थे और उनमें अधिकांश हिस्सा भाजपा का था.

  • शैक्षिक योग्यता और कामकाज

    एक नेता को कितना शिक्षित होना चाहिए और उसमें बौद्धिक सुसंगति के अभाव के क्या नतीजे हो सकते हैं? कांग्रेस मजाक उड़ा रही है कि स्मृति ईरानी ने कभी किसी कॉलेज में दाखिला नहीं लिया. उन्होंने एक पत्राचार पाठ्यक्रम में अपना नामांकन तो कराया था, पर वे उसे पूरा न कर सकीं.

  • संवैधानिक अधिकारों के रक्षक

    आगामी कुछ ही महीनों में एक बड़े गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के प्रमुख के रूप में मेरा कार्यकाल समाप्त हो जायेगा. मैंने सोचा कि मुझे इस क्षेत्र के बारे में लिखना चाहिए और अपने सुधी पाठकों को बताना चाहिए कि पिछले चार वर्षों तक यहां काम करने के दौरान मैंने क्या-क्या सीखा और क्या-क्या पाया.

  • घातक है नफरत की संस्कृति

    शुक्रवार (15 मार्च, 2019) को रेडियो पर समाचार सुनते हुए मुझे न्यूजीलैंड में हुए नरसंहार के बारे में पता चला. संवाददाता स्थानीय मुस्लिमों से उनकी प्रतिक्रिया ले रहे थे और साफ तौर पर वे आवाजें दक्षिण एशियाई थीं. शनिवार सुबह एक समाचारपत्र की रिपोर्ट में बताया गया था कि हमले के बाद लापता हुए लोगों में अहमदाबाद और हैदराबाद के नौ भारतीय शामिल हैं.

  • पाक से प्रतिद्वंद्विता के प्रभाव

    मैं स्पष्ट रूप से उन गिने-चुने भारतीय में से हूं, जो पिछले सप्ताह हुई घटनाओं से उत्साहित नहीं हैं. मेरा आशय पाकिस्तान पर हवाई हमले, उसकी प्रतिक्रिया और फिर वायुसेना के पायलट के साथ हुए प्रकरण से है. इसके कई कारण हैं और कुछ कारण ऐसे हैं, जिनसे आप असहमत भी हो सकते हैं.

  • पुलवामा आतंकी हमले के मायने

    जैशे-मोहम्मद मतलब मोहम्मद की सेना. यह आश्चर्यजनक है, क्योंकि इस्लाम के पैगम्बर की जीत की कोई आकांक्षा नहीं थी. अरब का विस्तार मोहम्मद की मृत्यु के बाद खलीफाओं, विशेषकर उमर के दौर में शुरू हुआ.