आरके सिन्हा

  • चीन से सीखें, आबादी रोकें

    सत्रहवीं लोकसभा चुनाव की सारी प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है और केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने अपना कामकाज फिर से शुरू कर दिया है. यूं तो इस सरकार को देश हित में बहुत से अहम निर्णय लेने हैं, यदि सरकार देश में आबादी को रोकने के लिए भी कोई ठोस नीति लेकर आये, तो इसका स्वागत ही होगा.

  • असल मुद्दा तो अछूता ही है

    लोकसभा चुनावों का प्रचार सारे देश में जोर पकड़ चुका है. हर पक्ष दूसरे पर जनता को छलने का आरोप लगा रहा है. ये सत्तासीन होने पर आसमान से सितारे तोड़ कर लाने के अलावा तमाम अन्य संभव-असंभव वादे भी कर रहे हैं.

  • क्यों घुटनों के बल आया पाक

    विंग कमांडर अभिनंदन भारत लौट आये हैं. भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान का पायलट, जो शत्रु के घर पर हमला करता है, उसकी तुरंत दो दिनों के अंदर स्वदेश वापसी का हो जाना हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. यह नये भारत का असर है कि पाकिस्तान ने घुटने टेककर अभिनंदन को ससम्मान भारत भेज दिया.

  • सांप्रदायिक चश्मे से न देखें संस्कृत को

    देश का वातावरण इस हद तक विषाक्त हो चुका है कि अब संस्कृत भाषा को भी सांप्रदायिकता के चश्मे से देखा जा रहा है. अब केंद्रीय विद्यालयों में प्रतिदिन सुबह होनेवाली प्रार्थना पर भी निशाना साधा जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह संस्कृत प्रार्थना धर्मनिरपेक्ष भारत में नहीं होनी चाहिए. वह दिन दूर नहीं है, जब केंद्रीय विद्यालय के ध्येय वाक्य पर भी सवाल खड़े किये जायेंगे.

  • अपने देश से जुड़े प्रवासी भारतीय

    पंद्रहवां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 21 जनवरी से वाराणसी में उस समय शुरू हुआ है, जब अमेरिका में बसी दो भारतीय मूल की महिलाओं की चर्चा विश्वभर में हो रही है. पहली गीता गोपीनाथ हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अध्यक्ष का पद संभाल लिया है.

  • सही है सवर्णों को आरक्षण देना

    नरेंद्र मोदी सरकार ने अंततः सवर्ण जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देकर एक पुरानी और जायज मांग को मान लिया है. इस फैसले से उन करोड़ों सवर्ण हिंदुओं को भी कुछ राहत मिल सकेगी, जो पीढ़ियों से निर्धनता का जीवन जीने को अभिशप्त हैं.

  • शिष्टाचार की प्रतिमूर्ति एनडी तिवारी

    उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई बार मुख्यमंत्री रहे एवं भारत सरकार के वित्त मंत्री और विदेश मंत्री जैसे पदों पर रहे पंडित नारायण दत्त तिवारी लगातार पांच दशकों से ज्यादा सेवा देनेवाले देश के मूर्धन्य राजनीतिज्ञ, विद्वान, चिंतक और प्रखर वक्ता थे. उनके देहावसान के साथ भारतीय राजनीति के एक महान नक्षत्र का अवसान हो गया.

  • उत्तर भारतीयों का भी है भारत

    गुजरात में पिछली 28 सितंबर को अहमदाबाद से सौ किमी दूर बनासकांठा के हिम्मतनगर शहर के पास एक दुधमुंही बच्ची के साथ बलात्कार की घटना के बाद वहां के बहुत से हिस्से में बिहारी और उत्तर प्रदेश के मजदूरों के साथ योजनाबद्ध तरीके से मारपीट होती रही. मारपीट से डरे-सहमे अपनी जान बचाने के लिए अब तक पचास हजार से ज्यादा उत्तर भारतीय श्रमिक अपने घरों को लौट गये हैं.

  • नियमित हों कॉलेज शिक्षक

    अब देशभर के कॉलेजों में नये सत्र के लिए विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. प्रमुख विश्वविद्यालयों के नामी कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए जबरदस्त मारामारी है. नब्बे फीसदी से अधिक अंक लानेवाले छात्र-छात्राओं को भी यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें उनकी पसंद के कॉलेज और विषय में दाखिला मिल ही जायेगा. यह तस्वीर का एक पक्ष है. दूसरा पक्ष भयावह है. उसे जानकर अंधकारमय भविष्य की चिंता होने लगती है.

  • ‘एक अदद आइडिया’ का मामला

    चंडीगढ़ से संबंध रखनेवाले सचिन बंसल ने बीते दिनों तब हंगामा खड़ा कर दिया था, जब उन्होंने अपनी कंपनी फ्लिपकार्ट में अपनी हिस्सेदारी को लगभग तीन हजार करोड़ रुपये में अमेरिका की वॉलमार्ट कंपनी को बेच दिया.