शशांक

  • अमेरिका समझे भारत का पक्ष

    हमारे विदेश सचिव विजय गोखले अमेरिका गये हुए हैं और वहां के विदेश मंत्री माइक पांपियो से बातचीत हुई है. यह भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण बात है. मुझे लगता है अमेरिका ने अपना स्तर बढ़ाकर हमारे विदेश सचिव से बात की है.

  • अहम हैं भारत-चीन संबंध

    हाल में दिये गये अपने भाषण में चीनी राष्ट्रपति ने ताइवान और ति ब्बत के मद्देनजर एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है. चीन के अंदर सक्रिय अलगाववादियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने संप्रभुता के लि ए किसी भी संघर्ष तक जाने की बात कही है. दरअसल, हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ताइवान के साथ ऊंचे स्तर पर संबंधों को मजबूत कर ने की कोशिश की है. ताइवान के नागरिकों के बीच अमेरिका संपर्क बढ़ाने की कोशिश में है. दोनों के बीच मीटिंग और हथियारों के बेचने के प्रबंध जैसी बातें सामने आयी हैं. दलाई लामा को लेकर चीन की अलग चिंता रहती है.

  • भारत-वियतनाम साथ-साथ

    भारत ने बीते 26 जनवरी को आसियान देशों के दस प्रमुख नेताओं को अपना मेहमान बनाया था. इसे एक्ट ईस्ट पॉलिसी का ही एक हिस्सा माना जा सकता है, जिसमें खास तौर से वियतनाम के साथ भारत के बहुत पुराने संबंध रहे हैं. कहा जाता है कि वियतनाम के फ्रीडम फाइटर भी एक जमाने में भारत के फ्रीडम फाइटरों के संपर्क में रहते थे.